Basti News: टप्पेबाजों ने उड़ाए थे प्रापर्टी डीलर के रुपये, तीन गिरफ्तार
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि आंबेडकरनगर से 11 बदमाशों का गिरोह कुछ महीने से शहर में सक्रिय था। उन लोगों ने 20 अक्तूबर को बैंक से रुपये निकालकर लौटे प्रापर्टी डीलर अवधेश, निवासी केंवचा, थाना कलवारी की बाइक में बड़ेवन कोर्ट एरिया में एसबीआई की शाखा के सामने टक्कर मार दी।
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बस्ती शहर के बड़ेवन एसबीआई शाखा के सामने 20 अक्तूबर को प्रापर्टी डीलर के साथ हुई 2.85 लाख रुपये की टप्पेबाजी की घटना को आंबेडकरनगर के गिरोह ने अंजाम दिया था। बृहस्पतिवार को गिरोह के तीन टप्पेबाजों को कोतवाली पुलिस ने स्वाट टीम के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 17 हजार 300 रुपये नकद व दो बाइकों को बरामद किया है।
पूछताछ में पता चला कि गिरोह में 11 सदस्य हैं, जो जिले के अलग-अलग स्थानों पर टप्पेबाजी व चेन स्नेचिंग की घटना को अंजाम दे रहे थे। पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ में ऐसी तीन अन्य घटनाओं के बारे में भी पर्दाफाश हुआ।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि आंबेडकरनगर से 11 बदमाशों का गिरोह कुछ महीने से शहर में सक्रिय था। उन लोगों ने 20 अक्तूबर को बैंक से रुपये निकालकर लौटे प्रापर्टी डीलर अवधेश, निवासी केंवचा, थाना कलवारी की बाइक में बड़ेवन कोर्ट एरिया में एसबीआई की शाखा के सामने टक्कर मार दी। उनके साथ दूसरी बाइक से पीछे से आए अन्य टप्पेबाजों ने टक्कर मारने वाले टप्पेबाज की बाइक में टक्कर मार दी। दोनों बाइक गिरने के बाद भीड़ जुट गई। इसी बीच बाइक के बैग में रखे दो लाख 85 हजार रुपये निकाल लिए गए थे।
एसपी ने बताया कि इस मामले के पर्दाफाश के लिए कोतवाल शशांक शेखर राय और उनके सहयोगियों के अलावा स्वाट टीम को भी लगाया। इन टीमों ने मुखबिरों के जरिए आसपास के जनपदों में हुई टप्पेबाजी की घटना में पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। पता लगा कि आंबेडकरनगर के टप्पेबाज इन दिनों सक्रिय हैं।
मुखबिरों की सूचना पर बृहस्पतिवार को शहर के अमहट पुल के पास शराब की दुकान के करीब से दो बाइक पर सवार तीन संदिग्धों को पकड़ा गया। उन्होंने पूछताछ में अपना नाम मोनू, अर्जुन व विनोद, निवासी शाहपुर, थाना जलालपुर, आंबेडकरनगर बताया। तीनों ने प्रापर्टी डीलर के साथ टप्पेबाजी की घटना को कबूल किया।
इन घटनाओं का भी हुआ पर्दाफाश
कोतवाल शशांक शेखर राय ने बताया कि पकड़े गए मोनू, अर्जुन और विनोद ने चेन स्नेचिंग और एटीएम कार्ड छीनकर रुपये निकालने की तीन अन्य घटनाओं को कबूल किया है। इसी गिरोह के सदस्यों ने कोतवाली थाने के सुपेलवा में 30 अगस्त को हरिश्चंद्र की दुकान पर बैठी उनकी पत्नी से सामान खरीदने के बहाने गले से चेन छीन ली थी।
17 सितंबर को इसी थाने के बढ़या पुल के पास गोपाल चौधरी निवासी बरगदवा थाना कोतवाली की पत्नी के गले से चेन छीन ली थी। गोपाल चौधरी अपनी पत्नी को स्कूटी पर बैठाकर जा रहे थे। इसके अलावा छावनी थाने के खानकला निवासी सकीना बानो से 12 अक्तूबर को एटीएम से रकम निकालकर जाते समय रुपये छीनकर भागे थे।
विनोद है टप्पेबाजों के गिरोह का सरगना
पुलिस की नींद हराम करने वाले टप्पेबाजों के 11 सदस्यीय गिरोह का सरगना विनोद है। पुलिस का कहना है कि विनोद के इशारे पर ही गिरोह के बाकी सदस्य वारदातों को अंजाम देते थे। 27 वर्ष के इस बदमाश की करतूतों की फेहरिस्त लंबी है। इसने दो वर्ष पहले आंबेडकरनगर के टांडा थानाक्षेत्र के सलेमपुर में दिलीप सोनी की आभूषण की दुकान में 20 ग्राम सोने के आभूषण का डिब्बा चुराया था।
13 दिसंबर 2020 की उस वारदात में विनोद को गिरफ्तार किया गया था। वहां से छूटने के बाद गांव के ही मोनू, अर्जुन और आसपास के युवाओं को बरगला कर गिरोह तैयार किया। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस गिरोह ने आसपास के कई जनपदों में कुछ वारदात की है। इसकी पुष्टि कराई जा रही है। साथ ही गिरोह के बाकी बचे आठ सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।