{"_id":"69654b9bcc314c21ed0b051c","slug":"the-pre-board-exams-have-been-left-entirely-to-the-schools-and-the-responsible-authorities-did-not-visit-to-review-the-situation-basti-news-c-207-1-bst1006-151138-2026-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: विद्यालयों के भरोसे छोड़ दी गई प्री-बोर्ड परीक्षा, जायजा लेने नहीं पहुंचे जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: विद्यालयों के भरोसे छोड़ दी गई प्री-बोर्ड परीक्षा, जायजा लेने नहीं पहुंचे जिम्मेदार
विज्ञापन
प्री- बोर्ड परीक्षा में शामिल विद्यार्थी।
बस्ती। माध्यमिक विद्यालयों में प्री-बोर्ड परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यह परीक्षा पूरी तरह विद्यालयों की जिम्मेदारी पर छोड़ दी है। पहले ही दिन जिम्मेदार अधिकारी परीक्षा का जायजा लेना भी मुनासिब नहीं समझे। अंदरखाने से मिली जानकारी के अनुसार अधिकांश राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्री-बोर्ड परीक्षा का कोरम पूरा किया गया है। सिर्फ कुछ निजी स्कूलों में ही सख्ती देखने को मिली।
बता दें कि जिले के 401 विद्यालयों में यह परीक्षा कराई जा रही है। इसका उद्देश्य मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थियों का आत्मबल मजबूत करने और उनके शैक्षिक स्तर का मूल्यांकन करना है। जिले में 22 राजकीय विद्यालय, 70 सहायता प्राप्त विद्यालय और 309 वित्तविहीन विद्यालय संचालित हैं। हाईस्कूल में पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 39,944 है। इसमें 19,014 बालक और 19,930 बालिका शामिल हैं।
जबकि इंटरमीडिएट में पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 34,214 है। इसमें 16,568 बालक और 17,646 बालिकाएं हैं। इन विद्यार्थियों की प्री-बोर्ड परीक्षा विद्यालयों में शुरू हो गई है। पिछले साल के रिजर्व कोटे के प्रश्न पत्र से यह परीक्षा कराई जा रही है। सुबह की पॉली में हाईस्कूल हिंदी और शाम की पॉली में इंटरमीडिएट हिंदी विषय की परीक्षा कराई गई है।
विज्ञापन
जानकारों के अनुसार अधिकांश राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में परीक्षा का सिर्फ कोरम पूरा किया गया है। इनमें से अधिकांश विद्यालयों में परीक्षा जैसा कोई माहौल नहीं दिखा। जीआईसी के एक विद्यार्थी ने बताया कि सिर्फ प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं वितरित कर दिया गया था। कक्षवार निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं रही।
इसके अलावा विभागीय अधिकारी भी परीक्षा का जायजा लेने नहीं पहुंचे। वहीं निजी विद्यालयों में सख्ती दिखाई पड़ी। विद्यालय प्रबंधन ने सीसीटीवी कैमरों के बीच कक्ष निरीक्षकों की निगरानी में परीक्षा कराई है। बाद में उत्तर पुस्तिकाएं जमा कर सुरक्षित की गई हैं।
-- -- -- -- -- -
कोटप्री-बोर्ड परीक्षा विद्यालय की आंतरिक व्यवस्था के अधीन है। सभी प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को यह परीक्षा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभी 19 जनवरी तक परीक्षा कराई जाएगी। इस अवधि में कभी भी परीक्षा का जायजा लिया जा सकता है।
-संजय सिंह, डीआईओएस।
विज्ञापन
बता दें कि जिले के 401 विद्यालयों में यह परीक्षा कराई जा रही है। इसका उद्देश्य मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थियों का आत्मबल मजबूत करने और उनके शैक्षिक स्तर का मूल्यांकन करना है। जिले में 22 राजकीय विद्यालय, 70 सहायता प्राप्त विद्यालय और 309 वित्तविहीन विद्यालय संचालित हैं। हाईस्कूल में पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 39,944 है। इसमें 19,014 बालक और 19,930 बालिका शामिल हैं।
विज्ञापन
जबकि इंटरमीडिएट में पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 34,214 है। इसमें 16,568 बालक और 17,646 बालिकाएं हैं। इन विद्यार्थियों की प्री-बोर्ड परीक्षा विद्यालयों में शुरू हो गई है। पिछले साल के रिजर्व कोटे के प्रश्न पत्र से यह परीक्षा कराई जा रही है। सुबह की पॉली में हाईस्कूल हिंदी और शाम की पॉली में इंटरमीडिएट हिंदी विषय की परीक्षा कराई गई है।
विज्ञापन
जानकारों के अनुसार अधिकांश राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में परीक्षा का सिर्फ कोरम पूरा किया गया है। इनमें से अधिकांश विद्यालयों में परीक्षा जैसा कोई माहौल नहीं दिखा। जीआईसी के एक विद्यार्थी ने बताया कि सिर्फ प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं वितरित कर दिया गया था। कक्षवार निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं रही।
इसके अलावा विभागीय अधिकारी भी परीक्षा का जायजा लेने नहीं पहुंचे। वहीं निजी विद्यालयों में सख्ती दिखाई पड़ी। विद्यालय प्रबंधन ने सीसीटीवी कैमरों के बीच कक्ष निरीक्षकों की निगरानी में परीक्षा कराई है। बाद में उत्तर पुस्तिकाएं जमा कर सुरक्षित की गई हैं।
कोटप्री-बोर्ड परीक्षा विद्यालय की आंतरिक व्यवस्था के अधीन है। सभी प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को यह परीक्षा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभी 19 जनवरी तक परीक्षा कराई जाएगी। इस अवधि में कभी भी परीक्षा का जायजा लिया जा सकता है।
-संजय सिंह, डीआईओएस।