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Basti News: नई व्यवस्था ने दिया हक, ढाई हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को लाभ
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बस्ती। लंबे समय से नियमित व्यवस्था और सुविधाओं की मांग कर रहे जिले के ढाई हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को नई व्यवस्था से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकोस) लागू होने के बाद कर्मचारियों का एकीकृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। वहीं वेतन में सात हजार रुपये तक की बढ़ोतरी के साथ बीमा और अन्य सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।
नई व्यवस्था से जिले के विभिन्न विभागों में रिक्त तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती की उम्मीद भी बढ़ी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इन श्रेणियों में ढाई सौ से अधिक पद रिक्त हैं। इन पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती होने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सकता है। स्वास्थ्य विभाग में ही 100 से अधिक पद खाली बताए जा रहे हैं।
यूपीकोस की वेबसाइट लॉन्च होने के साथ नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत आउटसोर्स कर्मचारियों की जानकारी एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एकीकृत की जाएगी। अभी अलग-अलग विभागों और एजेंसियों के स्तर पर कर्मचारियों का रिकॉर्ड रखा जाता है। नई व्यवस्था से कर्मचारियों को विभिन्न एजेंसियों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
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नई व्यवस्था में यूपीकोस के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों का एकीकृत रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इससे नियुक्ति और कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी को एक प्लेटफॉर्म पर रखने में मदद मिलेगी। कर्मचारियों को अलग-अलग एजेंसियों पर निर्भरता से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही वेतन और कल्याणकारी सुविधाओं की व्यवस्था अधिक पारदर्शी होने की बात कही जा रही है।
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50 लाख का बीमा कवर, आकस्मिक दवा और एयर एंबुलेंस की भी सुविधा
नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को 50 लाख रुपये तक का बीमा कवर देने की बात कही गई है। आकस्मिक दवा के लिए पांच लाख रुपये और एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता का भी प्रावधान बताया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि पहले उन्हें इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। जिले में डूडा, जेम पोर्टल, सेवायोजन, अवनी परिधि समेत विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से स्वास्थ्य, नगर विकास, कोर्ट, तहसील, जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय, खेल और अन्य विभागों में आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। मेडिकल कॉलेज में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी तैनात हैं।
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रिक्त पदों का जुटाया जा रहा ब्योरा
विभागों में रिक्त तृतीय, चतुर्थ श्रेणी और चालक समेत अन्य पदों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। विभागाध्यक्षों का कहना है कि शासनादेश मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग में 100 से अधिक पद रिक्त होने की जानकारी दी गई है।
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आउटसोर्स कर्मचारियों पर एक नजर
नगर विकास विभाग : 1350
बिजली निगम : 600
चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण : 250
अन्य विभाग : 100
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बोले- आउटसोर्स कर्मी
अल्प मानदेय पर काम उतना ही करना होता है जितना अन्य कर्मी करते हैं, सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की पीड़ा को समझा, निगम के जरिये निगरानी, भर्ती व अन्य सुविधाएं अब पारदर्शी ढंग से मिलेंगी।
-लव कुमार उपाध्याय, कर्मी कप्तानगंज
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आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी से लाभ मिलेगा। अन्य सुविधाएं हो नहीं मिल रही थीं, वह मिलेंगी। इससे काम करने के तौर-तरीके में बदलाव आएगा। रिक्त पदों पर भी भर्तियों में पारदर्शिता होगी।
-वैभव श्रीवास्तव, कर्मी स्थानीय निकाय
कोट
आउटसोर्स नियमावली का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। पूर्व में भी आउटसोर्स कर्मचारियों व श्रमिकों के हित में आदेश निर्गत किए जा चुके हैं।
-सचिन सिंह, सहायक श्रमायुक्त, बस्ती।
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नई व्यवस्था से जिले के विभिन्न विभागों में रिक्त तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती की उम्मीद भी बढ़ी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इन श्रेणियों में ढाई सौ से अधिक पद रिक्त हैं। इन पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती होने पर स्थानीय युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सकता है। स्वास्थ्य विभाग में ही 100 से अधिक पद खाली बताए जा रहे हैं।
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यूपीकोस की वेबसाइट लॉन्च होने के साथ नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत आउटसोर्स कर्मचारियों की जानकारी एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एकीकृत की जाएगी। अभी अलग-अलग विभागों और एजेंसियों के स्तर पर कर्मचारियों का रिकॉर्ड रखा जाता है। नई व्यवस्था से कर्मचारियों को विभिन्न एजेंसियों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
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नई व्यवस्था में यूपीकोस के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों का एकीकृत रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इससे नियुक्ति और कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी को एक प्लेटफॉर्म पर रखने में मदद मिलेगी। कर्मचारियों को अलग-अलग एजेंसियों पर निर्भरता से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही वेतन और कल्याणकारी सुविधाओं की व्यवस्था अधिक पारदर्शी होने की बात कही जा रही है।
50 लाख का बीमा कवर, आकस्मिक दवा और एयर एंबुलेंस की भी सुविधा
नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को 50 लाख रुपये तक का बीमा कवर देने की बात कही गई है। आकस्मिक दवा के लिए पांच लाख रुपये और एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता का भी प्रावधान बताया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि पहले उन्हें इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता था। जिले में डूडा, जेम पोर्टल, सेवायोजन, अवनी परिधि समेत विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से स्वास्थ्य, नगर विकास, कोर्ट, तहसील, जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय, खेल और अन्य विभागों में आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। मेडिकल कॉलेज में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी तैनात हैं।
रिक्त पदों का जुटाया जा रहा ब्योरा
विभागों में रिक्त तृतीय, चतुर्थ श्रेणी और चालक समेत अन्य पदों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। विभागाध्यक्षों का कहना है कि शासनादेश मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग में 100 से अधिक पद रिक्त होने की जानकारी दी गई है।
आउटसोर्स कर्मचारियों पर एक नजर
नगर विकास विभाग : 1350
बिजली निगम : 600
चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण : 250
अन्य विभाग : 100
बोले- आउटसोर्स कर्मी
अल्प मानदेय पर काम उतना ही करना होता है जितना अन्य कर्मी करते हैं, सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की पीड़ा को समझा, निगम के जरिये निगरानी, भर्ती व अन्य सुविधाएं अब पारदर्शी ढंग से मिलेंगी।
-लव कुमार उपाध्याय, कर्मी कप्तानगंज
आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी से लाभ मिलेगा। अन्य सुविधाएं हो नहीं मिल रही थीं, वह मिलेंगी। इससे काम करने के तौर-तरीके में बदलाव आएगा। रिक्त पदों पर भी भर्तियों में पारदर्शिता होगी।
-वैभव श्रीवास्तव, कर्मी स्थानीय निकाय
कोट
आउटसोर्स नियमावली का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। पूर्व में भी आउटसोर्स कर्मचारियों व श्रमिकों के हित में आदेश निर्गत किए जा चुके हैं।
-सचिन सिंह, सहायक श्रमायुक्त, बस्ती।