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Basti News: मुठभेड़ में गिरफ्तार रामपुर के पशु तस्कर का खंगाला जा रहा नेटवर्क
Fri, 19 Sep 2025 01:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 19 Sep 2025 01:58 AM IST
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बस्ती। बुधवार देर रात पुलिस और पशु तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार रामपुर जिले के तस्कर से पूछताछ जारी है। पुलिस उसके पूरे नेटवर्क और तस्करी के रूट की जानकारी जुटा रही है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। उसके आधार पर कड़ी नाकाबंदी और बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
फोरलेन होने के साथ ही यहां के तीन हाईवे पशु तस्करों के लिए काफी मुफीद बने हुए हैं। पश्चिमी यूपी के रामपुर, सहारनपुर, बरेली, इटावा आदि के तस्करों ने बस्ती, संतकबीरनगर जिले के लोकल तस्करों को गिरोह में शामिल कर रखा है।
पुलिस की जांच में यह भी पाया गया कि पकड़े जाने पर लोकल स्तर पर जमानत आदि का इंतजाम भी करते हैं। पुलिस के इस धंधे पर लगाम न लगा पाने के पीछे स्थानीय लोगों की मिली भगत भी बड़ी वजह है।
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जांच में सामने आया है कि तस्करों ने गांव-गांव पैठ बनाई है। वे बेरोजगार युवकों को जेब खर्च के नाम पर लालच देकर गिरोह में शामिल कर रहे हैं। इनसे पशुओं को लदवाने का काम लिया जाता है। तीन-चार हजार रुपये प्रति पशु देने पर ये लोग पिकअप या अन्य छोटी गाड़ी पर पशुओं को लदवाते हैं। किस जगह से पशु आसानी से लोड हो सकते हैं,इन सबके बारे में वही मुखबिरी कर रहे हैं। यही वजह है कि सड़कों पर बार-बार नाकाबंदी करने के बावजूद तस्करों की आवाजाही पूरी तरह से नहीं रुक पा रही थी।
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फोरलेन होने के साथ ही यहां के तीन हाईवे पशु तस्करों के लिए काफी मुफीद बने हुए हैं। पश्चिमी यूपी के रामपुर, सहारनपुर, बरेली, इटावा आदि के तस्करों ने बस्ती, संतकबीरनगर जिले के लोकल तस्करों को गिरोह में शामिल कर रखा है।
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पुलिस की जांच में यह भी पाया गया कि पकड़े जाने पर लोकल स्तर पर जमानत आदि का इंतजाम भी करते हैं। पुलिस के इस धंधे पर लगाम न लगा पाने के पीछे स्थानीय लोगों की मिली भगत भी बड़ी वजह है।
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जांच में सामने आया है कि तस्करों ने गांव-गांव पैठ बनाई है। वे बेरोजगार युवकों को जेब खर्च के नाम पर लालच देकर गिरोह में शामिल कर रहे हैं। इनसे पशुओं को लदवाने का काम लिया जाता है। तीन-चार हजार रुपये प्रति पशु देने पर ये लोग पिकअप या अन्य छोटी गाड़ी पर पशुओं को लदवाते हैं। किस जगह से पशु आसानी से लोड हो सकते हैं,इन सबके बारे में वही मुखबिरी कर रहे हैं। यही वजह है कि सड़कों पर बार-बार नाकाबंदी करने के बावजूद तस्करों की आवाजाही पूरी तरह से नहीं रुक पा रही थी।