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Basti News: गोविंद नाम है मनुष्य का परम धन
Tue, 20 May 2025 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 20 May 2025 01:02 AM IST
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कलवारी। कुदरहा ब्लाॅक के काली मंदिर खेमऊपुर में शतचंडी महायज्ञ के अवसर पर चल रहे नौ दिवसीय संगीतमय भागवत कथा में अवध धाम से आए कथावाचक पंडित दिवाकर शास्त्री ने भागवत कथा में कृष्ण सुदामा के मित्रता का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि धैर्य की पहचान गरीबी से होती है। सुदामा ने अपने बुरे समय में भी भगवान का भजन करना नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि मनुष्य का परम धन गोविंद नाम है, जो हर समय उसके काम आता है। भगवान श्री कृष्ण सुदामा के बचपन के मित्र थे। पत्नी के विशेष आग्रह पर सुदामा जी द्वारिकाधीश से मिलने पहुंचे तो भगवान कृष्ण अपने बचपन के मित्र की दशा देखकर दंग रह गए। गोविंद ने अपने नेत्रों के जल से सुदामा जी के चरणों को धोकर पूरे समाज को संदेश दिया कि मनुष्य धन से बड़ा नहीं, अपितु अच्छे विचारों से बड़ा होता है। कथा में शंकरदास, ब्रह्म प्रकाश द्विवेदी, राम लखन पांडे, रीता देवी, पिंटू आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि धैर्य की पहचान गरीबी से होती है। सुदामा ने अपने बुरे समय में भी भगवान का भजन करना नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि मनुष्य का परम धन गोविंद नाम है, जो हर समय उसके काम आता है। भगवान श्री कृष्ण सुदामा के बचपन के मित्र थे। पत्नी के विशेष आग्रह पर सुदामा जी द्वारिकाधीश से मिलने पहुंचे तो भगवान कृष्ण अपने बचपन के मित्र की दशा देखकर दंग रह गए। गोविंद ने अपने नेत्रों के जल से सुदामा जी के चरणों को धोकर पूरे समाज को संदेश दिया कि मनुष्य धन से बड़ा नहीं, अपितु अच्छे विचारों से बड़ा होता है। कथा में शंकरदास, ब्रह्म प्रकाश द्विवेदी, राम लखन पांडे, रीता देवी, पिंटू आदि मौजूद रहे।
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