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मैनेजर को देनी होगी क्षतिपूर्ति
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Tue, 02 Aug 2016 11:43 PM IST
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मैनेजर को देनी होगी क्षतिपूर्ति
- फोटो : amar ujala
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जिला उपभोक्ता फोरम ने सेंट्रल बैंक फैजाबाद रोड लखनऊ के शाखा प्रबंधक को 37 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में पीड़ित को देने का निर्देश दिया है। आवास विकास परिषद की ओर से संचालित अवध विहार योजना के तहत परिवादी कलावती देवी से फ्लैट आंवटन के नाम पर 30 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा कराने के बाद फ्लैट नहीं दिया गया। इसके बाद डिमांड ड्राफ्ट की धनराशि भी वापस नहीं की गई।
इस मामले में सिविल लाइन बस्ती की रहने वाली कलावती देवी ने आवास विकास प रिषद लखनऊ, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया लखनऊ और पीएनबी गांधीनगर बस्ती के विरुद्घ उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया। इसमें कहा गया कि आवास विकास की ओर से फ्लैट आंवटन प्रक्रिया के तहत यदि पु्लैट आवंटन नहीं हुआ तो डिमांड ड्राफ्ट की रकम आवेदनकर्ता के खाते में भेज दिया जाएगा। उसको न तो फ्लैट आंवटित हुआ और न ही उसके खाते मे रकम ट्रांसफर की गई। ऐसे में मजबूर होकर उपभोक्ता फोरम की शरण लेनी पड़ी। फोरम के अध्यक्ष रामदरश, सदस्य महादेव दूबे ने सेंट्रल बैंक आफ इंडिया लखनऊ के शाखा प्रबंधक को 60 दिन के भीतर डिमांड ड्राफ्ट की रकम, जमा होने की तिथि से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से और मानसिक वाद व्यय के लिए सात हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश किया।
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इस मामले में सिविल लाइन बस्ती की रहने वाली कलावती देवी ने आवास विकास प रिषद लखनऊ, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया लखनऊ और पीएनबी गांधीनगर बस्ती के विरुद्घ उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया। इसमें कहा गया कि आवास विकास की ओर से फ्लैट आंवटन प्रक्रिया के तहत यदि पु्लैट आवंटन नहीं हुआ तो डिमांड ड्राफ्ट की रकम आवेदनकर्ता के खाते में भेज दिया जाएगा। उसको न तो फ्लैट आंवटित हुआ और न ही उसके खाते मे रकम ट्रांसफर की गई। ऐसे में मजबूर होकर उपभोक्ता फोरम की शरण लेनी पड़ी। फोरम के अध्यक्ष रामदरश, सदस्य महादेव दूबे ने सेंट्रल बैंक आफ इंडिया लखनऊ के शाखा प्रबंधक को 60 दिन के भीतर डिमांड ड्राफ्ट की रकम, जमा होने की तिथि से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से और मानसिक वाद व्यय के लिए सात हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश किया।
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