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Basti News: गर्मी ने बिगाड़ दिया हाजमा बढ़ गए डायरिया के मरीज
Sun, 28 Sep 2025 10:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 28 Sep 2025 10:04 AM IST
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जिला महिला अस्पताल में बच्चे की जांच करते बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज शुक्ल
बस्ती। सितंबर की गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। अस्पतालों में डायरिया के मरीज बढ़ने लगे हैं। अधिकतर मरीज आमाशय में संक्रमण से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की कतार लगी रही। डॉक्टरों ने दवाओं के साथ मरीजों को साफ-सफाई की सलाह दी। चिकित्सकों ने बताया कि मौसम से तल्खी से हाजमा बिगड़ गया है। मेडिसिन वार्ड फुल है। डायरिया से बचाव संबंधी दवा मेट्रोजिल टेबलेट व डि्रप की मांग भी बढ़ गई है।
तेज धूप तो कभी बदली और रात के तापमान में कमी से सेहत बिगड़ रही है। फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि इस मौसम में वायरस और बैक्टीरिया वृद्धि की दर बढ़ जाती है। खानपान में गड़बड़ी, साफ-सफाई की अनदेखी से कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चे संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। बुखार, सर्दी, खांसी, उल्टी-दस्त, पेट दर्द, सिर और बदन दर्द, सांस के मरीज बढ़ गए हैं। शनिवार को दोपहर तक ओपीडी में मरीजों का तांता लगा रहा।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने करीब 100 मरीजों का इलाज किया। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक बुखार के करीब 50, उल्टी-दस्त के 20-25 और सर्दी-खांसी के भी 20-22 मरीज थे। गंभीर रूप से पीड़ित छह मरीजों को भर्ती किया गया। फिजीशियन कक्ष के बाहर मरीजों की कतार लगी रही। ज्यादातर मरीज सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित थे। डॉक्टरों ने बताया कि मौसम बदलने से वायरस व बैक्टीरिया ग्रोथ करते हैं। बच्चे को दिक्कत होने पर लापरवाही न करें। शनिवार को 945 मरीज आए। अधिकतर मरीज बाल रोग और मेडिसिन विभाग में कतार में खड़े दिखे। वहीं, सीएचसी में भी ज्यादातर वायरल संक्रमण के मरीज पहुंचे थे। डॉक्टर की सलाहबच्चों को धूप में निकलने न दें। साफ-सफाई पर ध्यान दें। हाथ धोकर भोजन करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। जंक फूड के सेवन से परहेज करें। ताजा, सुपाच्य व पौष्टिक भोजन का सेवन करें। मौसमी फल व साग-सब्जी का सेवन करें। शिशुओं को छह माह तक मां का दूध पिलाएं। बच्चों को कूलर की सीधी हवा से बचाएं।
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तेज धूप तो कभी बदली और रात के तापमान में कमी से सेहत बिगड़ रही है। फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि इस मौसम में वायरस और बैक्टीरिया वृद्धि की दर बढ़ जाती है। खानपान में गड़बड़ी, साफ-सफाई की अनदेखी से कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चे संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। बुखार, सर्दी, खांसी, उल्टी-दस्त, पेट दर्द, सिर और बदन दर्द, सांस के मरीज बढ़ गए हैं। शनिवार को दोपहर तक ओपीडी में मरीजों का तांता लगा रहा।
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बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने करीब 100 मरीजों का इलाज किया। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक बुखार के करीब 50, उल्टी-दस्त के 20-25 और सर्दी-खांसी के भी 20-22 मरीज थे। गंभीर रूप से पीड़ित छह मरीजों को भर्ती किया गया। फिजीशियन कक्ष के बाहर मरीजों की कतार लगी रही। ज्यादातर मरीज सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित थे। डॉक्टरों ने बताया कि मौसम बदलने से वायरस व बैक्टीरिया ग्रोथ करते हैं। बच्चे को दिक्कत होने पर लापरवाही न करें। शनिवार को 945 मरीज आए। अधिकतर मरीज बाल रोग और मेडिसिन विभाग में कतार में खड़े दिखे। वहीं, सीएचसी में भी ज्यादातर वायरल संक्रमण के मरीज पहुंचे थे। डॉक्टर की सलाहबच्चों को धूप में निकलने न दें। साफ-सफाई पर ध्यान दें। हाथ धोकर भोजन करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। जंक फूड के सेवन से परहेज करें। ताजा, सुपाच्य व पौष्टिक भोजन का सेवन करें। मौसमी फल व साग-सब्जी का सेवन करें। शिशुओं को छह माह तक मां का दूध पिलाएं। बच्चों को कूलर की सीधी हवा से बचाएं।
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