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Basti News: उपचार के दौरान मौत मामले की जांच करेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

Mon, 21 Jul 2025 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Mon, 21 Jul 2025 01:42 AM IST
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The health department team will investigate the case of death during treatment
बस्ती। शहर के कैली रोड पर निजी अस्पताल में मरीज की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सक्रियता दिखाई है। प्रकरण की जांच कराने के लिए सोमवार को अस्पताल में टीम भेजी जाएगी। टीम यहां घटना से संबंधित रिकाॅर्ड खंगालेगी।
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नगर थाना क्षेत्र के मरहा निवासी वीरेंद्र प्रताप ने कोतवाली थाना में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि मेरे पिता पल्टूराम का ढंग से इलाज न होने के कारण कैली रोड के हास्पिटल में मौत हो गई। कम ब्लड होने के बाद भी चीरा लगाकर ऑपरेशन कर दिया गया। इससे हालत बिगड़ गई और उनकी जान चली गई। बताया कि पिता को फोड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया। फेको विधि से ऑपरेशन के लिए पैसे जमा करा लिए गए, लेकिन चीरा लगाकर फोड़ा निकाला गया। इससे उनकी हात बिगड़ गई। ब्लड लगातार कम होता गया। डॉक्टर ने रेफर कर दिया और रास्ते में मौत हो गई। बताया कि लगभग 30 हजार रुपये खर्चा बताया गया। ऑपरेशन के दौरान पिता की स्थिति गंभीर हो गई तो आनन-फानन गोरखपुर रेफर कर दिया। रास्ते में उनकी मौत हो गई। पीड़ित ने बताया कि हॉस्पिटल में इसकी शिकायत की गई तो अस्पताल कर्मचारियों और डॉक्टर ने जान माल की धमकी देकर भगा दिया। इससे उसका पूरा परिवार डरा सहमा है। मामले में डीएम, एसपी और सीएमओ को भी पत्र भेजकर जांच की मांग की है। कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को शासन तक ले जाएंगे।
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निजी अस्पतालों में लगातार हो रही घटनाएं, विभाग का ढुलमुल रवैया कायम
जिले में एक माह से निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान मरीजों की मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। पहले जेके अस्पताल, फिर केडी अस्पताल और अब कैली स्थित अस्पताल में मरीज की मौत ने सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है। लोगों का कहना है कि इतनी घटनाएं होने के बाद भी विभाग के जिम्मेदार कागजी प्रक्रिया में उलझे हैं और लीपापोती कर मामले को रफा-दफा करने के फेर में हैं। विभाग के इस ढुलमुल रवैए के नाते मरीज और तीमारदारों में आक्रोश पनप रहा है। लगातार ऐसे आरोपों ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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सरकारी चिकित्सक खोल लिए हैं निजी नर्सिंग होम
बताया जा रहा है कि जिस अस्पताल में मरीज की मौत हुई है, उस अस्पताल के संचालक पड़ोस के जिले आंबेडकरनगर में सरकारी सेवा में हैं। यहां निजी प्रैक्टिस के लिए नर्सिंग होम खोल लिए हैं। शासन से बचाव के लिए पत्नी को आगे कर रखा है। इससे ऐसे सरकारी चिकित्सकों पर विभाग की भी नजर नहीं पड़ रही। धड़ल्ले से प्रैक्टिस कर रहे हैं।

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शिकायती पत्र मिला है। सोमवार को संबंधित अस्पताल में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। मृतक के रिकाॅर्ड को देखा जाएगा। इसमें चिकित्सक की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। पंजीकरण वैधता और अस्पताल में लगे चिकित्सकों का ब्योरा खंगाला जाएगा। ऑपरेशन करने वाले की जांच कराई जाएगी। -डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।
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