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Basti News: अचानक बढ़ गया धान खरीद का ग्राफ चावल की रिकवरी महज 37 प्रतिशत

Tue, 06 Jan 2026 01:34 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jan 2026 01:34 AM IST
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The graph of paddy procurement has suddenly increased, the recovery of rice is only 37 percent.
बस्ती। धरातल पर धान खरीद अभियान आंखों से ओझल दिखा। सीजन भर सरकारी क्रय केंद्रों पर ताला लटकता देख किसान मायूस होकर लौट आ रहे हैं। उधर, किसान संगठन धान खरीद शुरू करने की मांग को लेकर अक्सर ब्लॉक और तहसील मुख्यालयों पर धरना दे रहे हैं। मगर, सरकारी लेखा-जोखा में अचानक धान खरीद के ग्राफ में अप्रत्याशित वृद्धि हो गई।
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बता दें कि नवंबर माह तक 10 प्रतिशत के भीतर सिमट कर रह गई खरीद दिसंबर में खूब उछाल मारी। जिले में 72 प्रतिशत से भी अधिक धान की खरीद बताई जा रही है। इस आंकड़े पर किसानों को भी यकीन नहीं हो रहा है। दिसंबर माह में धान खरीद का ग्राफ अचानक बढ़ गया है। 49,500 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 35930.288 एमटी धान की खरीद हो गई है। यह 72.59 प्रतिशत है।
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जानकार बताते हैं कि कुल 20 से 25 दिन के भीतर धान खरीद के आंकड़े में 60 प्रतिशत का बड़ा अंतर देखने को मिला है। जबकि खरीद का मुख्य समय नवंबर महीने में ही होता है। किसान धान की उपज तैयार होते ही इसे बेचकर पूंजी और मुनाफा एकत्र करते हैं। इस रकम से वह ऋण अदायगी, शादी, रबी सीजन की बुवाई- जोताई आदि करवाते हैं। व्यावहारिक सच्चाई हैं कि दिसंबर में अधिकांश किसान उपज बेचकर दूसरे कार्य में जुटे होते हैं। मगर यहां सबकुछ उलटा हो गया।
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नवंबर में तमाम केंद्रों पर छंटाक भर धान नहीं खरीदा गया। दिसंबर में भंडार अपने आप भरता चला गया। किसानों का कहना है कि जरूरत पर क्रय केंद्र अक्सर बंद मिल रहे थे। वह अपना धान बिचौलियों के हाथ औने- पौने दाम में बेचने के लिए मजबूर हुए। फिर अचानक सरकारी एजेंसियों के लेखा- जोखा में खरीद कैसे बढ़ी यह समझ से परे हैं। फिलहाल खाद्य एवं रसद विभाग लक्ष्य के करीब पहुंचने का दावा करने लगा है। हालांकि उस अनुपात में सरकारी चावल की रिकवरी नहीं हुई है। आंकड़े के अनुसार राइस मिलों को अभी तक 55.10 प्रतिशत 19759.84 एमटी धान प्रेषित बताया जा रहा है। 16134.45 एमटी धान क्रय केंद्रों पर अवशेष दर्शाया गया है। इस हिसाब से मिलों द्वारा कुटाई के बाद 13395.84 एमटी सरकारी चावल भंडार गृह में प्रेषित करना था।
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