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तहसीलदार प्रकरण: तीसरे शख्स की शख्सियत पर तेज हुई बहस
Wed, 29 Nov 2023 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 29 Nov 2023 12:14 AM IST
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आरोपी निलंबित नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल
कई दिन से सुर्खियों में छाए 25 हजार रुपये के इनामी निलंबित नायब तहसीलदार घनश्याम शुक्ल प्रकरण में तीसरे शख्स की शख्सियत पर बहस थमने का नाम नहीं ले रही है। लोग यह जानना चाह रहे हैं कि दो अधिकारियों के बीच बलरामपुर के उतरौला के रहने वाले इस तीसरे शख्स की आखिरकार भूमिका क्या है। सवाल उठ रहा है कि घनश्याम से किस वजह से रार ठनी हुई थी।
एक राजपत्रित अधिकारी से तू-तड़ाक की भाषा में बात करने की नौबत आखिर क्यों आई। एक सामान्य व्यक्ति में इतना हौसला आखिर कहां से और क्यों आया। बातचीत की मोबाइल फोन कॉल की रिकार्डिंग के सामने आने के बाद कहा जा रहा है कि दोनों के बीच कई महीने से जुबानी जंग चल रही थी। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इसकी वजह क्या है?
छोटी दीपावली की रात महिला अधिकारी के घर में घुसकर दुष्कर्म की कोशिश व गला दबाकर जान से मारने के प्रयास के आरोपी घनश्याम और एक अन्य शख्स के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग दो दिन पहले वायरल हुई थी। इसमें दोनों तरफ से अपशब्दों का प्रयोग किया जा रहा था। उस बातचीत से कई चीजें स्पष्ट हो रही थीं। एक तो यह कि दोनों शख्स एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते-पहचानते थे। दूसरा दोनों के बीच जबरदस्त रंजिश है।
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यह भी लगा कि तीसरे शख्स ने कॉल किसी और के मोबाइल फोन पर किया था। मगर, वह मोबाइल फोन हैंडफ्री था। फोन के आसपास मौजूद घनश्याम शुक्ल के हेलो-होले की आवाज सुनकर सीधे अपशब्द बोलने पर उतर जाने से लगा कि दोनों एक-दूसरे से बेहद नफरत करते हैं। दूसरी तरफ से उसी लहजे में जवाब सुनकर लग ही नहीं रहा है कि इस बातचीत में कोई अधिकारी भी शामिल है। इस स्तर तक टशन होने के पीछे की कहानी जानने के लिए लोग उत्सुक हैं। इससे स्पष्ट है कि दोनों के बीच कई महीने से तल्खी बनी हुई है।
घनश्याम के बयान में भी आई थी तल्खी की बात
महिला अधिकारियों की विशाखा कमेटी के सामने भी घनश्याम ने अपने बयान में कबूल किया था कि बलरामपुर के उतरौला के तीसरे शख्स ने अपने मोबाइल फोन से कॉल करके अपशब्द कहते हुए धमकी देता है। घनश्याम के अनुसार वह पहले भी महिला अधिकारी के घर आता-जाता था। हालांकि पुलिस की जांच में तीसरे शख्स की भूमिका मददगार के रूप में पाई गई है और घटना के समय कोई इलेक्ट्रानिक्स साक्ष्य भी उसके खिलाफ नहीं मिले हैं। मगर घनश्याम शुक्ल से उसकी तल्खी को लेकर सभी के मन में सवाल उठ रहा है।
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एक राजपत्रित अधिकारी से तू-तड़ाक की भाषा में बात करने की नौबत आखिर क्यों आई। एक सामान्य व्यक्ति में इतना हौसला आखिर कहां से और क्यों आया। बातचीत की मोबाइल फोन कॉल की रिकार्डिंग के सामने आने के बाद कहा जा रहा है कि दोनों के बीच कई महीने से जुबानी जंग चल रही थी। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इसकी वजह क्या है?
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छोटी दीपावली की रात महिला अधिकारी के घर में घुसकर दुष्कर्म की कोशिश व गला दबाकर जान से मारने के प्रयास के आरोपी घनश्याम और एक अन्य शख्स के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग दो दिन पहले वायरल हुई थी। इसमें दोनों तरफ से अपशब्दों का प्रयोग किया जा रहा था। उस बातचीत से कई चीजें स्पष्ट हो रही थीं। एक तो यह कि दोनों शख्स एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते-पहचानते थे। दूसरा दोनों के बीच जबरदस्त रंजिश है।
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यह भी लगा कि तीसरे शख्स ने कॉल किसी और के मोबाइल फोन पर किया था। मगर, वह मोबाइल फोन हैंडफ्री था। फोन के आसपास मौजूद घनश्याम शुक्ल के हेलो-होले की आवाज सुनकर सीधे अपशब्द बोलने पर उतर जाने से लगा कि दोनों एक-दूसरे से बेहद नफरत करते हैं। दूसरी तरफ से उसी लहजे में जवाब सुनकर लग ही नहीं रहा है कि इस बातचीत में कोई अधिकारी भी शामिल है। इस स्तर तक टशन होने के पीछे की कहानी जानने के लिए लोग उत्सुक हैं। इससे स्पष्ट है कि दोनों के बीच कई महीने से तल्खी बनी हुई है।
घनश्याम के बयान में भी आई थी तल्खी की बात
महिला अधिकारियों की विशाखा कमेटी के सामने भी घनश्याम ने अपने बयान में कबूल किया था कि बलरामपुर के उतरौला के तीसरे शख्स ने अपने मोबाइल फोन से कॉल करके अपशब्द कहते हुए धमकी देता है। घनश्याम के अनुसार वह पहले भी महिला अधिकारी के घर आता-जाता था। हालांकि पुलिस की जांच में तीसरे शख्स की भूमिका मददगार के रूप में पाई गई है और घटना के समय कोई इलेक्ट्रानिक्स साक्ष्य भी उसके खिलाफ नहीं मिले हैं। मगर घनश्याम शुक्ल से उसकी तल्खी को लेकर सभी के मन में सवाल उठ रहा है।