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Basti News: गड़ौरा चीनी मिल पर गन्ना बकाया, 400 किसानों के दस्तावेज जमा
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महराजगंज/ सिसवां बाजार। जेएचवी गड़ौरा चीनी मिल पर बकाया गन्ना मूल्य के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। सहकारी गन्ना समिति सिसवा बाजार के अध्यक्ष ने पीड़ित किसानों से बकाया गन्ना मूल्य से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। 400 किसानों के दस्तावेज जमा हुए हैं।
सहकारी गन्ना समिति सिसवा बाजार के अध्यक्ष संजय राव ने एक परिपत्र जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि जेएचवी शुगर मिल, गड़ौरा ने वर्ष 2020-21 में गन्ना खरीदा था। यह गन्ना बलुआ बिहार के नाम पर लिया गया था। किसानों को इस गन्ना खरीद का भुगतान अब तक नहीं मिला है। समिति कार्यालय में गन्ना बकाया से जुड़े दस्तावेज जमा कराए जा रहे हैं। किसानों को अपने आधार कार्ड की प्रतिलिपि भी साथ में देनी होगी। सिसवां बाजार और निचलौल क्षेत्र के लगभग 400 किसान इस मामले से सीधे प्रभावित हुए हैं।
बलुआ बिहार के नाम पर खेल, 400 किसान फंसे
सिसवां बाजार केन यूनियन के पूर्व उपाध्यक्ष जीतेंद्र बहादुर सिंह ने इस धोखाधड़ी का खुलासा किया। उनके अनुसार, गड़ौरा मिल प्रबंधन ने बलुआ बिहार में गन्ना आवंटन का बहाना बनाया। मिल ने किसानों का गन्ना बिना किसी पर्ची के ही तौल लिया था। उस समय किसानों को आश्वासन दिया गया था कि पर्ची बाद में जारी होगी। साथ ही, भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में आएगा। लेकिन यह भुगतान आज तक नहीं हुआ है। जब किसान न्यायालय पहुंचे, तो मिल प्रबंधन ने गन्ना खरीद से ही इन्कार कर दिया।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच
इस मामले को लेकर पीड़ित किसान पिछले दिनों जिलाधिकारी से मिले थे। उन्होंने डीएम से गड़ौरा मिल पर धोखाधड़ी का अभियोग दर्ज कराने की मांग की। डीएम के निर्देश पर सहायक चीनी आयुक्त गोरखपुर देवेंद्र प्रसाद मौर्य ने जांच शुरू की। उन्होंने सहकारी गन्ना समिति पर पहुंचकर प्रभावित किसानों के बयान दर्ज किए। जिलाधिकारी ने जिला गन्ना अधिकारी को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्हें पीड़ित किसानों का विस्तृत ब्योरा, उपलब्ध साक्ष्य और बकाया राशि की रिपोर्ट देनी है।
रिपोर्ट तैयार, भुगतान की उम्मीद
गन्ना विभाग की तरफ से किसानों का विवरण सिसवां समिति कार्यालय में दर्ज किया जा रहा है। रविवार देर शाम तक कुल 300 किसान अपना विवरण सफलतापूर्वक दर्ज करा चुके थे। जिलाधिकारी की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित किसानों को बकाया भुगतान मिलने की उम्मीद काफी बढ़ गई है।
बोले अधिकारीसभी किसानों का विवरण दर्ज होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी। यह रिपोर्ट इसी सप्ताह जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी जाएगी।
- ओम प्रकाश सिंह यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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सहकारी गन्ना समिति सिसवा बाजार के अध्यक्ष संजय राव ने एक परिपत्र जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि जेएचवी शुगर मिल, गड़ौरा ने वर्ष 2020-21 में गन्ना खरीदा था। यह गन्ना बलुआ बिहार के नाम पर लिया गया था। किसानों को इस गन्ना खरीद का भुगतान अब तक नहीं मिला है। समिति कार्यालय में गन्ना बकाया से जुड़े दस्तावेज जमा कराए जा रहे हैं। किसानों को अपने आधार कार्ड की प्रतिलिपि भी साथ में देनी होगी। सिसवां बाजार और निचलौल क्षेत्र के लगभग 400 किसान इस मामले से सीधे प्रभावित हुए हैं।
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बलुआ बिहार के नाम पर खेल, 400 किसान फंसे
सिसवां बाजार केन यूनियन के पूर्व उपाध्यक्ष जीतेंद्र बहादुर सिंह ने इस धोखाधड़ी का खुलासा किया। उनके अनुसार, गड़ौरा मिल प्रबंधन ने बलुआ बिहार में गन्ना आवंटन का बहाना बनाया। मिल ने किसानों का गन्ना बिना किसी पर्ची के ही तौल लिया था। उस समय किसानों को आश्वासन दिया गया था कि पर्ची बाद में जारी होगी। साथ ही, भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में आएगा। लेकिन यह भुगतान आज तक नहीं हुआ है। जब किसान न्यायालय पहुंचे, तो मिल प्रबंधन ने गन्ना खरीद से ही इन्कार कर दिया।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच
इस मामले को लेकर पीड़ित किसान पिछले दिनों जिलाधिकारी से मिले थे। उन्होंने डीएम से गड़ौरा मिल पर धोखाधड़ी का अभियोग दर्ज कराने की मांग की। डीएम के निर्देश पर सहायक चीनी आयुक्त गोरखपुर देवेंद्र प्रसाद मौर्य ने जांच शुरू की। उन्होंने सहकारी गन्ना समिति पर पहुंचकर प्रभावित किसानों के बयान दर्ज किए। जिलाधिकारी ने जिला गन्ना अधिकारी को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्हें पीड़ित किसानों का विस्तृत ब्योरा, उपलब्ध साक्ष्य और बकाया राशि की रिपोर्ट देनी है।
रिपोर्ट तैयार, भुगतान की उम्मीद
गन्ना विभाग की तरफ से किसानों का विवरण सिसवां समिति कार्यालय में दर्ज किया जा रहा है। रविवार देर शाम तक कुल 300 किसान अपना विवरण सफलतापूर्वक दर्ज करा चुके थे। जिलाधिकारी की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित किसानों को बकाया भुगतान मिलने की उम्मीद काफी बढ़ गई है।
बोले अधिकारीसभी किसानों का विवरण दर्ज होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी। यह रिपोर्ट इसी सप्ताह जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी जाएगी।
- ओम प्रकाश सिंह यादव, जिला गन्ना अधिकारी