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Basti News: सरयू का थमा वेग तो कुआनो के उफान ने बढ़ाई परेशानी
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लकड़ी दूबे गांव में कटान करती सरयू संवाद
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर तीन दिनों से कम होकर खतरे के निशान से तकरीबन 59 सेंमी नीचे तक पहुंच गया है। सरयू का वेग थमा तो कुआनो के उफान से लोगों की परेशानियां बढ़ गईं हैं। इससे धान फसल डूब गई है। किसान चिंतित हैं। मनोरमा व कुआनो नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। कुआनो किनारों पर स्थित अंत्येष्टि स्थलों को पूरी तरह से धारा में समेटने को आतुर है। मनोरमा ने हर्रैया, गौर क्षेत्र में तांडव शुरू कर दिया है।
दुबौलिया संवाद के अनुसार, सरयू का जलस्तर लगातार घट रहा है। सुविका बाबू गांव में भी हालात तेजी के साथ सामान्य हो रहे। गांव को जाने वाली पगडंडी भी धीरे-धीरे सूख रही है। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर कटरिया गांव के सामने बना ठोकर नंबर एक पर भी दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शाम पांच बजे जलस्तर 92.14 पर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 92.73 से 59 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, कुदरहा क्षेत्र में मईपुर, महुआपारकला में सरयू के जलस्तर में कमी से हालात सामान्य होते दिख रहे, मगर घटते जलस्तर के चलते कटान से ग्रामीण अभी भी चिंतित हैं। पीड़ित अब अपनी गृहस्थी संभालने में जुट गए हैं।
जलस्तर घटा, कटान का खतरा बढ़ा, दुर्गंध से संक्रामक रोगों की आशंका
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन कटान प्रभावित गांवों में अब कटान बढ़ने की आशंका से चिंता बनी हुई है। बीडी तटबंध के अंदर बसे शंभूपुर, पकड़ी संग्राम, लकड़ी पांडेय, लकड़ी दूबे और अर्जुनपुर समेत कई गांवों के ग्रामीण कटान को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान ही नदी ने कई स्थानों पर कटान शुरू कर दिया था। अब पानी तेजी से घटने के साथ कटान बढ़ने की आशंका है। बाढ़ के कारण मवेशियों के चारे की समस्या भी बनी हुई है। ग्रामीणों को पशुओं के लिए चारा जुटाने के लिए काफी दूर तक भटकना पड़ रहा है। वहीं, पानी उतरने के बाद खेतों में सड़ रही फसलों और वनस्पतियों से दुर्गंध उठ रही है। इससे संक्रामक बीमारियों और मच्छरों के प्रकोप का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रभावित गांवों में दवा और कीटनाशक का छिड़काव कराने, फसल क्षति का सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देने तथा कटान प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। संवाद
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जलस्तर कम होते ही धारा की तरफ वापस होने लगी सरयू
कुदरहा। सरयू नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही धारा सरयू की तरफ वापस होने लगी है। जिससे नदी का दबाव कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण बसे गांवों पर धीरे-धीरे कम होने लगा है। इसके बाद भी महुआपार कला, मईपुर बैडारी एहतमाली, टिलियवा एवं टेगरिहा राजा आदि में कटान का खतरा बना हुआ है। बीते दिनों सरयू सरयू का जलस्तर काफी बढ़ गया था, जिसके कारण कई ग्रामीणों के मकान और खेत में खड़ फसल सरयू की धारा में समा गया। अब जलस्तर काफी तेजी घट रहा है, जिसके कारण सरयू नदी कुछ जगहों पर रुक-रुक कर कभी-कभार कटान कर रही है। संवाद
-कोट--
तटबंधों के संवेदनशील जगहों पर निगरानी की जा रही है। हालात अब सामान्य हो गए हैं। फिर भी टीम सतर्क है। -दिनेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड
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दुबौलिया संवाद के अनुसार, सरयू का जलस्तर लगातार घट रहा है। सुविका बाबू गांव में भी हालात तेजी के साथ सामान्य हो रहे। गांव को जाने वाली पगडंडी भी धीरे-धीरे सूख रही है। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर कटरिया गांव के सामने बना ठोकर नंबर एक पर भी दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शाम पांच बजे जलस्तर 92.14 पर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 92.73 से 59 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, कुदरहा क्षेत्र में मईपुर, महुआपारकला में सरयू के जलस्तर में कमी से हालात सामान्य होते दिख रहे, मगर घटते जलस्तर के चलते कटान से ग्रामीण अभी भी चिंतित हैं। पीड़ित अब अपनी गृहस्थी संभालने में जुट गए हैं।
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जलस्तर घटा, कटान का खतरा बढ़ा, दुर्गंध से संक्रामक रोगों की आशंका
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन कटान प्रभावित गांवों में अब कटान बढ़ने की आशंका से चिंता बनी हुई है। बीडी तटबंध के अंदर बसे शंभूपुर, पकड़ी संग्राम, लकड़ी पांडेय, लकड़ी दूबे और अर्जुनपुर समेत कई गांवों के ग्रामीण कटान को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान ही नदी ने कई स्थानों पर कटान शुरू कर दिया था। अब पानी तेजी से घटने के साथ कटान बढ़ने की आशंका है। बाढ़ के कारण मवेशियों के चारे की समस्या भी बनी हुई है। ग्रामीणों को पशुओं के लिए चारा जुटाने के लिए काफी दूर तक भटकना पड़ रहा है। वहीं, पानी उतरने के बाद खेतों में सड़ रही फसलों और वनस्पतियों से दुर्गंध उठ रही है। इससे संक्रामक बीमारियों और मच्छरों के प्रकोप का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रभावित गांवों में दवा और कीटनाशक का छिड़काव कराने, फसल क्षति का सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा देने तथा कटान प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। संवाद
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जलस्तर कम होते ही धारा की तरफ वापस होने लगी सरयू
कुदरहा। सरयू नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही धारा सरयू की तरफ वापस होने लगी है। जिससे नदी का दबाव कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण बसे गांवों पर धीरे-धीरे कम होने लगा है। इसके बाद भी महुआपार कला, मईपुर बैडारी एहतमाली, टिलियवा एवं टेगरिहा राजा आदि में कटान का खतरा बना हुआ है। बीते दिनों सरयू सरयू का जलस्तर काफी बढ़ गया था, जिसके कारण कई ग्रामीणों के मकान और खेत में खड़ फसल सरयू की धारा में समा गया। अब जलस्तर काफी तेजी घट रहा है, जिसके कारण सरयू नदी कुछ जगहों पर रुक-रुक कर कभी-कभार कटान कर रही है। संवाद
-कोट
तटबंधों के संवेदनशील जगहों पर निगरानी की जा रही है। हालात अब सामान्य हो गए हैं। फिर भी टीम सतर्क है। -दिनेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड