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Basti News: हाईवे पर तेज रोशनी से चाैंधिया रहीं आंखें...जिंदगी में छा रहा अंधेरा
Sun, 16 Nov 2025 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 16 Nov 2025 01:08 AM IST
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महुली रोड पर महादेवा की तरफ आ रही कार की हाईबीम लाइट से सामने वाले की चौंधिया रही आंख- संवाद
बस्ती। फोरलेन पर रात में होने वाले हादसों का केंद्र बिंदु अब गलत लाइट-डिसिप्लिन बन चुका है। हाई-बीम का बेतहाशा प्रयोग सामने से आने वाले वाहन को 1-2 सेकेंड के लिए चौंधिया देता है, और इतनी ही देर में 40-50 मीटर की दृश्यता गायब हो जाती है। इसी दौरान कभी डिवाइडर से टक्कर तो कभी दूसरे वाहन की चपेट में आने की आशंका बढ़ जाती है।
बता दें कि कई चारपहिया वाहनों की कमजोर या एक लाइट बंद होने से दूरी का अंदाजा गड़बड़ा जात है, खासकर तब जब ओवरटेक या लेन चेंज की स्थिति बनती है। फोरलेन पर फुटहिया, पटेल चौक, बड़ेवन आदि कई ग्रामीण कट-पॉइंट पर उल्टी दिशा से आने वाले दोपहिया वाहन मंद रोशनी के कारण दूर से दिखते ही नहीं, जिससे सीधी टक्कर का जोखिम बढ़ जाता है। कई फोरलेन स्ट्रेच पर स्ट्रीट लाइट बंद, रिफ्लेक्टर टूटे और रोड मार्किंग धुंधली होने से विजिबिलिटी और बिगड़ जाती है। नतीजतन, हाईवे रात में ‘हाई-बीम हाईवे’ में बदल गया है।
यातायात प्रभारी अवधेश त्रिपाठी का कहना है कि हाई-बीम उल्लंघन के सबसे ज्यादा मामले फोरलेन पर ही मिलते हैं। रात में चलने वाले करीब 70 फीसदी वाहन हाई-बीम और एलईडी का उपयोग कर रहे हैं। एक लाइट वाले चारपहिया और गलत दिशा से आने वाले दोपहिया वाहन लगातार हादसों की वजह बन रहे हैं। सीओ ट्रैफिक सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने बताया कि यातायात माह में ऐसे वाहनों की जांच की जा रही है। मानक से विपरीत लाइट पाए जाने पर कार्रवाई भी की जा रही है।
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हाई-बीम का उपयोग प्रतिबंधित : संभागीय परिवहन अधिकारी फरीदउद्दीन बताते हैं कि मोटर वाहन नियमों के अनुसार शहरों, बाजारों, आबादी वाले क्षेत्रों तथा सामने से वाहन आने की स्थिति में हाई-बीम का उपयोग दंडनीय है। दो वाहन आमने-सामने हों तो चालक को तुरंत लो-बीम पर स्विच करना आवश्यक है। टूटी या एक तरफ से बंद हेडलाइट में वाहन चलाना नियम विरुद्ध है। यह न केवल चालक को बल्कि सामने आने वाले वाहन की दूरी और गति के अनुमान को गलत कर देता है। यातायात विभाग ऐसे वाहनों पर चालान की कार्रवाई करता है।
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बता दें कि कई चारपहिया वाहनों की कमजोर या एक लाइट बंद होने से दूरी का अंदाजा गड़बड़ा जात है, खासकर तब जब ओवरटेक या लेन चेंज की स्थिति बनती है। फोरलेन पर फुटहिया, पटेल चौक, बड़ेवन आदि कई ग्रामीण कट-पॉइंट पर उल्टी दिशा से आने वाले दोपहिया वाहन मंद रोशनी के कारण दूर से दिखते ही नहीं, जिससे सीधी टक्कर का जोखिम बढ़ जाता है। कई फोरलेन स्ट्रेच पर स्ट्रीट लाइट बंद, रिफ्लेक्टर टूटे और रोड मार्किंग धुंधली होने से विजिबिलिटी और बिगड़ जाती है। नतीजतन, हाईवे रात में ‘हाई-बीम हाईवे’ में बदल गया है।
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यातायात प्रभारी अवधेश त्रिपाठी का कहना है कि हाई-बीम उल्लंघन के सबसे ज्यादा मामले फोरलेन पर ही मिलते हैं। रात में चलने वाले करीब 70 फीसदी वाहन हाई-बीम और एलईडी का उपयोग कर रहे हैं। एक लाइट वाले चारपहिया और गलत दिशा से आने वाले दोपहिया वाहन लगातार हादसों की वजह बन रहे हैं। सीओ ट्रैफिक सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी ने बताया कि यातायात माह में ऐसे वाहनों की जांच की जा रही है। मानक से विपरीत लाइट पाए जाने पर कार्रवाई भी की जा रही है।
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हाई-बीम का उपयोग प्रतिबंधित : संभागीय परिवहन अधिकारी फरीदउद्दीन बताते हैं कि मोटर वाहन नियमों के अनुसार शहरों, बाजारों, आबादी वाले क्षेत्रों तथा सामने से वाहन आने की स्थिति में हाई-बीम का उपयोग दंडनीय है। दो वाहन आमने-सामने हों तो चालक को तुरंत लो-बीम पर स्विच करना आवश्यक है। टूटी या एक तरफ से बंद हेडलाइट में वाहन चलाना नियम विरुद्ध है। यह न केवल चालक को बल्कि सामने आने वाले वाहन की दूरी और गति के अनुमान को गलत कर देता है। यातायात विभाग ऐसे वाहनों पर चालान की कार्रवाई करता है।