{"_id":"61c0cb212c81182397430d2e","slug":"tempreture-was-low-basti-news-gkp4206281174","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम: बदली के बीच नीचे गिरा पारा,दिन में भी ठिठुरन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम: बदली के बीच नीचे गिरा पारा,दिन में भी ठिठुरन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदली के बीच नीचे गिरा पारा, दिन में भी ठिठुरन
सात डिग्री न्यूनतम, 20 डिग्री रहा अधिकतम तापमान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लगातार दूसरे दिन भी कड़ाके की ठंड पड़ी। दिन में सर्द हवाओं के थपेड़ों की गति कम होने के बावजूद गलन में कोई कमी नहीं हुई। अधिकतम तापमान भी लुढ़ककर 20 डिग्री सेल्सियस तक आ गया। जबकि न्यूनतम तापमान सात डिग्री पर कायम रहा।
इस दौरान वातावरण में 65 फीसदी नमी यानी आर्द्रता दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि बृहस्पतिवार से तापमान में बढ़ोत्तरी हो सकती है, जिसके बाद ही सर्दी के सितम से राहत मिल सकती है। इस बीच शीतलहर की उम्मीद कम है।
उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाओं के कारण पिछले तीन दिनों से समूचा जनमानस कड़ाके की ठंड से जूझ रहा है। पिछले दो दिनों से तो लगातार हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। सुबह शाम के वक्त सड़कों पर अपेक्षाकृत कम भीड़ दिखने लगी है। ठंड के कारण लोग बाहर निकलने से बचना चाहते हैं। सोमवार को स्कूलों में उपस्थिति कम रही और दफ्तरों में भी लोग देर से पहुंचे। गांवों में ठंड के कारण कृषि से जुड़ी गतिविधियां मंद पड़ गईं। हालांकि अगेती गेहूं की फसलों के अलावा सरसों, मटर आदि की सिंचाई जोरों पर है।
विज्ञापन
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉक्टर अमरनाथ मिश्र के मुताबिक, पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और पश्चिमी जिलों में जबरदस्त शीतलहर के कारण मौसम इतना सर्द हुआ है।
-------------
विज्ञापन
सात डिग्री न्यूनतम, 20 डिग्री रहा अधिकतम तापमान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लगातार दूसरे दिन भी कड़ाके की ठंड पड़ी। दिन में सर्द हवाओं के थपेड़ों की गति कम होने के बावजूद गलन में कोई कमी नहीं हुई। अधिकतम तापमान भी लुढ़ककर 20 डिग्री सेल्सियस तक आ गया। जबकि न्यूनतम तापमान सात डिग्री पर कायम रहा।
इस दौरान वातावरण में 65 फीसदी नमी यानी आर्द्रता दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि बृहस्पतिवार से तापमान में बढ़ोत्तरी हो सकती है, जिसके बाद ही सर्दी के सितम से राहत मिल सकती है। इस बीच शीतलहर की उम्मीद कम है।
विज्ञापन
उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाओं के कारण पिछले तीन दिनों से समूचा जनमानस कड़ाके की ठंड से जूझ रहा है। पिछले दो दिनों से तो लगातार हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। सुबह शाम के वक्त सड़कों पर अपेक्षाकृत कम भीड़ दिखने लगी है। ठंड के कारण लोग बाहर निकलने से बचना चाहते हैं। सोमवार को स्कूलों में उपस्थिति कम रही और दफ्तरों में भी लोग देर से पहुंचे। गांवों में ठंड के कारण कृषि से जुड़ी गतिविधियां मंद पड़ गईं। हालांकि अगेती गेहूं की फसलों के अलावा सरसों, मटर आदि की सिंचाई जोरों पर है।
विज्ञापन
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉक्टर अमरनाथ मिश्र के मुताबिक, पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और पश्चिमी जिलों में जबरदस्त शीतलहर के कारण मौसम इतना सर्द हुआ है।
-------------