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Basti News: टीबी की दवा समाप्ति के कगार पर
Sun, 12 May 2024 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 12 May 2024 12:40 AM IST
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सीएमओ ने आपूर्ति के लिए कंपनी को भी लिखा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन अभियान के लिए तमाम प्रयास को दवाओं के चलते झटका लग रहा है। स्थानीय स्तर पर 20 हजार डोज आपूर्ति के बाद अब यह समाप्त होने के कगार पर है। इसके लिए सीएमओ डॉ. आरएस दुबे ने प्रयास तेज कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर आपूर्ति के लिए तय कंपनी को सीएमओ ने तत्काल दवा की आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। वहीं राज्य स्तर पर मंत्रालय को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराते हुए दवा की मांग की है।
प्रारंभिक चरण में टीबी की बीमारी पकड़ में आने पर कम से कम छह माह तक निरंतर दवा चलाई जाती है। जिला क्षय रोग अस्पताल 15 दिन से एक माह तक की खुराक देकर ऐसे रोगियों पर निगरानी रखता है। टीबी उन्मूलन अभियान के तहत जिला स्तरीय टीम इन रोगियों को उनके घर पर ही दवाओं की सुविधा प्रदान करती है। इसके अलावा रोग से लड़ने के लिए मरीज को जागरूक भी किया जाता है।
टीबी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रामप्रकाश ने बताया कि किसी मरीज का दवा चक्र टूटता है तो उसे नए सिरे से दवा खानी होती है और चक्र पूरा करना होता। जिले में इस बीमारी के करीब 6900 मरीज सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर आश्रित हैं। इनमें कुछ एमडीआर दवाओं वाले असाधारण मरीज भी हैं। शुरू के दो माह में चार दवाओं का चक्र होता है। फिर चार माह में तीन दवाओं का चक्र होता है।
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कोट
टीबी दवाओं की कमी दूर की गई थी। 20 हजार डोज दवाएं स्थानीय स्तर से मंगाई गई हैं। इसके अलावा 30 हजार डोज की डिमांड भेजी गई है। संभव है कि इसी सप्ताह यह मिल जाएंगी। इसके अलावा राज्य स्तर से बातचीत की गई है। आश्वासन मिला है कि दवा की आपूर्ति जल्द कर दी जाएगी। ए
-डॉ. रमा शंकर दुबे, सीएमओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन अभियान के लिए तमाम प्रयास को दवाओं के चलते झटका लग रहा है। स्थानीय स्तर पर 20 हजार डोज आपूर्ति के बाद अब यह समाप्त होने के कगार पर है। इसके लिए सीएमओ डॉ. आरएस दुबे ने प्रयास तेज कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर आपूर्ति के लिए तय कंपनी को सीएमओ ने तत्काल दवा की आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं। वहीं राज्य स्तर पर मंत्रालय को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराते हुए दवा की मांग की है।
प्रारंभिक चरण में टीबी की बीमारी पकड़ में आने पर कम से कम छह माह तक निरंतर दवा चलाई जाती है। जिला क्षय रोग अस्पताल 15 दिन से एक माह तक की खुराक देकर ऐसे रोगियों पर निगरानी रखता है। टीबी उन्मूलन अभियान के तहत जिला स्तरीय टीम इन रोगियों को उनके घर पर ही दवाओं की सुविधा प्रदान करती है। इसके अलावा रोग से लड़ने के लिए मरीज को जागरूक भी किया जाता है।
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टीबी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रामप्रकाश ने बताया कि किसी मरीज का दवा चक्र टूटता है तो उसे नए सिरे से दवा खानी होती है और चक्र पूरा करना होता। जिले में इस बीमारी के करीब 6900 मरीज सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर आश्रित हैं। इनमें कुछ एमडीआर दवाओं वाले असाधारण मरीज भी हैं। शुरू के दो माह में चार दवाओं का चक्र होता है। फिर चार माह में तीन दवाओं का चक्र होता है।
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टीबी दवाओं की कमी दूर की गई थी। 20 हजार डोज दवाएं स्थानीय स्तर से मंगाई गई हैं। इसके अलावा 30 हजार डोज की डिमांड भेजी गई है। संभव है कि इसी सप्ताह यह मिल जाएंगी। इसके अलावा राज्य स्तर से बातचीत की गई है। आश्वासन मिला है कि दवा की आपूर्ति जल्द कर दी जाएगी। ए
-डॉ. रमा शंकर दुबे, सीएमओ