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Basti News: टैगिंग अपराध...फिर भी यूरिया के साथ बेच रहे सूक्ष्म पोषक तत्व
Sun, 08 Sep 2024 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 08 Sep 2024 01:22 AM IST
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टैगिंग का मुद्दा किसान दिवस पर उठा चुके हैंं किसान
सहकारी समितियों से लेकर निजी व्यवसायी तक कर रहे टैगिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। यूरिया के साथ किसी अन्य उत्पाद यथा सूक्ष्म पोषक तत्व, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी आदि नहीं बेचा जा सकता है। यदि ऐसा किया जा रहा है तो यह उर्वरक नियंत्रण अधिनियम का उल्लंघन है। ऐसा करने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई का प्राविधान है। मगर, जनपद में खुलेआम टैगिंग का खेल चल रहा है। मुनाफाखोरी के इस धंधे में कृषि विभाग से लेकर सहकारिता तक के लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
चालू खरीफ सीजन में जिले भर में यूरिया के साथ सूक्ष्म पोषक तत्व, जिंक, सल्फर, नैनो यूरिया आदि की टैंगिंग का खेल चल रहा है। 21 अगस्त को विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था, तब जवाब देने में अधिकारी असहज हो गए थे। किसानों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जैसे-तैसे किसान दिवस की औपचारिकता पूरी की गई थी।
इसके बाद भी अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। स्थिति यह है कि साधन सहकारी समिति से लेकर निजी उर्वरक विक्रेता तक बिना सूक्ष्म पोषक तत्व के यूरिया नहीं बेच रहे हैं। यदि किसान लेने से मना कर देते हैं तो उन्हें खाद नहीं दिया जाता है। किसानों का आरोप है कि सूक्ष्म पोषक तत्वों के साथ यूरिया को 360 रुपये प्रति बोरी तक बेचा जा रहा है। जबकि साधन सहकारी समितियों से 300 रुपये प्रति बोरी यूरिया के साथ 50 एमएल नैनो यूरिया जबरिया किसानों को दी जा रही है। जिले में यूरिया प्रति बोरी 266.50 रुपये निर्धारित है।
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थाेक कारोबारियों के यहां से हो रहा खेल
यूरिया के साथ अन्य कृषि उत्पाद की टैगिंग का खेल थोक कारोबारियों के यहां से हो रहा है। एक फुटकर व्यवसायी ने बताया कि प्रति बोरी यूरिया पर एक किग्रा सूक्ष्म पोषक तत्व की टैगिंग की जा रही है। इसे न लेने पर थोक कारोबारी खाद देने से मना कर देते हैं। जब ऊपर से ही टैगिंग चल रही है तो किसानों को बेचकर खपाना मजबूरी ै।
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किसान बोले
धान की फसल में यूरिया डालने की जरूरत थी। एक निजी विक्रेता के यहां यूरिया लेने पहुंचा तो 360 रुपये में एक बोरी यूरिया व एक किग्रा मोनो जिंक दिया गया। मोनो जिंक लेने से मना करने पर यूरिया देने से मना कर दिया जाता है।
-सुग्रीव पाल, भरवलिया
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साधन सहकारी समिति से 300 रुपये प्रति बोरी यूरिया बेची जा रही है। एक बोरी यूरिया लेने पर दो ढक्कन नैनो यूरिया दिया जाता है। सचिव कहते हैं कि चाहे नैनो यूरिया लो या न लो दाम 300 रुपये ही लगेगा।
-राम प्रीत, कुड़वा
...
कोट
टैगिंग का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। किसी किसान ने लिखित में शिकायत भी नहीं किया है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. बीआर मौर्य, जिला कृषि अधिकारी
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सहकारी समितियों से लेकर निजी व्यवसायी तक कर रहे टैगिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। यूरिया के साथ किसी अन्य उत्पाद यथा सूक्ष्म पोषक तत्व, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी आदि नहीं बेचा जा सकता है। यदि ऐसा किया जा रहा है तो यह उर्वरक नियंत्रण अधिनियम का उल्लंघन है। ऐसा करने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई का प्राविधान है। मगर, जनपद में खुलेआम टैगिंग का खेल चल रहा है। मुनाफाखोरी के इस धंधे में कृषि विभाग से लेकर सहकारिता तक के लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
चालू खरीफ सीजन में जिले भर में यूरिया के साथ सूक्ष्म पोषक तत्व, जिंक, सल्फर, नैनो यूरिया आदि की टैंगिंग का खेल चल रहा है। 21 अगस्त को विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था, तब जवाब देने में अधिकारी असहज हो गए थे। किसानों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जैसे-तैसे किसान दिवस की औपचारिकता पूरी की गई थी।
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इसके बाद भी अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। स्थिति यह है कि साधन सहकारी समिति से लेकर निजी उर्वरक विक्रेता तक बिना सूक्ष्म पोषक तत्व के यूरिया नहीं बेच रहे हैं। यदि किसान लेने से मना कर देते हैं तो उन्हें खाद नहीं दिया जाता है। किसानों का आरोप है कि सूक्ष्म पोषक तत्वों के साथ यूरिया को 360 रुपये प्रति बोरी तक बेचा जा रहा है। जबकि साधन सहकारी समितियों से 300 रुपये प्रति बोरी यूरिया के साथ 50 एमएल नैनो यूरिया जबरिया किसानों को दी जा रही है। जिले में यूरिया प्रति बोरी 266.50 रुपये निर्धारित है।
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थाेक कारोबारियों के यहां से हो रहा खेल
यूरिया के साथ अन्य कृषि उत्पाद की टैगिंग का खेल थोक कारोबारियों के यहां से हो रहा है। एक फुटकर व्यवसायी ने बताया कि प्रति बोरी यूरिया पर एक किग्रा सूक्ष्म पोषक तत्व की टैगिंग की जा रही है। इसे न लेने पर थोक कारोबारी खाद देने से मना कर देते हैं। जब ऊपर से ही टैगिंग चल रही है तो किसानों को बेचकर खपाना मजबूरी ै।
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किसान बोले
धान की फसल में यूरिया डालने की जरूरत थी। एक निजी विक्रेता के यहां यूरिया लेने पहुंचा तो 360 रुपये में एक बोरी यूरिया व एक किग्रा मोनो जिंक दिया गया। मोनो जिंक लेने से मना करने पर यूरिया देने से मना कर दिया जाता है।
-सुग्रीव पाल, भरवलिया
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साधन सहकारी समिति से 300 रुपये प्रति बोरी यूरिया बेची जा रही है। एक बोरी यूरिया लेने पर दो ढक्कन नैनो यूरिया दिया जाता है। सचिव कहते हैं कि चाहे नैनो यूरिया लो या न लो दाम 300 रुपये ही लगेगा।
-राम प्रीत, कुड़वा
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कोट
टैगिंग का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। किसी किसान ने लिखित में शिकायत भी नहीं किया है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. बीआर मौर्य, जिला कृषि अधिकारी