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साइबर फ्राड: नए- नए तरीकों से खंगाल रहे खाता

Mon, 23 May 2022 12:00 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 May 2022 12:00 AM IST
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Syber Froud - account tranjacion from Jalsaj
साइबर फ्राड : नए-नए तरीकों से खंगाल रहे खाता
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बस्ती। साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों की गाढ़ी कमाई को उनके बैंक खातों से उड़ा रहे हैं। जिले में पिछले एक महीने में यूपीआई को साइबर अपराधियों ने निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस समय फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर एक दूसरे के फ्रेंड से पैसे मांगने की शिकायत आ रही है। जिसे लेकर लोग फेसबुक पर एक दूसरे को सतर्क भी कर रहे हैं।
रेंज के साइबर थाने के प्रभारी विकास यादव ने बताया कि इसकी रोकथाम के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। साइबर क्राइम से जुड़े पुलिस अधिकारियों के अनुसार साइबर ठग इंटरनेट माध्यम से लोगों की गतिविधियों पर नजर गड़ाए हुए हैं। फेसबुक, ट्वीटर के माध्यम से साइबर ठग लोगों को झांसे में ले रहे हैं।इसमें आनलाइन खरीददारी करने, आनलाइन टिकट बुक कराने से लेकर आनलाइन गतिविधियों में सक्रिय लोगों का नंबर लेकर साइबर ठग घटना को अंजाम दे रहे हैं।
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सामने आए ऐसे भी मामले
- साइबर थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जिसमें एक व्यक्ति ने आइआरसीटीसी के माध्यम से टिकट कराया था। टिकट कन्फर्म होने के बाद कैंसिल हो गया। जिसका पैसा रिफंड नहीं हुआ। तो संबंधित व्यक्ति ने मेल और ट्वीटर पर शिकायत दर्ज करा दी। इसका संज्ञान लेकर साइबर ठग ने खुद को आईआरसीटीसी का प्रतिनिधि बनकर फोन किया। टिकट रिफंड करने के नाम पर यूपीआइ से साइबर ठग ने स्टेट बैंक के खाते से 51 हजार रुपये उड़ा दिया। आनलाइन ठगी में न तो पासवर्ड पूछा गया और न ही ओटीपी की जानकारी दी गई। फिर भी खाते से पैसा गायब। साइबर सेल की जांच में पता चला कि साइबर ठगी करने वाले झारखंड के हैं।
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बैंक भी असहाय
- आरबीआई की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि हर ट्रांजेक्शन की सूचना मैसेज के माध्यम से ग्राहक को दिया जाए। अगर अनाधिकृत लेनदेन है तो ग्राहक के फोन करने पर उस खाते को होल्ड करें। यूपीआई से होने वाले फर्जीवाड़े पर बैंक भी खुद को असहाय पा रहा है। साइबर ठग पेटीएम, गूगल पे या फोन पे से यूपीआई को लिंक कर पैसा उड़ा रहे हैं। हालांकि बैंक से लेकर आइआरसीटीसी ग्राहकों को लगातार सतर्क कर रहे हैं कि वह किसी से भी कोई जानकारी नहीं मांगते हैं।

साइबर ठगी के शिकार होने पर करें यह काम
- जिस बैंक में फर्जीवाड़ा हुआ है, वहां सूचना दें।
- भीम, पेटीएम, गूगल पे, फोन पे आदि जिस से फर्जीवाड़ा हुआ है तो स्क्रीनशाट लेकर संबंधित मोबाइल वालेट को भेजें। इससे पता चल जाएगा कि पैसा किसके खाते में ट्रांसफर हुआ है।
- साइबर सेल को लिखित शिकायत कीजिए।
- नेशनल पेमेंट कारपोरेशन इंडिया को भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- आरबीआई को भी शिकायत कर सकते हैं।
साइबर थाने ने जारी की एडवाइजरी
- साइबर थाने के सीयूजी नंबर 7839876672 पर सूचना दें
- सोशल मीडिया के यूजर एवं पासवर्ड किसी से शेयर न करें।
- सोशल मीडिया अकाउंट की सिक्योरिटी के लिए 2-स्टेप वेरीफिकेशन का प्रयोग करें।
- अपना बैंक अकाउंट, क्रेडिट/डेबिट कार्ड नंबर, नेट बैंकिंग पासवर्ड मोबाइल में सेव न रखें।
- कस्टमर केयर से संपर्क करने हेतु आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही सर्च करें।
- किसी भी अन्जान व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में किसी भी तरह के ऐप्लीकेशन इन्सटॉल करने से बचें।
- कैशबैक ऑफर या डिस्काउंट आदि के लिए कूपन कोड या अन्य किसी लालच में फसने से बचें।
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