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खुलेआम संचालित हो रहे निलंबित अस्पताल
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खुलेआम संचालित हो रहे निलंबित अस्पताल
प्रशासन के निर्देश पर निलंबित किए गए हैं 41 निजी अस्पतालों के लाइसेंस
जांच कराने की तैयारी चल रही है : नोडल अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जनपद में प्रशासन के निर्देश पर निजी अस्पतालों के खिलाफ हुई लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। एक सप्ताह पूर्व जिले के 41 निजी अस्पतालों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था। बावजूद इसके इनका संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक अभी चंद रोज पहले जब निजी अस्पताल के संचालकों से स्वास्थ्य विभाग ने कर्मियों व चिकित्सकों की सूची मांगी तो मनमाने ढंग से इस निर्देश को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। इस अनदेखी के बाद इन्हें चिह्नित कर गत 13 नवंबर-20 को 41 निजी चिकित्सालयों के लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई हुई। वहीं, निजी अस्पतालों को चेतावनी भी दी गई कि निलंबन के दौरान चिकित्सीय कार्य नहीं करेंगे। फिर भी लाइसेंस निलंबित निजी अस्पतालों में पूर्व की तरह कामकाज हो रहा है और जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
कोरोना का टीका फिल्हाल नहीं आया है। मगर इसे लेकर शासन अभी से सक्रिय है। प्रथम चरण में टीकाकरण के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों व निजी अस्पतालों के कर्मियों तथा चिकित्सकों की सूची स्वास्थ्य विभाग ने मांगी थी। सरकारी अस्पतालों ने तो उपलब्ध करा दिए, मगर शहर से लेकर गांव तक फैले निजी अस्पतालों ने सूची नहीं उपलब्ध कराई। इसके बाद प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इनके निलंबन की कार्रवाई करते हुए नोटिस थमा दिया। फिर भी निजी अस्पतालों के संचालक द्वारा अनदेखी करते हुए बेहिचक अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है।
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इस संबंध में एसीएमओ व निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी डॉ. सीएल कन्नौजिया ने कहा कि अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इसकी जांच कराने की तैयारी चल रही है मगर अभी बाहर हूं आने के बाद देखा जाएगा।
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प्रशासन के निर्देश पर निलंबित किए गए हैं 41 निजी अस्पतालों के लाइसेंस
जांच कराने की तैयारी चल रही है : नोडल अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जनपद में प्रशासन के निर्देश पर निजी अस्पतालों के खिलाफ हुई लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। एक सप्ताह पूर्व जिले के 41 निजी अस्पतालों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था। बावजूद इसके इनका संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक अभी चंद रोज पहले जब निजी अस्पताल के संचालकों से स्वास्थ्य विभाग ने कर्मियों व चिकित्सकों की सूची मांगी तो मनमाने ढंग से इस निर्देश को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। इस अनदेखी के बाद इन्हें चिह्नित कर गत 13 नवंबर-20 को 41 निजी चिकित्सालयों के लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई हुई। वहीं, निजी अस्पतालों को चेतावनी भी दी गई कि निलंबन के दौरान चिकित्सीय कार्य नहीं करेंगे। फिर भी लाइसेंस निलंबित निजी अस्पतालों में पूर्व की तरह कामकाज हो रहा है और जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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कोरोना का टीका फिल्हाल नहीं आया है। मगर इसे लेकर शासन अभी से सक्रिय है। प्रथम चरण में टीकाकरण के लिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों व निजी अस्पतालों के कर्मियों तथा चिकित्सकों की सूची स्वास्थ्य विभाग ने मांगी थी। सरकारी अस्पतालों ने तो उपलब्ध करा दिए, मगर शहर से लेकर गांव तक फैले निजी अस्पतालों ने सूची नहीं उपलब्ध कराई। इसके बाद प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने इनके निलंबन की कार्रवाई करते हुए नोटिस थमा दिया। फिर भी निजी अस्पतालों के संचालक द्वारा अनदेखी करते हुए बेहिचक अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है।
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इस संबंध में एसीएमओ व निजी अस्पतालों के नोडल अधिकारी डॉ. सीएल कन्नौजिया ने कहा कि अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इसकी जांच कराने की तैयारी चल रही है मगर अभी बाहर हूं आने के बाद देखा जाएगा।