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सरयू नदी में उफान, तटबंधों पर बढ़ा दबाव
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सरयू नदी में उफान, तटबंधों पर बढ़ा दबाव
- अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर व गौरा सैफाबाद तटबंध पर बढ़ा दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया/ बस्ती। तटीय इलाकों में सरयू नदी की जलधारा का तेज दबाव बना हुआ है। कटरिया चांदपुर तटबंध पर नदी और तटबंध के बीच से अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई पुरवों, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती की तरफ पानी तेजी से फैल रहा है। आलम यह है कि आंशिक टेढ़वा, सुविखाबा गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
सुविखा बाबू गांव जाने वाली एक मात्र कच्ची सड़क पर एक से दो मीटर पानी भर जाने के कारण नाव से लोग आ जा रहे हैं। वहीं गौरा सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा गांव के पास बने रिंगबाध को नदी ने कटान कर सड़क के आधे से अधिक हिस्से को समाहित कर लिया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार को शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 92.900 मीटर रिकार्ड किया गया, जो कि खतरे के निशान 92.730 मीटर से 17 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ खंड के एसडीओ जितेंद्र कुमार ने बताया की इस वर्ष जलस्तर उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। तटबंधों पर दबाव बना हुआ है। अभी स्थित नियंत्रण में है।
विक्रमजोत क्षेत्र के खेतों में भरा बाढ़ का पानी
सरयू नदी का पानी प्रभावित गांवों व खेतों में भरने लगा है। यदि जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो गांव में आने-जाने वाले रास्ते भी प्रभावित हो जाएंगे। बढ़ते जलस्तर से नदी किनारे बसे ग्रामीणों में भय का माहौल है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या की मानें तो अपस्ट्रीम में नदी का जलस्तर कम हो रहा है। नदी का पानी घघौवा स्थित घृत नाले के रास्ते हाइवे पार कर खेतों में पहुंच रहा है और किसानों की फसलें डूबने लगी हैं। बाढ़ का पानी सिकंदरपुर तालाब में भी पहुंचने लगा है। नदी लोलपुर विक्रमजोत तटबंध से सट कर बहने लगी है। विक्रमजोत ब्लाक के तटबंध विहीन गांव भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, संदलपुर सहित गांवों के पास बाढ़ का पानी पहुंच गया है। गांव को कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से बनाए गए कटर डूब गए हैं। गांव के जितेंद्र सिंह, हेमंत पांडेय, अभिषेक शर्मा, शिव कुमार, राजकुमार, विनोद कुमार सहित लोगों का कहना है कि नदी गांव से सट कर बह रही है। निचले रास्तों से पानी खेतों में भर गया है। फूलडीह कल्यानपुर मार्ग के दोनों ओर नदी का पानी भर गया है। यदि जलस्तर में इजाफा हुआ तो मार्ग अवरुद्ध हो जाएगा। कटान प्रभावित पड़ाव क्षेत्र में जल भराव के चलते भूमि दलदली हो गई हैं। ग्रामीणों की माने तो नदी के दबाव के चलते पानी घटते ही कटान होने की संभावना बनी हुई है। बाढ़ खंड के जेई आरके नायक का कहना है कि कटानरोधी कार्य के लिए पर्याप्त उपकरण मौजूद हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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- अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया चांदपुर व गौरा सैफाबाद तटबंध पर बढ़ा दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया/ बस्ती। तटीय इलाकों में सरयू नदी की जलधारा का तेज दबाव बना हुआ है। कटरिया चांदपुर तटबंध पर नदी और तटबंध के बीच से अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई पुरवों, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती की तरफ पानी तेजी से फैल रहा है। आलम यह है कि आंशिक टेढ़वा, सुविखाबा गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
सुविखा बाबू गांव जाने वाली एक मात्र कच्ची सड़क पर एक से दो मीटर पानी भर जाने के कारण नाव से लोग आ जा रहे हैं। वहीं गौरा सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा गांव के पास बने रिंगबाध को नदी ने कटान कर सड़क के आधे से अधिक हिस्से को समाहित कर लिया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार को शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 92.900 मीटर रिकार्ड किया गया, जो कि खतरे के निशान 92.730 मीटर से 17 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ खंड के एसडीओ जितेंद्र कुमार ने बताया की इस वर्ष जलस्तर उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। तटबंधों पर दबाव बना हुआ है। अभी स्थित नियंत्रण में है।
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विक्रमजोत क्षेत्र के खेतों में भरा बाढ़ का पानी
सरयू नदी का पानी प्रभावित गांवों व खेतों में भरने लगा है। यदि जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो गांव में आने-जाने वाले रास्ते भी प्रभावित हो जाएंगे। बढ़ते जलस्तर से नदी किनारे बसे ग्रामीणों में भय का माहौल है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या की मानें तो अपस्ट्रीम में नदी का जलस्तर कम हो रहा है। नदी का पानी घघौवा स्थित घृत नाले के रास्ते हाइवे पार कर खेतों में पहुंच रहा है और किसानों की फसलें डूबने लगी हैं। बाढ़ का पानी सिकंदरपुर तालाब में भी पहुंचने लगा है। नदी लोलपुर विक्रमजोत तटबंध से सट कर बहने लगी है। विक्रमजोत ब्लाक के तटबंध विहीन गांव भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, संदलपुर सहित गांवों के पास बाढ़ का पानी पहुंच गया है। गांव को कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से बनाए गए कटर डूब गए हैं। गांव के जितेंद्र सिंह, हेमंत पांडेय, अभिषेक शर्मा, शिव कुमार, राजकुमार, विनोद कुमार सहित लोगों का कहना है कि नदी गांव से सट कर बह रही है। निचले रास्तों से पानी खेतों में भर गया है। फूलडीह कल्यानपुर मार्ग के दोनों ओर नदी का पानी भर गया है। यदि जलस्तर में इजाफा हुआ तो मार्ग अवरुद्ध हो जाएगा। कटान प्रभावित पड़ाव क्षेत्र में जल भराव के चलते भूमि दलदली हो गई हैं। ग्रामीणों की माने तो नदी के दबाव के चलते पानी घटते ही कटान होने की संभावना बनी हुई है। बाढ़ खंड के जेई आरके नायक का कहना है कि कटानरोधी कार्य के लिए पर्याप्त उपकरण मौजूद हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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