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कौशल विकास की परीक्षा में भड़के परीक्षार्थी
basti
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:45 PM IST
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विरोध जताते परीक्षार्थी।
- फोटो : amar ujala
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बभनान। आरएनवी एजुकेशनल सोसायटी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के विभिन्न कोर्सों को संचालित करती है। सोमवार को संस्था में कौशल विकास योजना के डोमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर कोर्स की परीक्षा थी। परीक्षा शुरू होने से पहले परीक्षक के रुपये मांगने पर छात्र भड़क गए। वे परीक्षा का बहिष्कार कर बाहर निकल आए।
संस्था संचालक इं. मनोज वर्मा ने बताया कि 60 छात्र-छात्राओं की डोमेस्टिक डाटा एंट्री परीक्षा थी। कोक्यूब्स कंपनी की ओर से परीक्षक कुलदीप पटेल को परीक्षा कराने के लिए भेजा गया था। परीक्षा शुरू कराने की तैयारियां चल ही रही थीं कि परीक्षक ने सहूलियत देने के लिए एक हजार रुपये की मांग कर दी। इससे छात्र-छात्राएं गुस्से में आ गए। परीक्षा भवन छोड़कर प्रदर्शन करने लगे। परीक्षार्थी ममता तिवारी, सुशीला यादव, अंकिता पाठक, नीशा गुप्ता, पारुल सिंह, नंदनी गुप्ता, शिल्पी, प्रियंका, जूही, पिंका, आशीष त्रिपाठी, अरविंद पाठक, मनोज वर्मा, विकास, अमन, विनोद आदि ने आरोप लगाया कि परीक्षक कुलदीप पटेल पहले रुपये की मांग करने लगे जो पूरी तरह गलत है। इसी के चलते हम लोग परीक्षा का बहिष्कार किए हैं। जब तक इनके खिलाफ विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं हो जाती तब तक हम लोग परीक्षा नहीं देंगे।
संस्था संचालक मनोज वर्मा ने बताया कि परीक्षक के खिलाफ डीएम गोंडा और उच्चाधिकारियों तथा पुलिस को शिकायती पत्र दे दिया गया है। कहा है कि बच्चों का अनहित नहीं होने पाएगा। इसके लिए जिले के उच्च अधिकारियों से बात की जा रही है। दोबारा परीक्षा तिथि निर्धारित कराकर परीक्षा कराई जाएगी।
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वहीं, कोक्यूब्स कंपनी के सहायक प्रबंधक सोनल मेहता से मोबाइल पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे परीक्षक को संस्था संचालक द्वारा परीक्षार्थियों को मदद के एवज में घूस देने का प्रस्ताव किया गया, मना करने कर हाथापाई की गई है। इस संबंध में डीएम गोंडा जेवी सिंह ने कहा कि शिकायत मिली है। छात्र-छात्राओं का नुकसान नहीं होने पाएगा। पूरे मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
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संस्था संचालक इं. मनोज वर्मा ने बताया कि 60 छात्र-छात्राओं की डोमेस्टिक डाटा एंट्री परीक्षा थी। कोक्यूब्स कंपनी की ओर से परीक्षक कुलदीप पटेल को परीक्षा कराने के लिए भेजा गया था। परीक्षा शुरू कराने की तैयारियां चल ही रही थीं कि परीक्षक ने सहूलियत देने के लिए एक हजार रुपये की मांग कर दी। इससे छात्र-छात्राएं गुस्से में आ गए। परीक्षा भवन छोड़कर प्रदर्शन करने लगे। परीक्षार्थी ममता तिवारी, सुशीला यादव, अंकिता पाठक, नीशा गुप्ता, पारुल सिंह, नंदनी गुप्ता, शिल्पी, प्रियंका, जूही, पिंका, आशीष त्रिपाठी, अरविंद पाठक, मनोज वर्मा, विकास, अमन, विनोद आदि ने आरोप लगाया कि परीक्षक कुलदीप पटेल पहले रुपये की मांग करने लगे जो पूरी तरह गलत है। इसी के चलते हम लोग परीक्षा का बहिष्कार किए हैं। जब तक इनके खिलाफ विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं हो जाती तब तक हम लोग परीक्षा नहीं देंगे।
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संस्था संचालक मनोज वर्मा ने बताया कि परीक्षक के खिलाफ डीएम गोंडा और उच्चाधिकारियों तथा पुलिस को शिकायती पत्र दे दिया गया है। कहा है कि बच्चों का अनहित नहीं होने पाएगा। इसके लिए जिले के उच्च अधिकारियों से बात की जा रही है। दोबारा परीक्षा तिथि निर्धारित कराकर परीक्षा कराई जाएगी।
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वहीं, कोक्यूब्स कंपनी के सहायक प्रबंधक सोनल मेहता से मोबाइल पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे परीक्षक को संस्था संचालक द्वारा परीक्षार्थियों को मदद के एवज में घूस देने का प्रस्ताव किया गया, मना करने कर हाथापाई की गई है। इस संबंध में डीएम गोंडा जेवी सिंह ने कहा कि शिकायत मिली है। छात्र-छात्राओं का नुकसान नहीं होने पाएगा। पूरे मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।