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छिटपुट घटनाओं के नाम रहा प्रथम चरण का मतदान
अमर उजाला ब्यूरो/बस्ती
Updated Sun, 29 Nov 2015 12:14 AM IST
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प्रधानी चुनाव के प्रथम चरण में चार ब्लॉक क्षेत्रों में शनिवार को हुआ मतदान छिटपुट घटनाओं के नाम रहा। मतदान को शांति पूर्वक संपन्न कराने के लिए डीएम और एसपी को खुद मोर्चा संभालना पड़ा। मतदान की समाप्ति तक दोनों अफसरों सुरक्षा कवच पहने भागते रहे। जहां कहीं भी गड़बड़ी की सूचना मिलती दोनों फौरन पुलिस बल के साथ पहुंच जाते।
प्रतिनिधियों से मिली रपट के मुताबिक लगभग सभी बूथों पर कुछ न कुछ हुआ। मतदाता सूची में गड़बड़ी का सामना अफसरों को करना पड़ा। इसी को लेकर रूधौली के एक बूथ पर देर से मतदान शुरू हुआ। मतदाता सूची में कमियों की शिकायतें सबसे अधिक मिली। चुनाव से पहले ही प्रशासन को इसी बात को लेकर शिकायतें मिली थीं। बीएलओ की मनमानी का खामियाजा सबसे अधिक पात्र मतदाताओं को भुगतना पड़ा। कोई भी ऐसा गांव नहीं जहां मतदाता सूची में हेराफेरी की शिकायतें न की गई हों।
रुधौली प्रतिनिधि के मुताबिक पंचायती चुनाव में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांति पूर्वक संपन्न हुआ। यहां पर कुल 70 फीसदी मत पड़े। थुम्हवा पाण्डेय बूथ पर प्रत्याशी प्रदीप दुबे व बबलू पाण्डेय के बीच हुई तनातनी की सूचना पर पुलिस ने दोनों पक्षों के तीन - तीन लोगों को उठा लिया। बाद में इस गांव में डीएम और एसपी गए और दोनों अधिकारियों ने पूरे गांव का भ्रमण किया। जो लोग इधर ऊधर टहल रहे थे। उन्हें अपने -अपने घरों में जाने के लिए कहा।
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हसनी बूथ पर एक पक्ष द्वारा धमकी की सूचना पर पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हो गया। पचारी खुर्द , टिकरी, हसनी पैडा, बभनी, कथकपुरवा समेत कई बूथों पर पीठासीन अधिकारी और प्रत्याशियों के मतदाता सूची आपस में मेल न खाने से मतदान काफी देर तक बाधित रहा। अधिकारियों ने किसी प्रकार मतदाता सूची का मिलान कराकर मतदान चालू करवाया। एसडीएम चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि 17 व 18 नवंबर की रात में मतदाता सूची अपडेट होने के बाद मतदाताओं का क्रमांक बदल जाने से यह कठिनाई सामने आई जिसे दूर कर दिया गया।
सीओ रुधौली का कहना है कि थुम्हवा पाण्डेय वाली घटना में बैठाए गए लोगों को मतदान ख़त्म होने पर छोड़ दिया
जाएगा। साऊंघाट ब्लॉक प्रतिनिधि के मुताबिक 87 ग्राम प्रधान एवं 1019 सदस्यों में से प्रधान पद के 691 एवं सदस्य 782 के भाग का फैसला छिटपुट घटनाओं के साथ मतपेटी में बंद हुआ। प्रत्याशी एक-एक वोट को तलाश कर में पोलिंग बूथ तक ले गए। तीन बजे के बाद कई बूथों पर फर्जी मतदाता के नाम छिटफुट घटनाएं र्हुइं। प्रशासन की सख्ती के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। साऊंघाट के ग्राम पंचायत के भादी बुजुर्ग, दौलतपुर, पठनौली, पुर्सिया, पड़िया खास, मझौआमीर, सरैया, एवं सल्टौआ के मझौआ लाला, मुनियाव, बस्डिलिया, पुरैना, सुभई, उमरा, केउआ जप्ती, सिसवारी, ग्राम सभा पकरी चौबे सहित अन्य ग्रामों में सुबह से ही लंबी लाइन लगी रही।
दो बजे के बाद बूथों पर भीड़ कम दिखाई देने लगी। चहल-पहल तीन बजे के बाद शुरू हुआ। जब प्रत्याशी एक-एक वोट के लिये संघर्ष कर रहे थे। उसी में फर्जी वोटिंग को लेकर प्रत्याशी आपस में भिड़ गए। करीब तीन बजे बस्डिलिया बूथ पर एक प्रत्याशी द्वारा फर्जी वोट डलवाने को लेकर दूसरे प्रत्याशी फर्जी होने का दावा किया। इसी बात को लेकर एक ही गांव के दोनों प्रत्याशी के समर्थक आमने-सामने हो गए। उपस्थित सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ. राजीव वर्मा अलग से पुलिस बल मंगा कर सभी एजेंटों को शांत करवाया। इसके तुरंत बाद नजदीक में ग्राम सभा सुभई में वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण एक प्रत्याशी द्वारा धमकाया जा रहा था। इस बात को लेकर दो प्रत्याशी समर्थक के साथ आपस में भिड़ गए। हाथापाई होते ही भारी मात्रा में पुलिस बल पहुंच कर मामले को शांत करवाया एवं समयानुसार मतपेटी को सील कर पेटी को रवानगी करवाया।
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प्रतिनिधियों से मिली रपट के मुताबिक लगभग सभी बूथों पर कुछ न कुछ हुआ। मतदाता सूची में गड़बड़ी का सामना अफसरों को करना पड़ा। इसी को लेकर रूधौली के एक बूथ पर देर से मतदान शुरू हुआ। मतदाता सूची में कमियों की शिकायतें सबसे अधिक मिली। चुनाव से पहले ही प्रशासन को इसी बात को लेकर शिकायतें मिली थीं। बीएलओ की मनमानी का खामियाजा सबसे अधिक पात्र मतदाताओं को भुगतना पड़ा। कोई भी ऐसा गांव नहीं जहां मतदाता सूची में हेराफेरी की शिकायतें न की गई हों।
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रुधौली प्रतिनिधि के मुताबिक पंचायती चुनाव में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांति पूर्वक संपन्न हुआ। यहां पर कुल 70 फीसदी मत पड़े। थुम्हवा पाण्डेय बूथ पर प्रत्याशी प्रदीप दुबे व बबलू पाण्डेय के बीच हुई तनातनी की सूचना पर पुलिस ने दोनों पक्षों के तीन - तीन लोगों को उठा लिया। बाद में इस गांव में डीएम और एसपी गए और दोनों अधिकारियों ने पूरे गांव का भ्रमण किया। जो लोग इधर ऊधर टहल रहे थे। उन्हें अपने -अपने घरों में जाने के लिए कहा।
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हसनी बूथ पर एक पक्ष द्वारा धमकी की सूचना पर पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हो गया। पचारी खुर्द , टिकरी, हसनी पैडा, बभनी, कथकपुरवा समेत कई बूथों पर पीठासीन अधिकारी और प्रत्याशियों के मतदाता सूची आपस में मेल न खाने से मतदान काफी देर तक बाधित रहा। अधिकारियों ने किसी प्रकार मतदाता सूची का मिलान कराकर मतदान चालू करवाया। एसडीएम चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि 17 व 18 नवंबर की रात में मतदाता सूची अपडेट होने के बाद मतदाताओं का क्रमांक बदल जाने से यह कठिनाई सामने आई जिसे दूर कर दिया गया।
सीओ रुधौली का कहना है कि थुम्हवा पाण्डेय वाली घटना में बैठाए गए लोगों को मतदान ख़त्म होने पर छोड़ दिया
जाएगा। साऊंघाट ब्लॉक प्रतिनिधि के मुताबिक 87 ग्राम प्रधान एवं 1019 सदस्यों में से प्रधान पद के 691 एवं सदस्य 782 के भाग का फैसला छिटपुट घटनाओं के साथ मतपेटी में बंद हुआ। प्रत्याशी एक-एक वोट को तलाश कर में पोलिंग बूथ तक ले गए। तीन बजे के बाद कई बूथों पर फर्जी मतदाता के नाम छिटफुट घटनाएं र्हुइं। प्रशासन की सख्ती के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। साऊंघाट के ग्राम पंचायत के भादी बुजुर्ग, दौलतपुर, पठनौली, पुर्सिया, पड़िया खास, मझौआमीर, सरैया, एवं सल्टौआ के मझौआ लाला, मुनियाव, बस्डिलिया, पुरैना, सुभई, उमरा, केउआ जप्ती, सिसवारी, ग्राम सभा पकरी चौबे सहित अन्य ग्रामों में सुबह से ही लंबी लाइन लगी रही।
दो बजे के बाद बूथों पर भीड़ कम दिखाई देने लगी। चहल-पहल तीन बजे के बाद शुरू हुआ। जब प्रत्याशी एक-एक वोट के लिये संघर्ष कर रहे थे। उसी में फर्जी वोटिंग को लेकर प्रत्याशी आपस में भिड़ गए। करीब तीन बजे बस्डिलिया बूथ पर एक प्रत्याशी द्वारा फर्जी वोट डलवाने को लेकर दूसरे प्रत्याशी फर्जी होने का दावा किया। इसी बात को लेकर एक ही गांव के दोनों प्रत्याशी के समर्थक आमने-सामने हो गए। उपस्थित सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ. राजीव वर्मा अलग से पुलिस बल मंगा कर सभी एजेंटों को शांत करवाया। इसके तुरंत बाद नजदीक में ग्राम सभा सुभई में वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण एक प्रत्याशी द्वारा धमकाया जा रहा था। इस बात को लेकर दो प्रत्याशी समर्थक के साथ आपस में भिड़ गए। हाथापाई होते ही भारी मात्रा में पुलिस बल पहुंच कर मामले को शांत करवाया एवं समयानुसार मतपेटी को सील कर पेटी को रवानगी करवाया।