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Basti News: एईएस-जेई के मिले छह मरीज...विभाग सतर्क
Mon, 11 Aug 2025 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 11 Aug 2025 12:51 AM IST
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बस्ती। जेई और एईएस के छह केस मिलने से विभाग सतर्क हो गया है। लोगों को संक्रमण से बचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बीमारियों से बचाव के तौर-तरीके बताए जा रहे हैं। जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में भर्ती हाईग्रेड फीवर वाले बच्चों की जेई-एईएस की जांच के लिए सैंपलिंग कराई जा रही है।
एईएस-जेई जानलेवा बीमारी है। पिछले नौ वर्षों में एईएस ने 50 जबकि जेई से चार की मौत हो चुकी है। साल 2017 में 159 लोग एईएस की चपेट में आए थे। उनमें 23 की जान चली गई थी। वर्ष 2018 में बीमारी ने 113 लोगों को अपनी जद लिया, जिसमें 12 की मौत हो गई। 2019 में 80 पीड़ितों में 11 की जान चली गई। 2020 में 74 में दो मौतें हुईं। 2021 में 57 बीमार हुए, मौत का आकड़ा शून्य रहा, तो 2022 में 43 बीमार हुए और दो की मौत हुई थी।
2023 में 43, 2024 में 46 और 2025 में छह केस निकले हैं। इन तीन वर्षों में मौत का आकड़ा शून्य रहा। जिला मलेरिया अधिकारी राजेश चौबे ने बताया कि इस रोग से बचाव के लिए संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। बचाव के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। मच्छरों से पनपने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए लगातार स्क्रीनिंग हो रहा है। लोगों से अपील भी कर रहे कि अपने आसपास पानी न जमा होने दें। साफ का विशेष ध्यान रखें।
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जनवरी से अब तक जेई-एईएस के छह केस निकले हैं। अभी किसी व्यक्ति की मौत इस बीमारी से नहीं हुई है। बेहतर उपचार की सुविधा सभी सीएचसी और जिला अस्पताल में है। -डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।
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एईएस-जेई जानलेवा बीमारी है। पिछले नौ वर्षों में एईएस ने 50 जबकि जेई से चार की मौत हो चुकी है। साल 2017 में 159 लोग एईएस की चपेट में आए थे। उनमें 23 की जान चली गई थी। वर्ष 2018 में बीमारी ने 113 लोगों को अपनी जद लिया, जिसमें 12 की मौत हो गई। 2019 में 80 पीड़ितों में 11 की जान चली गई। 2020 में 74 में दो मौतें हुईं। 2021 में 57 बीमार हुए, मौत का आकड़ा शून्य रहा, तो 2022 में 43 बीमार हुए और दो की मौत हुई थी।
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2023 में 43, 2024 में 46 और 2025 में छह केस निकले हैं। इन तीन वर्षों में मौत का आकड़ा शून्य रहा। जिला मलेरिया अधिकारी राजेश चौबे ने बताया कि इस रोग से बचाव के लिए संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। बचाव के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। मच्छरों से पनपने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए लगातार स्क्रीनिंग हो रहा है। लोगों से अपील भी कर रहे कि अपने आसपास पानी न जमा होने दें। साफ का विशेष ध्यान रखें।
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जनवरी से अब तक जेई-एईएस के छह केस निकले हैं। अभी किसी व्यक्ति की मौत इस बीमारी से नहीं हुई है। बेहतर उपचार की सुविधा सभी सीएचसी और जिला अस्पताल में है। -डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।