{"_id":"660efddfe5c370dd34071634","slug":"sister-is-asking-for-four-bighas-of-land-basti-news-c-207-1-sgkp1002-114313-2024-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: पिता का इलाज कराने के एवज में बहन मांग रही चार बीघा जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: पिता का इलाज कराने के एवज में बहन मांग रही चार बीघा जमीन
Fri, 05 Apr 2024 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 05 Apr 2024 12:52 AM IST
विज्ञापन
पैतृक जमीन के लिए भाई-बहन में चल रहा था विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज (बस्ती)। जमीन की लालच हर रिश्ते को तोड़ देता है। कुछ ऐसा ही कप्तानगंज क्षेत्र के मीता सोती गांव में हुआ। गांव के पलटू चौधरी का परिवार कई साल से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। पलटू की पत्नी उषा देवी की 20 साल पहले मौत हो चुकी है। उनके तीन बेटियाें में बड़ी बेटी संध्या, साधना, कुसुम और बड़े बेटे प्रदीप कुमार चौधरी की शादी हो चुकी थी।
सबसे छोटा संदीप कुमार चौधरी घर पर ही रहकर खेती बारी करता है। पलटू संक्रामक बीमारी से पीड़ित थे। बड़ा बेटा प्रदीप कुमार चौधरी पूणे में रहकर टाइल्स लगाने का काम करता था। बड़ी बेटी संध्या की शादी दुबौलिया क्षेत्र के चुइल काजी गांव में हुई है। पलटू कई महीनों से बड़ी बेटी संध्या के घर दवा कराने गया था। उनका इलाज कैली और मेडिकल कॉलेज अयोध्या में चल रहा था। सेवा और इलाज के बहाने बड़ी बेटी संध्या की नजर पैतृक जमीन पर पड़ गई।
पिता को बहला-फुसलाकर उसने आठ बीघा जमीन में से सड़क के बगल की चार बीघा जमीन को लिखाने के लिए एक मार्च को पिता को लेकर हरैया रजिस्ट्री कार्यालय पर गई थी। इसकी जानकारी होने पर प्रदीप और संदीप हरैया पहुंच गए। बताया जा रहा है कि वहां पर संध्या और प्रदीप के बीच मारपीट हुई। घटना के बाद हरैया पुलिस ने दोनों पक्षों को हिरासत में लिया था। बताया जा रहा है कि बाद में जमीन वरासत कराने के लिए संध्या ने गोंडा से ऑनलाइन कराया है। ग्रामीणों की मानें तो वरासत की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। इसी बीच 20 मार्च को बीमारी के चलते मौत हो गई। एक अप्रैल को ब्रह्मभोज निपटने के बाद प्रदीप कुमार लगातार अवसाद में रहने लगा।
विज्ञापन
..
गेहूं काटने के बाद छोड़ दो जमीन
प्रदीप की पत्नी सिम्पा और छोटा भाई संदीप कुमार ने मौत के पीछे बड़ी बहन संध्या और साधना को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जबकि बड़ी बहन संध्या ने पुलिस के सामने बताया कि पिता ने खुद ही जमीन देने की बात कही थी। मुझे खेत का कोई लालच नहीं है। भाई पिता की दवा नहीं करा रहे थे। इसलिए मैंने उनका दवा इलाज कराया। जबकि संध्या परिवार में कहने लगी थी कि पिता की बीमारी में छह लाख खर्च हुए हैं। गेहूं काटने के बाद सड़क के बगल वाली जमीन को तुम लोग छोड़ दो। पलटू के कर्मकांड तक मामला शांत रहा। उसके बाद पुनः तकरार होने लगी।
...
कुछ छिपाने का संदेह
- पुलिस और गांव के लोगों को इस घटना के पीछे कुछ और कहानी छिपी होने की आशंका जाहिर कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को घटना के पीछे करंट लगने की बात सामने आने से संदेह और भी गहरा गया। जबकि पोस्टमार्टम में हैंगिंग की पुष्टि हुई। गांव के कुछ लोग परिवार में कलह की कुछ और भी वजह बता रहे थे। जिस पर पुलिस जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि इसके पहले भी प्रदीप ने कई बार जान देने का प्रयास कर चुका है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज (बस्ती)। जमीन की लालच हर रिश्ते को तोड़ देता है। कुछ ऐसा ही कप्तानगंज क्षेत्र के मीता सोती गांव में हुआ। गांव के पलटू चौधरी का परिवार कई साल से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। पलटू की पत्नी उषा देवी की 20 साल पहले मौत हो चुकी है। उनके तीन बेटियाें में बड़ी बेटी संध्या, साधना, कुसुम और बड़े बेटे प्रदीप कुमार चौधरी की शादी हो चुकी थी।
सबसे छोटा संदीप कुमार चौधरी घर पर ही रहकर खेती बारी करता है। पलटू संक्रामक बीमारी से पीड़ित थे। बड़ा बेटा प्रदीप कुमार चौधरी पूणे में रहकर टाइल्स लगाने का काम करता था। बड़ी बेटी संध्या की शादी दुबौलिया क्षेत्र के चुइल काजी गांव में हुई है। पलटू कई महीनों से बड़ी बेटी संध्या के घर दवा कराने गया था। उनका इलाज कैली और मेडिकल कॉलेज अयोध्या में चल रहा था। सेवा और इलाज के बहाने बड़ी बेटी संध्या की नजर पैतृक जमीन पर पड़ गई।
विज्ञापन
पिता को बहला-फुसलाकर उसने आठ बीघा जमीन में से सड़क के बगल की चार बीघा जमीन को लिखाने के लिए एक मार्च को पिता को लेकर हरैया रजिस्ट्री कार्यालय पर गई थी। इसकी जानकारी होने पर प्रदीप और संदीप हरैया पहुंच गए। बताया जा रहा है कि वहां पर संध्या और प्रदीप के बीच मारपीट हुई। घटना के बाद हरैया पुलिस ने दोनों पक्षों को हिरासत में लिया था। बताया जा रहा है कि बाद में जमीन वरासत कराने के लिए संध्या ने गोंडा से ऑनलाइन कराया है। ग्रामीणों की मानें तो वरासत की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी थी। इसी बीच 20 मार्च को बीमारी के चलते मौत हो गई। एक अप्रैल को ब्रह्मभोज निपटने के बाद प्रदीप कुमार लगातार अवसाद में रहने लगा।
विज्ञापन
..
गेहूं काटने के बाद छोड़ दो जमीन
प्रदीप की पत्नी सिम्पा और छोटा भाई संदीप कुमार ने मौत के पीछे बड़ी बहन संध्या और साधना को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जबकि बड़ी बहन संध्या ने पुलिस के सामने बताया कि पिता ने खुद ही जमीन देने की बात कही थी। मुझे खेत का कोई लालच नहीं है। भाई पिता की दवा नहीं करा रहे थे। इसलिए मैंने उनका दवा इलाज कराया। जबकि संध्या परिवार में कहने लगी थी कि पिता की बीमारी में छह लाख खर्च हुए हैं। गेहूं काटने के बाद सड़क के बगल वाली जमीन को तुम लोग छोड़ दो। पलटू के कर्मकांड तक मामला शांत रहा। उसके बाद पुनः तकरार होने लगी।
...
कुछ छिपाने का संदेह
- पुलिस और गांव के लोगों को इस घटना के पीछे कुछ और कहानी छिपी होने की आशंका जाहिर कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को घटना के पीछे करंट लगने की बात सामने आने से संदेह और भी गहरा गया। जबकि पोस्टमार्टम में हैंगिंग की पुष्टि हुई। गांव के कुछ लोग परिवार में कलह की कुछ और भी वजह बता रहे थे। जिस पर पुलिस जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि इसके पहले भी प्रदीप ने कई बार जान देने का प्रयास कर चुका है।