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एसआईआर : रिहाइश भले शहर में, वोटर गांव में ही रहेंगे

Thu, 18 Dec 2025 12:49 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 18 Dec 2025 12:49 AM IST
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SIR: Even if you live in the city, your voters will stay in the village.
बस्ती। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान एएसडी श्रेणी के कुल 3,09,681 मतदाताओं का ग्राफ घटाना बीएलओ एवं सुपरवाइजर के लिए कठिन चुनौती बनी हुई है। अथक प्रयास के बाद यदि मतदाता पकड़ में आ रहे हैं तो वह परिवर्तित स्थान के बजाय अपने मूल निवास स्थान से वोटर बनने पर सहमति व्यक्त कर रहे हैं।
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समझाने-बुझाने के बाद भी बीएलओ ऐसे मतदाताओं का एसआईआर फार्म नहीं भरवा पा रहे हैं। जबकि प्रत्येक बूथ पर एएसडी श्रेणी के मतदाताओं का अनुपात कम करने का उच्चाधिकारियों का दबाव है। जिले भर में एएसडी मतदाताओं में से 1,53,000 लोग शिफ्टेड की श्रेणी में चिह्नित हैं। इसमें अधिकांश मतदाता सदर विधानसभा के शहरी क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। सुदूर एवं निकट के गांवों से बच्चों की पढ़ाई एवं रोजी रोजगार के चलते तमाम लोग शहर एवं पास इलाकों में घर बनवाकर रहने लगे हैं।
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पहले विधानसभा निर्वाचक नामावली सूची में इतनी पारदर्शिता न होने के कारण लोग अपने मूल स्थान और शहर दोनों जगहों से वोटर बन गए थे। सुविधा के अनुसार चुनाव के समय लोग मतदान भी करते रहे।
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इस बार एसआईआर प्रक्रिया में अब एक ही जगह से मतदाता बनना होगा। इसलिए शहर में बाहर से आकर रहने वाले लोग इस विधानसभा के एसआईआर फार्म भरने से मुंह मोड़ लिए हैं। आवास विकास, कटरा क्षेत्र में 15 हजार के लगभग मतदाता पिछले निर्वाचन नामावली में दर्ज थे। प्रत्येक मतदाता के नाम एसआईआर फार्म निर्गत किया गया है। लगभग सात हजार मतदाताओं ने इस बार एसआईआर फार्म भरकर देने से मनाकर दिया है। इन मतदाताओं का कहना है कि वह अपने मूल निवास स्थान से ही वोटर रहेंगे।

इसी तरह मतदेय स्थल आर्य कन्या स्कूल के सात बूथों पर 12 हजार मतदाताओं का एसआईआर फार्म बीएलओ को मिला है। इसमें से 9 हजार मतदाताओं की ही एसआईआर प्रक्रिया पूरी हो पाई है। बीएलओ और सुपरवाइजर का कहना है कि गांव से शहर में आकर बसे लोग स्थायी रूप से यहां वोटर नहीं बनना चाह रहे हैं।
ऐसे में जबरन किसी को वोटर नहीं बनाया जा सकता है। शहरी क्षेत्र के प्रत्येक बूथ पर इस तरह के मतदाता मिल रहे हैं। ऐसे मतदाता एएसडी श्रेणी रखे गए हैं।
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