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आजादी से अब तक निर्विरोध प्रधान
ब्यूरो, अमर उजाला बस्ती
Updated Sat, 28 Nov 2015 12:13 AM IST
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जिले के परशुरामपुर विकास खंड में जगदीशपुर माफी और रघुनाथपुर ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां आजादी के बाद से लेकर अब तक ग्राम प्रधान के चुनाव में मतदान की नौबत ही नहीं आई है। इस बार भी जगदीशपुर माफी से सरोज पांडेय और रघुनाथपुर से शेर बहादुर सिंह निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए।
जहां एक ओर पंचायत चुनाव में संघर्ष और कटुता की बातें सामने आती हैं वहां के लिए फैजाबाद और बस्ती की सीमा पर बसे परशुरामपुर विकास खंड की जगदीशपुर माफी व रघुनाथपुर नजीर हैं। आजादी के बाद से दोनों ही स्थानों पर ग्राम प्रधान पद के वोटिंग की नौबत नहीं आई।
इस बार जगदीशपुर माफी से सरोज पांडेय व इसी परिवार की शांति पांडेय जो रिश्ते में सास बहू हैं ने नामांकन किया था। शुक्रवार को नाम वापसी के दिन शांति पांडेय का नामांकन वापस ले लिया गया। इसके बाद सरोज पांडेय का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा था।
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शुक्रवार देर शाम आरओ ने इसकी औपचारिकता भी पूरी कर दी। अब चुनाव के इन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा। पिछली बार यहां से कमलेंद्र प्रताप ग्राम प्रधान बने थे। जबकि इसके पहले माधव प्रताप नरायन पांडेय, सुधा पांडेय, शिवशंकर सोनी प्रधान चुने गए थे।
वहीं जगदीशपुर ग्राम पंचायत कोर्ट साहब के नाम से प्रसिद्ध अधिवक्ता व पूर्व विधायक रहे सुरेंद्र प्रताप नरायन पांडेय का गांव है। इस गांव से अधिकांश समय इनके परिवार के लोग ही ग्राम प्रधान रहे हैं।
अगर आरक्षण के फेर में स्थिति बदली भी तो इस परिवार के लोगाें ने गांव के जिस भी व्यक्ति को चुनाव के लिए अधिकृत कर दिया। सभी ने एक स्वर से इसका समर्थन कर दिया। पूर्व विधायक के पुत्र व कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप नरायन पांडेय का कहना है कि इस गांव में आपसी सद्भाव आज भी सभी में है।
किसी भी मुद्दे पर सब लोग एकमत होकर राय बना लेते हैं। इसी पर सभी कायम रहते हैं। विकास सभी की रायशुमारी से होता है।
रिटायर्ड शिक्षक के हाथ में ग्राम पंचायत की कमान ः रघुनाथपुर गांव से इस बार शेर बहादुर सिंह निर्विरोध रूप से ग्राम प्रधान चुने गए हैं। वे किसान इंटर कालेज परशुरामपुर के रिटायर्ड प्रवक्ता हैं। इनके परिवार के लोग राजनीति में अक्सर बने रहते हैं। इनके लड़के आशुतोष प्रताप सिंह इस बार जिला पंचायत सदस्य चुने गए हैं। पिछली दफा यहां से गिरजेश कुमारी ग्राम प्रधान चुनी गईं थीं।
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जहां एक ओर पंचायत चुनाव में संघर्ष और कटुता की बातें सामने आती हैं वहां के लिए फैजाबाद और बस्ती की सीमा पर बसे परशुरामपुर विकास खंड की जगदीशपुर माफी व रघुनाथपुर नजीर हैं। आजादी के बाद से दोनों ही स्थानों पर ग्राम प्रधान पद के वोटिंग की नौबत नहीं आई।
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इस बार जगदीशपुर माफी से सरोज पांडेय व इसी परिवार की शांति पांडेय जो रिश्ते में सास बहू हैं ने नामांकन किया था। शुक्रवार को नाम वापसी के दिन शांति पांडेय का नामांकन वापस ले लिया गया। इसके बाद सरोज पांडेय का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा था।
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शुक्रवार देर शाम आरओ ने इसकी औपचारिकता भी पूरी कर दी। अब चुनाव के इन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा। पिछली बार यहां से कमलेंद्र प्रताप ग्राम प्रधान बने थे। जबकि इसके पहले माधव प्रताप नरायन पांडेय, सुधा पांडेय, शिवशंकर सोनी प्रधान चुने गए थे।
वहीं जगदीशपुर ग्राम पंचायत कोर्ट साहब के नाम से प्रसिद्ध अधिवक्ता व पूर्व विधायक रहे सुरेंद्र प्रताप नरायन पांडेय का गांव है। इस गांव से अधिकांश समय इनके परिवार के लोग ही ग्राम प्रधान रहे हैं।
अगर आरक्षण के फेर में स्थिति बदली भी तो इस परिवार के लोगाें ने गांव के जिस भी व्यक्ति को चुनाव के लिए अधिकृत कर दिया। सभी ने एक स्वर से इसका समर्थन कर दिया। पूर्व विधायक के पुत्र व कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप नरायन पांडेय का कहना है कि इस गांव में आपसी सद्भाव आज भी सभी में है।
किसी भी मुद्दे पर सब लोग एकमत होकर राय बना लेते हैं। इसी पर सभी कायम रहते हैं। विकास सभी की रायशुमारी से होता है।
रिटायर्ड शिक्षक के हाथ में ग्राम पंचायत की कमान ः रघुनाथपुर गांव से इस बार शेर बहादुर सिंह निर्विरोध रूप से ग्राम प्रधान चुने गए हैं। वे किसान इंटर कालेज परशुरामपुर के रिटायर्ड प्रवक्ता हैं। इनके परिवार के लोग राजनीति में अक्सर बने रहते हैं। इनके लड़के आशुतोष प्रताप सिंह इस बार जिला पंचायत सदस्य चुने गए हैं। पिछली दफा यहां से गिरजेश कुमारी ग्राम प्रधान चुनी गईं थीं।