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सात चिकित्साधिकारियों को शोकॉज नोटिस
basti
Updated Wed, 29 Aug 2018 10:53 PM IST
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अफसरों के साथ बैठक करते डीएम।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं का हश्र बुरा है। प्रसव के दौरान मृत्यु दर कम करने के लिए लागू जननी सुरक्षा योजना का हाल और भी पस्त है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम डॉ. राजशेखर ने सात प्रभारी चिकित्साधिकारियों के खिलाफ शोकॉज नोटिस थमाया।
इनमें जननी सुरक्षा योजना के हजारों लाभार्थियों का भुगतान लंबित रखने के कारण हर्रैया, बहादुरपुर और भानपुर को कारण कारण नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने सीएमओ को निर्देशित किया कि सभी एमओआईसी से सभी लाभार्थियों का खाता खोलकर 15 सितंबर तक जमा करवाने के बाद रिपोर्ट करें। साथ ही प्रसव के दौरान जननी की मृत्यु की लेखा परीक्षा लंबित रखने को गंभीरता से लेते हुए विक्रमजोत, गौर, कुदरहा और परशुरामपुर के एमओआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस दौरान डीएम ने प्रसव के दौरान मृत्यु दर न्यूनतम करने के लिए सभी एमओआईसी से सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का बिना त्रुटि के शुगर परीक्षण, एचआईवी परीक्षण और अल्ट्रासाउंड परीक्षण कराने को कहा। डीएम ने जिले में लागू आयुष्मान भारत योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि सर्वेक्षण और डेटा प्रविष्टि का कार्य लगभग 99% हो चुका है। प्रशासन के लिए सबसे सुखद यह है कि यहां के 12 से अधिक अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने को तैयार हैं। बैठक में सीडीओ अरविंद पांडेय, सीएमओ डॉ. जेएल कनौजिया, सीएमएस कैली और सभी एमओआईसी शामिल थे।
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इनमें जननी सुरक्षा योजना के हजारों लाभार्थियों का भुगतान लंबित रखने के कारण हर्रैया, बहादुरपुर और भानपुर को कारण कारण नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने सीएमओ को निर्देशित किया कि सभी एमओआईसी से सभी लाभार्थियों का खाता खोलकर 15 सितंबर तक जमा करवाने के बाद रिपोर्ट करें। साथ ही प्रसव के दौरान जननी की मृत्यु की लेखा परीक्षा लंबित रखने को गंभीरता से लेते हुए विक्रमजोत, गौर, कुदरहा और परशुरामपुर के एमओआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस दौरान डीएम ने प्रसव के दौरान मृत्यु दर न्यूनतम करने के लिए सभी एमओआईसी से सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का बिना त्रुटि के शुगर परीक्षण, एचआईवी परीक्षण और अल्ट्रासाउंड परीक्षण कराने को कहा। डीएम ने जिले में लागू आयुष्मान भारत योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि सर्वेक्षण और डेटा प्रविष्टि का कार्य लगभग 99% हो चुका है। प्रशासन के लिए सबसे सुखद यह है कि यहां के 12 से अधिक अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने को तैयार हैं। बैठक में सीडीओ अरविंद पांडेय, सीएमओ डॉ. जेएल कनौजिया, सीएमएस कैली और सभी एमओआईसी शामिल थे।
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