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Basti News: बड़े नेताओं की सिफारिशी चिट्ठी दिखा दिलासा देता रहा दिल्ली का ठग जेना
Fri, 13 Oct 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 13 Oct 2023 12:13 AM IST
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प्रबंधक खुदकुशी प्रकरण
- अकरम को भेजा था गृहमंत्री अमित शाह, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकबी, सांसद जुएल ओराम की चिट्ठी
- अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य बनवाने के लिए सिफारिशी चिट्ठी लिखवाने का करता था दावा
- 19 सितंबर को भाजपा नेता व खैर इंटर कालेज के प्रबंधक ने गोली मार कर की थी खुदकुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। भाजपा नेता व बेगम खैर इंटर गर्ल्स कालेज के प्रबंधक रहे मोहम्मद अकरम की खुदकुशी मामले में बृहस्पतिवार को एक नया खुलासा हुआ है। अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य बनवाने के लिए एक करोड़ रुपये से ज्यादा रकम ले लेने के बाद दिल्ली के ठग जोशुआ जेना झांसा देने के लिए सिफरिशी चिट्ठी का दांव खेलने लगा था। वह बिचौलिए अब्दुल्ला के जरिए मोहम्मद अकरम को गृहमंत्री अमित शाह, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकबी, उड़ीसा के सांसद जुएल ओराम जैसे शीर्ष राजनीतिज्ञों के पैड पर फर्जी रिकमेंडेशन लेटर भेजकर कहता था कि इन लोगों ने आपका नाम प्रस्तावित कर दिया है। जल्द ही काम हो जाएगा।
मोहम्मद अकरम के बेटे मोहम्मद अशरफ ने बताया कि उनके पिता को मालूम हो गया था कि रुपये हड़पने के लिए वह झूठी कहानी बता रहा है। बेटे के अनुसार उनके पिता ने मोबाइल पर भेजे गए वह सारे लेटर दिखाया था। उसमें से सांसद जुएल ओराम के पैड पर लिखा गया रिकमेंडेशन लेटर की कॉपी पुलिस के पास मौजूद है। कोतवाल विनय कुमार पाठक ने बताया कि वह पत्र सही है या फर्जी,इसकी जांच की जा रही है।
बता दें कि 19 सितंबर को अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से खुदकुशी करने वाले मोहम्मद अकरम के सुसाइड नोट के आधार पर उनके बेटे मोहम्मद अशरफ ने कोतवाली में दिल्ली के रफी मार्ग पार्लियामेंट गली के विलाल भाई पटेल हाउस के थर्ड फ्लोर पर रहने वाले जोशुआ जेना और लालगंज थाने के महसों निवासी अब्दुल्ला के खिलाफ केस दर्ज कराया है। जिसमें बताया गया है कि मोहम्मद अकरम दिल्ली सचिवालय में खुद को सचिव बताने वाले जालसाज के चक्कर में फंस गए थे। उसने इन्हें अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) बनवाने और दिल्ली में शानदार मकान दिलवाने का सब्ज बाग दिखाकर एक करोड़ से ज्यादा रुपये लेकर हड़प लिया था। मोहम्मद अकरम लोगों से उधार लेकर उसे रुपये देते गए। बाद में जब वह मुकर गया तो इनके पैरों तले जमीन सरक गई। इधर बकाएदारों ने अपनी रकम वापस करने का दबाव बनाने लगे थे। जेना से बड़ा धोखा खाने और बकाएदारों का दबाव बढ़ने के बाद वह अवसाद में चले गए। जिसका परिणाम 19 सितंबर को तड़के उनकी खुदकुशी के रूप में सामने आया।
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जेल भेजा गया अब्दुल्ला नाई
- कोतवाली पुलिस ने मोहम्मद अकरम की खुदकुशी केस में नामजद अब्दुल्ला नाई को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। उसने पूछताछ में हाईलेबल लाइजनर जेनब जेना के बारे में पुलिस को काफी जानकारी दी है। उसने बताया है कि वह बड़े-बड़े लोगों के बीच रुपये लेकर लाइजनिंग का काम करता था। मोहम्मद अकरम और जेना के बीच हुई डील में अपनी भूमिका के बारे में उसने बताया कि उसने दोनों लोगों की मुलाकात तो करवाई थी लेकिन उनके बीच के लेनदेन आदि की जानकारी नहीं थी। बाद में दोनों लोग खुद ही डीलिंग करने लगे थे। लालगंज थानाक्षेत्र के महसों निवासी अब्दुल्ला की दिल्ली सचिवालय के पास नाई की दुकान है। मोहम्मद अकरम किसी काम से दिल्ली गए हुए थे। जहां उनकी मुलाकात अब्दुला से हो गई थी।
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यह थी घटना
- मूल रूप से कोतवाली थानाक्षेत्र के बल्लीपट्टी निवासी मोहम्मद अकरम शहर के मुरलीजोत मोहल्ले में मकान बनवाकर परिवार के साथ रहते थे। वह बेगम खैर इंटर काॅलेज के प्रबंधक, भाजपा नेता और खैर ट्रस्ट के पूर्व मुतवल्ली भी थे। 19 सितंबर को सुबह पांच बजे घर के बरामदे में रखी झूला कुर्सी पर खून से लथपथ उनका शव पाया गया। परिवार के लोगों ने बताया कि उन्होंने लाइसेंसी रिवाॅल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर लिया। कुर्सी के सामने मेज पर चश्मे के नीचे दबा एक सुसाइड नोट मिला था।
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- अकरम को भेजा था गृहमंत्री अमित शाह, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकबी, सांसद जुएल ओराम की चिट्ठी
- अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य बनवाने के लिए सिफारिशी चिट्ठी लिखवाने का करता था दावा
- 19 सितंबर को भाजपा नेता व खैर इंटर कालेज के प्रबंधक ने गोली मार कर की थी खुदकुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। भाजपा नेता व बेगम खैर इंटर गर्ल्स कालेज के प्रबंधक रहे मोहम्मद अकरम की खुदकुशी मामले में बृहस्पतिवार को एक नया खुलासा हुआ है। अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य बनवाने के लिए एक करोड़ रुपये से ज्यादा रकम ले लेने के बाद दिल्ली के ठग जोशुआ जेना झांसा देने के लिए सिफरिशी चिट्ठी का दांव खेलने लगा था। वह बिचौलिए अब्दुल्ला के जरिए मोहम्मद अकरम को गृहमंत्री अमित शाह, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकबी, उड़ीसा के सांसद जुएल ओराम जैसे शीर्ष राजनीतिज्ञों के पैड पर फर्जी रिकमेंडेशन लेटर भेजकर कहता था कि इन लोगों ने आपका नाम प्रस्तावित कर दिया है। जल्द ही काम हो जाएगा।
मोहम्मद अकरम के बेटे मोहम्मद अशरफ ने बताया कि उनके पिता को मालूम हो गया था कि रुपये हड़पने के लिए वह झूठी कहानी बता रहा है। बेटे के अनुसार उनके पिता ने मोबाइल पर भेजे गए वह सारे लेटर दिखाया था। उसमें से सांसद जुएल ओराम के पैड पर लिखा गया रिकमेंडेशन लेटर की कॉपी पुलिस के पास मौजूद है। कोतवाल विनय कुमार पाठक ने बताया कि वह पत्र सही है या फर्जी,इसकी जांच की जा रही है।
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बता दें कि 19 सितंबर को अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से खुदकुशी करने वाले मोहम्मद अकरम के सुसाइड नोट के आधार पर उनके बेटे मोहम्मद अशरफ ने कोतवाली में दिल्ली के रफी मार्ग पार्लियामेंट गली के विलाल भाई पटेल हाउस के थर्ड फ्लोर पर रहने वाले जोशुआ जेना और लालगंज थाने के महसों निवासी अब्दुल्ला के खिलाफ केस दर्ज कराया है। जिसमें बताया गया है कि मोहम्मद अकरम दिल्ली सचिवालय में खुद को सचिव बताने वाले जालसाज के चक्कर में फंस गए थे। उसने इन्हें अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) बनवाने और दिल्ली में शानदार मकान दिलवाने का सब्ज बाग दिखाकर एक करोड़ से ज्यादा रुपये लेकर हड़प लिया था। मोहम्मद अकरम लोगों से उधार लेकर उसे रुपये देते गए। बाद में जब वह मुकर गया तो इनके पैरों तले जमीन सरक गई। इधर बकाएदारों ने अपनी रकम वापस करने का दबाव बनाने लगे थे। जेना से बड़ा धोखा खाने और बकाएदारों का दबाव बढ़ने के बाद वह अवसाद में चले गए। जिसका परिणाम 19 सितंबर को तड़के उनकी खुदकुशी के रूप में सामने आया।
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जेल भेजा गया अब्दुल्ला नाई
- कोतवाली पुलिस ने मोहम्मद अकरम की खुदकुशी केस में नामजद अब्दुल्ला नाई को बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। उसने पूछताछ में हाईलेबल लाइजनर जेनब जेना के बारे में पुलिस को काफी जानकारी दी है। उसने बताया है कि वह बड़े-बड़े लोगों के बीच रुपये लेकर लाइजनिंग का काम करता था। मोहम्मद अकरम और जेना के बीच हुई डील में अपनी भूमिका के बारे में उसने बताया कि उसने दोनों लोगों की मुलाकात तो करवाई थी लेकिन उनके बीच के लेनदेन आदि की जानकारी नहीं थी। बाद में दोनों लोग खुद ही डीलिंग करने लगे थे। लालगंज थानाक्षेत्र के महसों निवासी अब्दुल्ला की दिल्ली सचिवालय के पास नाई की दुकान है। मोहम्मद अकरम किसी काम से दिल्ली गए हुए थे। जहां उनकी मुलाकात अब्दुला से हो गई थी।
यह थी घटना
- मूल रूप से कोतवाली थानाक्षेत्र के बल्लीपट्टी निवासी मोहम्मद अकरम शहर के मुरलीजोत मोहल्ले में मकान बनवाकर परिवार के साथ रहते थे। वह बेगम खैर इंटर काॅलेज के प्रबंधक, भाजपा नेता और खैर ट्रस्ट के पूर्व मुतवल्ली भी थे। 19 सितंबर को सुबह पांच बजे घर के बरामदे में रखी झूला कुर्सी पर खून से लथपथ उनका शव पाया गया। परिवार के लोगों ने बताया कि उन्होंने लाइसेंसी रिवाॅल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर लिया। कुर्सी के सामने मेज पर चश्मे के नीचे दबा एक सुसाइड नोट मिला था।