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Basti News: एलोपैथ चिकित्सकों की कमी से फीका हो रहा आरोग्य मेला
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बहादुपुर अस्पताल में मरीजों को परामर्श देते डॉ. पवन कुमार संवाद
बस्ती। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला जिले में अव्यवस्थाओं की वजह से अपेक्षित लाभ नहीं दे पा रहा है। रविवार को जिले के 39 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर आयोजित मेले में 1,346 मरीजों को परामर्श दिया गया। कई केंद्रों पर एलोपैथ चिकित्सकों के न पहुंचने से आयुष चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के भरोसे मरीजों का उपचार किया गया। वहीं, एलटी की कमी के कारण कई स्थानों पर रक्त की जांच नहीं हो सकी। एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी मरीजों को नहीं मिल पाई।
स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे मरीजों ने बताया कि आरोग्य मेला में ओपीडी की सुविधा तो है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों और जांच सुविधाओं के अभाव में इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। अधिकांश मरीज बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, पेट दर्द और दस्त जैसी समस्याओं के साथ पहुंचे। नगरीय पीएचसी बरदहिया में डॉ. इंद्रावती ने 41 मरीजों को परामर्श दिया। यहां सर्दी-जुकाम और पेट दर्द के मरीज अधिक रहे। पीएचसी नरहरिया में डॉ. आरपी सिंह ने 52 मरीजों की जांच की। उन्होंने बताया कि बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही और बच्चों में वायरल संक्रमण के मामले सामने आए।
बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार डॉ. अहमद रजा खान ने 20 मरीजों की जांच की। फार्मासिस्ट पीसी पांडेय ने दवाएं वितरित कीं। मरीजों ने बताया कि अतिरिक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था न होने से मेले में सामान्य ओपीडी जैसी ही सुविधा मिल रही है।
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वाल्टरगंज प्रतिनिधि के अनुसार एमओ डॉ. रोहित कुमार ने 19 मरीजों की जांच की। फार्मासिस्ट उमेश चंद्र सिंह ने दवाएं दीं और एलटी कनिष्क चित्रगुप्त ने रक्त के नमूने लिए। यहां खांसी, बुखार और त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीज अधिक पहुंचे।
पीएचसी छावनी, बेलभरिया, हलुआ, बभनान, टिनिच और मंझरिया में भी आरोग्य मेला औपचारिकता तक सीमित रहा। मरीजों ने बताया कि अल्ट्रासाउंड तो दूर, कई केंद्रों पर एक्स-रे और रक्त जांच की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
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एक्स-रे की सुविधा नहीं, निराश लौटे मरीज
मुंडेरवा। पीएचसी और सीएचसी पर आयोजित आरोग्य मेला रविवार को औपचारिकता में सिमट गया। एक्स-रे जांच की सुविधा नहीं मिलने से मरीजों को निराश लौटना पड़ा। सीएचसी पर 15 मरीज पहुंचे। संविदा चिकित्सक डॉ. अंकुर शुक्ल ने बताया कि वायरल फीवर के मरीज अधिक रहे। पीएचसी ओड़वारा में डॉ. यशी श्रीवास्तव ने 19 मरीजों की जांच कर दवाएं दीं। यहां सर्दी-जुकाम, बुखार, उल्टी और दस्त के मरीज अधिक रहे।
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तीन पीएचसी पर 123 मरीजों की जांच
भानपुर। सीएचसी के अंतर्गत तीन पीएचसी पर आयोजित जन आरोग्य मेले में 123 मरीजों की जांच की गई। बुखार, खांसी, सर्दी, त्वचा में खुजली, शुगर और बीपी की शिकायत लेकर मरीज पहुंचे। पीएचसी सगरा में आयुष चिकित्सक डॉ. बृजनंदन ने 47 मरीजों को परामर्श दिया। पीएचसी परसाकुतुब में डॉ. अजय कुमार सिंह ने 40 मरीजों की जांच की। पीएचसी करमहिया में एलोपैथ चिकित्सक नहीं होने पर आयुष चिकित्सक डॉ. अमिष कुमार ने 36 मरीजों को परामर्श दिया। एलटी नहीं होने के कारण यहां जांच नहीं हो सकी।
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बहादुरपुर में 22 मरीजों का उपचार
कलवारी। रामजानकी मार्ग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर में जन आरोग्य मेले के दौरान 22 मरीजों का उपचार किया गया। डॉ. पवन कुमार ने बताया कि वायरल फीवर, खांसी-जुकाम, सांस, पेट दर्द और हड्डी में दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंचे। फार्मासिस्ट गुलाब चंद ने दवाएं दीं, जबकि एलटी राजेश कुमार ने रक्त जांच की। स्टाफ नर्स शशि चौधरी, वार्ड ब्वॉय भगवान दास और दीपचंद ने सहयोग किया।
कोटजन आरोग्य मेले में मरीजों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। जहां एलोपैथ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, वहां आयुष चिकित्सकों की तैनाती की गई है, ताकि मेला प्रभावित न हो।
- डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती
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स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे मरीजों ने बताया कि आरोग्य मेला में ओपीडी की सुविधा तो है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों और जांच सुविधाओं के अभाव में इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। अधिकांश मरीज बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, पेट दर्द और दस्त जैसी समस्याओं के साथ पहुंचे। नगरीय पीएचसी बरदहिया में डॉ. इंद्रावती ने 41 मरीजों को परामर्श दिया। यहां सर्दी-जुकाम और पेट दर्द के मरीज अधिक रहे। पीएचसी नरहरिया में डॉ. आरपी सिंह ने 52 मरीजों की जांच की। उन्होंने बताया कि बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही और बच्चों में वायरल संक्रमण के मामले सामने आए।
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बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार डॉ. अहमद रजा खान ने 20 मरीजों की जांच की। फार्मासिस्ट पीसी पांडेय ने दवाएं वितरित कीं। मरीजों ने बताया कि अतिरिक्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था न होने से मेले में सामान्य ओपीडी जैसी ही सुविधा मिल रही है।
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वाल्टरगंज प्रतिनिधि के अनुसार एमओ डॉ. रोहित कुमार ने 19 मरीजों की जांच की। फार्मासिस्ट उमेश चंद्र सिंह ने दवाएं दीं और एलटी कनिष्क चित्रगुप्त ने रक्त के नमूने लिए। यहां खांसी, बुखार और त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीज अधिक पहुंचे।
पीएचसी छावनी, बेलभरिया, हलुआ, बभनान, टिनिच और मंझरिया में भी आरोग्य मेला औपचारिकता तक सीमित रहा। मरीजों ने बताया कि अल्ट्रासाउंड तो दूर, कई केंद्रों पर एक्स-रे और रक्त जांच की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
एक्स-रे की सुविधा नहीं, निराश लौटे मरीज
मुंडेरवा। पीएचसी और सीएचसी पर आयोजित आरोग्य मेला रविवार को औपचारिकता में सिमट गया। एक्स-रे जांच की सुविधा नहीं मिलने से मरीजों को निराश लौटना पड़ा। सीएचसी पर 15 मरीज पहुंचे। संविदा चिकित्सक डॉ. अंकुर शुक्ल ने बताया कि वायरल फीवर के मरीज अधिक रहे। पीएचसी ओड़वारा में डॉ. यशी श्रीवास्तव ने 19 मरीजों की जांच कर दवाएं दीं। यहां सर्दी-जुकाम, बुखार, उल्टी और दस्त के मरीज अधिक रहे।
तीन पीएचसी पर 123 मरीजों की जांच
भानपुर। सीएचसी के अंतर्गत तीन पीएचसी पर आयोजित जन आरोग्य मेले में 123 मरीजों की जांच की गई। बुखार, खांसी, सर्दी, त्वचा में खुजली, शुगर और बीपी की शिकायत लेकर मरीज पहुंचे। पीएचसी सगरा में आयुष चिकित्सक डॉ. बृजनंदन ने 47 मरीजों को परामर्श दिया। पीएचसी परसाकुतुब में डॉ. अजय कुमार सिंह ने 40 मरीजों की जांच की। पीएचसी करमहिया में एलोपैथ चिकित्सक नहीं होने पर आयुष चिकित्सक डॉ. अमिष कुमार ने 36 मरीजों को परामर्श दिया। एलटी नहीं होने के कारण यहां जांच नहीं हो सकी।
बहादुरपुर में 22 मरीजों का उपचार
कलवारी। रामजानकी मार्ग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर में जन आरोग्य मेले के दौरान 22 मरीजों का उपचार किया गया। डॉ. पवन कुमार ने बताया कि वायरल फीवर, खांसी-जुकाम, सांस, पेट दर्द और हड्डी में दर्द की शिकायत लेकर मरीज पहुंचे। फार्मासिस्ट गुलाब चंद ने दवाएं दीं, जबकि एलटी राजेश कुमार ने रक्त जांच की। स्टाफ नर्स शशि चौधरी, वार्ड ब्वॉय भगवान दास और दीपचंद ने सहयोग किया।
कोटजन आरोग्य मेले में मरीजों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। जहां एलोपैथ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, वहां आयुष चिकित्सकों की तैनाती की गई है, ताकि मेला प्रभावित न हो।
- डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती