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जूता पॉलिश कर किया आरक्षण का विरोध
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sun, 05 Feb 2017 11:33 PM IST
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सवर्ण लिबरेशन फ्रंट के बैनर तले रविवार को आरक्षण हटाओ योग्यता लाओ के नारे के साथ युवाओं ने कंपनी बाग चौराहे पर बूट पॉलिश करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। फ्रंट के राष्ट्रीय संयोजक दीनदयाल त्रिपाठी ने इसका नेतृत्व किया।
कहा कि आजादी के साथ दशक बाद भी राजनीतिक दल आरक्षण के सवाल पर गंभीर नहीं हैं। चुनाव में भी किसी राजनीतिक दल ने आरक्षण की पुनर्समीक्षा को मुद्दा नहीं बनाया। संघ परिवार के चंद लोगों ने सच कहने का साहस भर किया और बाद में बयान से पलट गए। कहा कि जिस देश में जाति व धार्मिक कारणों से मेधा का अपमान होता है नौजवान विदेश जाने को मजबूर हैं वहां की उन्नति संभव नहीं है। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी आरक्षण की समीक्षा का सुझाव दिया था किंतु आज उनके अनुयायी ही उसे मानने को तैयार नहीं हैं। दलित जातियों के क्रीमीलेयर भी आरक्षण का लाभ छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इसी के नाम पर संपन्न इन जातियों के लोग उन गरीबों का हक छीन रहे हैं, जिन तक अभी शिक्षा की रोशनी नहीं पहुंची है।
आरक्षण की नए सिरे से समीक्षा की मांग दुहराते हुए त्रिपाठी ने कहा कि आरक्षण को समाप्त कर संरक्षण का प्राविधान सरकार को बनाना चाहिए। आम जन का आह्वान किया कि वे राजनीतिक दलों को आइना दिखाने के लिए इस बार चुनाव में नोटा पर अपना वोट करें। इस अवसर पर सोनू पाठक, अनुनय दूबे, रामदेव राजभर, मनीष पांडेय, बृजेश दूूबे, प्रवेश शुक्ल, गिरिराज गिरी सहित तमाम युवा मौके पर मौजूद रहे।
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कहा कि आजादी के साथ दशक बाद भी राजनीतिक दल आरक्षण के सवाल पर गंभीर नहीं हैं। चुनाव में भी किसी राजनीतिक दल ने आरक्षण की पुनर्समीक्षा को मुद्दा नहीं बनाया। संघ परिवार के चंद लोगों ने सच कहने का साहस भर किया और बाद में बयान से पलट गए। कहा कि जिस देश में जाति व धार्मिक कारणों से मेधा का अपमान होता है नौजवान विदेश जाने को मजबूर हैं वहां की उन्नति संभव नहीं है। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी आरक्षण की समीक्षा का सुझाव दिया था किंतु आज उनके अनुयायी ही उसे मानने को तैयार नहीं हैं। दलित जातियों के क्रीमीलेयर भी आरक्षण का लाभ छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इसी के नाम पर संपन्न इन जातियों के लोग उन गरीबों का हक छीन रहे हैं, जिन तक अभी शिक्षा की रोशनी नहीं पहुंची है।
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आरक्षण की नए सिरे से समीक्षा की मांग दुहराते हुए त्रिपाठी ने कहा कि आरक्षण को समाप्त कर संरक्षण का प्राविधान सरकार को बनाना चाहिए। आम जन का आह्वान किया कि वे राजनीतिक दलों को आइना दिखाने के लिए इस बार चुनाव में नोटा पर अपना वोट करें। इस अवसर पर सोनू पाठक, अनुनय दूबे, रामदेव राजभर, मनीष पांडेय, बृजेश दूूबे, प्रवेश शुक्ल, गिरिराज गिरी सहित तमाम युवा मौके पर मौजूद रहे।
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