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Basti News: दिव्यांगों के लिए स्वरोजगार और सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम
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बस्ती। विश्व सफेद छड़ी दिवस पर एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र में दिव्यांगों के लिए आयोजित 10 दिवसीय स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान 20 दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों को सफेद छड़ी दिवस की महत्ता के बारे में बताया गया।
15 अक्तूबर को मनाया जाने वाला सफेद छड़ी सुरक्षा दिवस दृष्टिबाधित व्यक्तियों की स्वतंत्रता, गतिशीलता और सम्मान का प्रतीक है। समिति के दिव्यंगता विशेषज्ञ रामजी शुक्ला, चंदेश्वर प्रसाद मिश्र, पूनम सिंह और राम सुरेश ने प्रशिक्षार्थियों को बताया कि सफेद छड़ी केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सुरक्षा और स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों और वाहन चालकों से आग्रह किया कि वे सफेद छड़ी का उपयोग करने वालों के अधिकारों का सम्मान करें और उनके सुरक्षित गतिशीलता को सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों में श्रावण बाधित, दृष्टिबाधित और अन्य श्रेणी के दिव्यांग शामिल थे, जिनमें मुख्य रूप से सुरेंद्र कुमार शुक्ला, अजय कुमार, रामू, सुरेंद्र यादव और गोविंद आदि शामिल रहे। इस सत्र के माध्यम से दिव्यांगों को न केवल अपने स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिली बल्कि उन्हें समाज में अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी दी गई। संवाद
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15 अक्तूबर को मनाया जाने वाला सफेद छड़ी सुरक्षा दिवस दृष्टिबाधित व्यक्तियों की स्वतंत्रता, गतिशीलता और सम्मान का प्रतीक है। समिति के दिव्यंगता विशेषज्ञ रामजी शुक्ला, चंदेश्वर प्रसाद मिश्र, पूनम सिंह और राम सुरेश ने प्रशिक्षार्थियों को बताया कि सफेद छड़ी केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सुरक्षा और स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों और वाहन चालकों से आग्रह किया कि वे सफेद छड़ी का उपयोग करने वालों के अधिकारों का सम्मान करें और उनके सुरक्षित गतिशीलता को सुनिश्चित करें।
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कार्यक्रम में उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों में श्रावण बाधित, दृष्टिबाधित और अन्य श्रेणी के दिव्यांग शामिल थे, जिनमें मुख्य रूप से सुरेंद्र कुमार शुक्ला, अजय कुमार, रामू, सुरेंद्र यादव और गोविंद आदि शामिल रहे। इस सत्र के माध्यम से दिव्यांगों को न केवल अपने स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिली बल्कि उन्हें समाज में अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी दी गई। संवाद
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