फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Sealed first, after a few days the accused hospital and pathology became clean.

Basti News: पहले हुए सील, कुछ ही दिनों बाद बेदाग बन गए आरोपी अस्पताल और पैथोलॉजी

Sun, 05 Jan 2025 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sun, 05 Jan 2025 11:30 PM IST
विज्ञापन
Sealed first, after a few days the accused hospital and pathology became clean.
स्वास्थ्य विभाग में चल रहा लंबा खेल, सील किए गए अस्पताल और जांच सेंटरों पर होने लगी रहम
विज्ञापन

पखवाड़े भर के भीतर गंभीर आरोपों से घिरे निजी अस्पताल और पैथोलॉजी सेंटरों को मिल गई क्लीन चिट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। स्वास्थ्य विभाग का रिवाज भी अजब गजब का है। छापे के दौरान निजी क्षेत्र के जिस अस्पताल और पैथोलॉजी सेंटर को आरोपों में सील बंद कर दिया जाता है, उसे फिर से बेदाग बनने में देर नहीं लग रही है। विभाग की रहम हुई तो एक ही रिपोर्ट में मरीज के साथ हुई लापरवाही, अयोग्य चिकित्सक, अकुशल पैरामेडिकल स्टाफ और पंजीकरण न होने जैसे गंभीर मसले भी निस्तारित हो जा रहे हैं। फीलगुड के माहौल में आरोपी अस्पताल और पैथोलॉजी सेंटरों को दिया जा रहा क्लीन चिट आजकल स्वास्थ्य विभाग में चर्चा का विषय बन गया है।
अवैध अस्पताल एवं जांच सेंटरों की धरपकड़ अब सवालों से घिर गए हैं। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार जांच के दौरान जिन गंभीर आरोपों में संबंधित सेंटर को सील करने की कार्रवाई कर रहे हैं, 15-20 दिन बीतने के बाद उन्हीं को दोषमुक्त करार दे दिया जा रहा है। अधोमानक अस्पताल या जांच सेंटर संचालित करने और फिर सबकुछ मानक के अनुरूप करार देने जैसी दोनों तरह की रिपोर्ट विभाग के एक ही अधिकारी द्वारा तैयार की जा रही है।
विज्ञापन

नवंबर और दिसंबर में जिले में सील किए गए आधा दर्जन निजी अस्पताल और आधा दर्जन पैथोलॉजी सेंटरों को पिछले 15 दिनों से धड़ाधड़ क्लीन चिट दी जा रही है। इनमें से कुछ ऐसे भी निजी अस्पताल और जांच सेंटर शामिल हैं जिनका विभाग में पंजीयन नहीं है। फिर भी उन्हें पूर्ववत संचालित करने की अनुमति दे दी गई है। इसको लेकर विभाग में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बताया जा रहा है कि अक्सर जांच करने वाले कुछ अफसरों के चार-पांच बाहरी एजेंट भी विभाग में सक्रिय हैं। यही एजेंट आरोपी अस्पताल एवं जांच सेंटरों के संचालक के बीच कड़ी बनते हैं। इनके बगैर मनमाफिक रिपोर्ट लगवाना टेढ़ी खीर हैं। अफसरों की मौजूदगी के समय सीएमओ कार्यालय में यह एजेंट अक्सर दिखाई पड़ते हैं।
..
केस- एक
पिछले दिनों सीएमओ की जांच में नारंग रोड पर रेड स्टार हॉस्पिटल बिना पंजीकरण के संचालित होते पाया गया था। जवाब प्रस्तुत न होने पर डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह को भेजकर संबंधित अस्पताल को सील करा दिया गया। उन्हीं को जांच भी सौंपी गई। 15 दिन के भीतर अगली रिपोर्ट में इस अस्पताल को क्लीन चिट मिल गई।
..
केस- दो
रुधौली में पिछले दिनों ज्योति, नेशनल, सत्यम, केयर पैथोलॉजी सेंटर अवैध रूप से संचालित होते हुए पाई गई। सीएमओ के निर्देश पर इन सेंटरों को सील कराया गया। आरोप था कि यहां अधिकृत चिकित्सक एवं लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। केस दर्ज कराने के लिए एसपी से पत्राचार भी हुआ। इन मामलों की जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह को मिली। महीने भीतर ही इन सेंटरों की खामियां दूर मानते हुए इन्हें संचालित करने की अनुमति दे दी गई।
...
केस- तीन
नगर बाजार क्षेत्र के खुटहन में 27 नवंबर को एक अवैध डेंटल क्लीनिक संचालित होते पाई गई। यहां एक व्यक्ति अनधिकृत रूप से दांत के मरीज का इलाज करते हुए भी पाया गया था। कुछ दिन अस्पताल सील रखने के बाद रिपोर्ट मनमाफिक तैयार कर उसे क्लीन चिट दे दी गई।
..
केस- चार
हरदिया चौराहे के पास संचालित केयर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में एक महिला का ड्रेसिंग करते हु वीडियो वायरल होने का मामला प्रकाश में आया था। इसी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। संचालक को मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजीडेंट के रूप में तैनात पाया गया था। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में संबंधित अस्पताल को क्लीन चिट मिल गई है।

..
कोट
जांच के दौरान यदि कमियां मिल रही हैैं तो कार्रवाई की जाती है। इसके बाद उसे दूर करने का मौका दिया जाता है। यह विधान में हैं। बिना पंजीकरण के अस्पताल को खोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। रेड स्टार हॉस्पिटल को फायर से संबंधित उपकरण लगाने की सिर्फ अनुमति दी गई है।
-डॉ. आरएस दुबे, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed