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नाला निर्माण में लाखों रुपये डकार गए जिम्मेदार
basti
Updated Fri, 27 Jul 2018 11:48 PM IST
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रेलवे स्टेेश्ान के पास नाला की जगह पर बनी नाली।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। शहर के सुंदरीकरण को लेकर पिछले कार्यकाल में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए गए। इसमें शहर का अति महत्वपूर्ण दक्षिण दरवाजा से रेलवे स्टेशन मार्ग के नाला निर्माण पर पालिका ने 80 लाख रुपये बहा दिए, मगर आज भी इससे पानी नहीं बह रहा है। क्योंकि अस्सी लाख रुपये में यहां करीब दो किलोमीटर नाला पूरी तरह अव्यवस्थित ढंग से बनाकर ठेकेदार और जिम्मेदारों ने अधिकांश धन की बंदरबांट कर ली।
शहर के महत्वपूर्ण मार्ग में शुमार है। दक्षिण दरवाजा रेलवे स्टेशन मार्ग। इस मार्ग का निर्माण करीब सात वर्ष पूर्व कराया गया, मगर जांच-पड़ताल में सड़क उलझ गई। नतीजतन, मामला लंबे समय तक खटाई में पड़ा रहा। इसके बाद तत्कालीन अध्यक्ष की पहल व ठेकेदार के रसूख से यहां सड़क व नाला निर्माण की फिर से अनुमति मिली और काम भी शुरू हो गया। व्यापारिक संगठनों के दबाव में यहां सड़क निर्माण तो मानक के अनुसार हुआ, मगर ठेकेदार ने नाला निर्माण में खूब गोलमाल किया। सड़क के दोनों ओर बनने वाले दो किलोमीटर नाला का स्थिति यह है कि कहीं तो यह लंबा-चौड़ा है तो कहीं नाला के बजाय नाली बना दिया गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस नाली पर करीब आठ से दस लाख रुपये खर्च कर शेष धन ठेकेदार व जिम्मेदारों ने बांट लिया। नतीजतन, इस बार फिर बारिश शुरू हो गई है और यह नाला नहीं बह पा रहा है, जिससे पानी सड़क तक भरेगा। इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणि भूषण त्रिपाठी ने कहा कि दक्षिण दरवाजा रेलवे स्टेशन मार्ग के नाला निर्माण में खेल हुआ है। यह संज्ञान में नहीं है। मामला पुराना है, मगर इसकी जांच होगी। यदि नाला मानकविहीन पाया गया तो संबंधित ठेकेदार से वसूली की कार्रवाई और जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
मानकविहीन मालवीय मार्ग के नाले
मालवीय मार्ग के नाला निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई थी, जिससे एक वर्ष पहले बनाए गए यह नाले बरसात में लबालब हो गए हैं। सफाई कर्मियों की मानें तो नाला कहीं गहरा तो कहीं उथला है। वाटर लेबल सही न होने के कारण पानी निकास बाधित है।
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शहर के महत्वपूर्ण मार्ग में शुमार है। दक्षिण दरवाजा रेलवे स्टेशन मार्ग। इस मार्ग का निर्माण करीब सात वर्ष पूर्व कराया गया, मगर जांच-पड़ताल में सड़क उलझ गई। नतीजतन, मामला लंबे समय तक खटाई में पड़ा रहा। इसके बाद तत्कालीन अध्यक्ष की पहल व ठेकेदार के रसूख से यहां सड़क व नाला निर्माण की फिर से अनुमति मिली और काम भी शुरू हो गया। व्यापारिक संगठनों के दबाव में यहां सड़क निर्माण तो मानक के अनुसार हुआ, मगर ठेकेदार ने नाला निर्माण में खूब गोलमाल किया। सड़क के दोनों ओर बनने वाले दो किलोमीटर नाला का स्थिति यह है कि कहीं तो यह लंबा-चौड़ा है तो कहीं नाला के बजाय नाली बना दिया गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस नाली पर करीब आठ से दस लाख रुपये खर्च कर शेष धन ठेकेदार व जिम्मेदारों ने बांट लिया। नतीजतन, इस बार फिर बारिश शुरू हो गई है और यह नाला नहीं बह पा रहा है, जिससे पानी सड़क तक भरेगा। इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणि भूषण त्रिपाठी ने कहा कि दक्षिण दरवाजा रेलवे स्टेशन मार्ग के नाला निर्माण में खेल हुआ है। यह संज्ञान में नहीं है। मामला पुराना है, मगर इसकी जांच होगी। यदि नाला मानकविहीन पाया गया तो संबंधित ठेकेदार से वसूली की कार्रवाई और जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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मानकविहीन मालवीय मार्ग के नाले
मालवीय मार्ग के नाला निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई थी, जिससे एक वर्ष पहले बनाए गए यह नाले बरसात में लबालब हो गए हैं। सफाई कर्मियों की मानें तो नाला कहीं गहरा तो कहीं उथला है। वाटर लेबल सही न होने के कारण पानी निकास बाधित है।
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