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Basti News: सरयू का जलस्तर 12 सेमी फिर बढ़ा, कटान तेज, बाढ़ का खतरा
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कटरिया-चांदपुर तटबंध से सट कर बहती सरयू की धारा संवाद
बस्ती। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी का असर सरयू नदी के जलस्तर पर पड़ रहा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर 12 सेंटीमीटर बढ़कर 92.59 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से महज 14 सेंटीमीटर नीचे है।
जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का दबाव तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर बढ़ गया है। विक्रमजोत क्षेत्र में कटान भी जारी है। इससे तटबंध विहीन गांवों के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार, मंगलवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.59 मीटर दर्ज किया गया। बीते चार दिनों से नदी के जलस्तर में घटने-बढ़ने का सिलसिला जारी है।
मंगलवार भोर से एक बार फिर जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ। शाम तक सुविका बाबू और आंशिक टेढ़वा गांव के आसपास पानी पहुंचने लगा। संपर्क मार्ग पर भी कुछ स्थानों पर पानी भर गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ग्रामीणों की आवाजाही के लिए दो मोटरबोट लगाई गई हैं। ग्रामीण इन्हीं के सहारे आवागमन कर रहे हैं।
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सतहा, बलुईया, विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, श्रीरामपुरवा, दस नंबर, अखनपुर, बरदिया लोहार और कुर्मियाना समेत कई गांवों में ग्रामीण नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में सरयू का दबाव बढ़ गया है। कुदरहा क्षेत्र के मईपुर, महुआ समेत अन्य गांवों में भी ग्रामीण बाढ़ को लेकर चिंतित हैं। विक्रमजोत में कटान से ग्रामीण परेशान : विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही विक्रमजोत विकास क्षेत्र में कटान भी तेज हो गई है। बीडी तटबंध के समीप दुधौरा समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर रुक-रुककर कटान हो रही है। नदी तटबंध पर लगातार दबाव बनाए हुए है। एलबी तटबंध के भरथापुर, कल्यानपुर, सैन्य पड़ाव, चांदपुर, संदलपुर, छतौना मांझा, कन्हईपुर, खेमराजपुर, शंभूपुर, संग्रामपुर, बेतावा, पूरे चेतन, पकड़ी संग्राम, सूर्यवंश, लकड़ी दूबे, लकड़ी पांडेय, अर्जुनपुर और मांझा किता अव्वल समेत कई गांवों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पकड़ी संग्राम और अर्जुनपुर के ग्रामीण राम अजोर, रामअवतार, श्यामलाल, रतिपाल और रामभवन ने बताया कि बाढ़ और कटान हर साल की समस्या बन गई है। नदी की कटान में खेत और जमीन लगातार कट रही है, लेकिन स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने कटान रोकने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है।
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जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का दबाव तटबंधों और संवेदनशील स्थानों पर बढ़ गया है। विक्रमजोत क्षेत्र में कटान भी जारी है। इससे तटबंध विहीन गांवों के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार, मंगलवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.59 मीटर दर्ज किया गया। बीते चार दिनों से नदी के जलस्तर में घटने-बढ़ने का सिलसिला जारी है।
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मंगलवार भोर से एक बार फिर जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ। शाम तक सुविका बाबू और आंशिक टेढ़वा गांव के आसपास पानी पहुंचने लगा। संपर्क मार्ग पर भी कुछ स्थानों पर पानी भर गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ग्रामीणों की आवाजाही के लिए दो मोटरबोट लगाई गई हैं। ग्रामीण इन्हीं के सहारे आवागमन कर रहे हैं।
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सतहा, बलुईया, विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, श्रीरामपुरवा, दस नंबर, अखनपुर, बरदिया लोहार और कुर्मियाना समेत कई गांवों में ग्रामीण नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में सरयू का दबाव बढ़ गया है। कुदरहा क्षेत्र के मईपुर, महुआ समेत अन्य गांवों में भी ग्रामीण बाढ़ को लेकर चिंतित हैं। विक्रमजोत में कटान से ग्रामीण परेशान : विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही विक्रमजोत विकास क्षेत्र में कटान भी तेज हो गई है। बीडी तटबंध के समीप दुधौरा समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर रुक-रुककर कटान हो रही है। नदी तटबंध पर लगातार दबाव बनाए हुए है। एलबी तटबंध के भरथापुर, कल्यानपुर, सैन्य पड़ाव, चांदपुर, संदलपुर, छतौना मांझा, कन्हईपुर, खेमराजपुर, शंभूपुर, संग्रामपुर, बेतावा, पूरे चेतन, पकड़ी संग्राम, सूर्यवंश, लकड़ी दूबे, लकड़ी पांडेय, अर्जुनपुर और मांझा किता अव्वल समेत कई गांवों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पकड़ी संग्राम और अर्जुनपुर के ग्रामीण राम अजोर, रामअवतार, श्यामलाल, रतिपाल और रामभवन ने बताया कि बाढ़ और कटान हर साल की समस्या बन गई है। नदी की कटान में खेत और जमीन लगातार कट रही है, लेकिन स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने कटान रोकने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है।