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Basti News: सरयू का घटा जलस्तर, कटान व संक्रमण फैलने का खतरा बरकरार
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बस्ती। सरयू नदी के जलस्तर में गिरावट के बीच भी तटवर्ती क्षेत्रों में अब भी कटान का खतरा बना हुआ है। नदी कई बीघा कृषि भूमि निगल चुकी है। अब भी कहीं-कहीं कटान से ग्रामीणों में दहशत है। बताया गया कि कई साल से कटान करबी नदी आबादी की ओर आ चुकी है। इससे डर बना रहता है। कुदरहा के मईपुर, महुआपार के किसान और ग्रामीण अभी परेशान हैं। जलस्तर कम होने से अब खतरा तो टला मगर गृहस्थी फिर से खड़ा करने की चुनौती है।
सरयू खतरे के निशान से 94 सेंटीमीटर नीचे दुबौलिया। सरयू के जलस्तर घटने का क्रम लगातार जारी है। तटबंध विहीन गांव के लोगों के दैनिक दिनचर्या में लगातार सुधार हो रहा है। किसान खेती-किसानी के कार्य में जुट गए हैं। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शाम पांच बजे जलस्तर 91.79 पर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 92.73 से 94 सेंटीमीटर नीचे है। ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर कम होने से सुविका बाबू, टेढ़वा समेत अन्य गांवों में संक्रामक रोग फैलने का डर बना हुआ है। न तो फॉगिंग हो रही है न ही एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
कई गांवों में रुक-रुककर कटान से बढ़ी चिंता
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत है। बाढ़ का पानी उतरने से जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, लेकिन बीडी तटबंध के पास कई गांवों में रुक-रुककर हो रहे कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, जगह-जगह जलभराव से मच्छरों का प्रकोप और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में भरा पानी तेजी से नदी में उतर रहा है। इससे तटबंधों पर दबाव भी कम हुआ है। बाढ़ खंड विभाग संवेदनशील स्थानों पर निगरानी कर रहा है। उधर, बीडी तटबंध के पास अर्जुनपुर, लकड़ी पांडेय, लकड़ी दूबे और पकड़ी संग्राम गांवों में रुक-रुककर कटान जारी है। इससे ग्रामीणों को तटवर्ती जमीन के नदी में समाने की आशंका सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरे एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बावजूद कई स्थानों पर जलभराव बना हुआ है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और संक्रमण फैलने की आशंका है। ग्रामीणों ने जलभराव दूर कराने और प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई व दवा के छिड़काव की जरूरत जताई है।
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कोट:::
जलस्तर कम हो गया है। अब तटबंध पर दबाव भी नहीं है। फिर भी टीम निगरानी में लगी हुई है। -दिनेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड
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सरयू खतरे के निशान से 94 सेंटीमीटर नीचे दुबौलिया। सरयू के जलस्तर घटने का क्रम लगातार जारी है। तटबंध विहीन गांव के लोगों के दैनिक दिनचर्या में लगातार सुधार हो रहा है। किसान खेती-किसानी के कार्य में जुट गए हैं। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शाम पांच बजे जलस्तर 91.79 पर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान 92.73 से 94 सेंटीमीटर नीचे है। ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर कम होने से सुविका बाबू, टेढ़वा समेत अन्य गांवों में संक्रामक रोग फैलने का डर बना हुआ है। न तो फॉगिंग हो रही है न ही एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
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कई गांवों में रुक-रुककर कटान से बढ़ी चिंता
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत है। बाढ़ का पानी उतरने से जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, लेकिन बीडी तटबंध के पास कई गांवों में रुक-रुककर हो रहे कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, जगह-जगह जलभराव से मच्छरों का प्रकोप और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में भरा पानी तेजी से नदी में उतर रहा है। इससे तटबंधों पर दबाव भी कम हुआ है। बाढ़ खंड विभाग संवेदनशील स्थानों पर निगरानी कर रहा है। उधर, बीडी तटबंध के पास अर्जुनपुर, लकड़ी पांडेय, लकड़ी दूबे और पकड़ी संग्राम गांवों में रुक-रुककर कटान जारी है। इससे ग्रामीणों को तटवर्ती जमीन के नदी में समाने की आशंका सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरे एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बावजूद कई स्थानों पर जलभराव बना हुआ है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और संक्रमण फैलने की आशंका है। ग्रामीणों ने जलभराव दूर कराने और प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई व दवा के छिड़काव की जरूरत जताई है।
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कोट:::
जलस्तर कम हो गया है। अब तटबंध पर दबाव भी नहीं है। फिर भी टीम निगरानी में लगी हुई है। -दिनेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड