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Basti News: सरयू के जलस्तर में फिर बढ़त, कटान भी बढ़ी
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विक्रमजोत के लकड़ी पांडेयगांव के पास कटान करती नदी संवाद
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बस्ती। पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर मैदानी इलाकों में दिखाई देने लगा है। पिछले एक सप्ताह से घट रहा सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को फिर बढ़ने लगा। दोपहर बाद जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज होने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका फिर गहराने लगी है। हालांकि, अभी नदी का पानी आबादी से काफी दूर है, लेकिन कटान तेज होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
पखवारे भर पहले सरयू के उफान में दुबौलिया, विक्रमजोत और कुदरहा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। पिछले पांच दिनों से जलस्तर में लगातार कमी आने के बाद ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली थी। बाढ़ प्रभावित गांवों में भी हालात सामान्य होने लगे थे। इसी बीच शनिवार को नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया। एक दिन में 18 सेंटीमीटर बढ़ोतरी दर्ज होने से तटवर्ती गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। कुदरहा के महुआपार कला और मईपुर गांव में कटान का खतरा बना हुआ है। कई मकानों के बेहद करीब से सरयू बह रही है। रात के समय कटान की आशंका से ग्रामीण भयभीत हैं। तटबंधों पर भी नदी का दबाव बना हुआ है।
खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर नीचे सरयू : दुबौलिया। शनिवार की भोर से सरयू का जलस्तर बढ़ने लगा। इससे नदी और तटबंध के बीच बसे करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंचते ही तट पर स्थित सुविका बाबू गांव बाढ़ के पानी से घिर जाता है। ग्रामीण अभी पिछली बाढ़ से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि जलस्तर बढ़ने से फिर खतरा मंडराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग, अयोध्या कार्यालय के अनुसार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.49 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 24 सेंटीमीटर नीचे है।
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पखवारे भर पहले सरयू के उफान में दुबौलिया, विक्रमजोत और कुदरहा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। पिछले पांच दिनों से जलस्तर में लगातार कमी आने के बाद ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली थी। बाढ़ प्रभावित गांवों में भी हालात सामान्य होने लगे थे। इसी बीच शनिवार को नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया। एक दिन में 18 सेंटीमीटर बढ़ोतरी दर्ज होने से तटवर्ती गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। कुदरहा के महुआपार कला और मईपुर गांव में कटान का खतरा बना हुआ है। कई मकानों के बेहद करीब से सरयू बह रही है। रात के समय कटान की आशंका से ग्रामीण भयभीत हैं। तटबंधों पर भी नदी का दबाव बना हुआ है।
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खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर नीचे सरयू : दुबौलिया। शनिवार की भोर से सरयू का जलस्तर बढ़ने लगा। इससे नदी और तटबंध के बीच बसे करीब आधा दर्जन गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंचते ही तट पर स्थित सुविका बाबू गांव बाढ़ के पानी से घिर जाता है। ग्रामीण अभी पिछली बाढ़ से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि जलस्तर बढ़ने से फिर खतरा मंडराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग, अयोध्या कार्यालय के अनुसार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.49 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 24 सेंटीमीटर नीचे है।
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