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Basti News: विकराल हुई सरयू, तटवर्ती गांवों में तेज कटान

Sat, 18 Jul 2026 12:59 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:59 AM IST
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Saryu River swells menacingly; severe erosion in riverside villages.
कुदरहा क्षेत्र के मदरहवा मईपुर में हो रहा कटान रोधी कार्य। संवाद
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से जिले के तटवर्ती गांवों में कटान शुरू हो गई है। मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। विक्रमजोत ब्लॉक के बघुआपार, अर्जुनपुर, लकड़ी दुबे, पकड़ी संग्राम समेत कई गांवों में नदी तेजी से जमीन काट रही है। कई रिहायशी मकान कटान की जद में आ गए हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदनशील स्थानों पर अब तक कटान रोकने के लिए बोल्डर, रोड़े या अन्य सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराए गए हैं। सरयू ने सबसे पहले विक्रमजोत ब्लॉक के सीमावर्ती हिस्से में तबाही मचानी शुरू की है। पांच-छह गांवों के लोग लगातार हो रही कटान से दहशत में हैं।
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नदी और तटबंध के बीच बसे बघुआपार, अर्जुनपुर और लकड़ी दुबे गांवों में कटान लगातार बढ़ रही है। नदी कृषि योग्य भूमि को तेजी से निगल रही है। वहीं कुदरहा ब्लॉक के मईपुर तथा दुबौलिया ब्लॉक के चांदपुर कटरिया तटबंध, सुबिका बाबू, टेढ़वा समेत कई गांवों के सिवान भी बाढ़ की चपेट में आने लगे हैं।
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पिछले वर्ष भी कटान के कारण कई मकान नदी में समा गए थे। इसके बावजूद स्थायी कटानरोधी कार्य नहीं कराए गए। लकड़ी दुबे गांव में एक सप्ताह के भीतर अंत्येष्टि स्थल का आधा हिस्सा कटकर नदी में समा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो गांव का बड़ा हिस्सा नदी की भेंट चढ़ सकता है। लोग पूरी रात जागकर नदी की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार अब तक न तो बोल्डर डाले गए हैं और न ही पिचिंग या अन्य सुरक्षात्मक कार्य कराए गए हैं। अर्जुनपुर और बघुआपार गांव से नदी की धारा महज 20 मीटर दूर रह गई है। दोनों गांवों के बीच करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में कोई ठोकर या कटानरोधी संरचना नहीं बनाई गई है।
रतिपाल, रामपाल, श्रीपाल, रामदेव, राम सिंह, दुर्गा प्रसाद, झिनकान, नवरंग, शिवपाल, सोमपाल, दिनेश, राजेश और सोहनलाल समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द कटान रोकने के उपाय नहीं किए गए तो उनके घर भी नदी में समा जाएंगे।
बाढ़ खंड के अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि ठोकर निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन अभी तक उसकी स्वीकृति नहीं मिली है। मदरहवा और मईपुर में स्पर व डैंपनर पर बढ़ा दबाव : बहादुरपुर। कलवारी-रामपुर तटबंध और नदी के बीच बसे कुदरहा ब्लॉक के मदरहवा और मईपुर गांवों के करीब 500 परिवारों की चार हजार से अधिक आबादी सरयू का विकराल रूप देखकर दहशत में है। पिछले तीन-चार वर्षों में बाढ़ यहां भारी तबाही मचा चुकी है।
सुरक्षा के लिए बाढ़ खंड की ओर से बनाए गए स्पर और डैंपनर पर नदी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इनके आसपास रहने वाले लोग संभावित कटान को लेकर चिंतित हैं। वर्ष 2024 में नदी करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में कटान करते हुए मदरहवा और मईपुर गांव तक पहुंच गई थी। उस दौरान 15 से 20 मकान नदी में समा गए थे।
इसके बाद दोनों गांवों की सुरक्षा के लिए बाढ़ खंड ने 33 करोड़ रुपये की लागत से दो स्पर और 26 डैंपनर का निर्माण कराया। शुक्रवार को मईपुर गांव के पास बने डैंपनरों के बीच नदी का दबाव बढ़ने पर ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई। विभाग ने एहतियात के तौर पर नायलॉन की बोरियों में रोड़े भरकर नदी में डालने का कार्य शुरू करा दिया है।

ग्रामीण रमेश, रामभवन, रत्नेश, शुभम और रामअवध ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से डैंपनरों के बीच खाली हिस्से पर नदी का दबाव बढ़ रहा है, जिससे कटान का खतरा लगातार गहरा रहा है
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