{"_id":"6aa5b4cb638cd5801b00d0d0","slug":"saryu-receding-rapidly-risk-of-erosion-at-embankments-basti-news-c-207-1-bst1005-166659-2026-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: तेजी से घट रही सरयू, तटबंधों पर कटान का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: तेजी से घट रही सरयू, तटबंधों पर कटान का खतरा
विज्ञापन
अर्जुनपुर गांव के चारों ओर पानी भरने से तटबंध की ओर नाव से जाते लोग संवाद
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है, लेकिन पानी कम होने के साथ ही तटीय इलाकों में कटान का खतरा बढ़ गया है। कुदरहा, दुबौलिया, विक्रमजोत और बहादुरपुर क्षेत्र के आंशिक गांवों में बाढ़ का पानी उतरने लगा है, लेकिन कई संपर्क मार्गों पर अब भी जलभराव है। इससे लोगों की मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
पानी घटने के बाद खेतों में कटान से किसान परेशान हैं। वहीं, जलभराव वाले इलाकों में गंदगी और दूषित पानी के कारण संक्रामक रोग फैलने की आशंका भी बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित 20 से 25 गांवों के मजरे अब भी आंशिक रूप से प्रभावित हैं। कई स्थानों पर लोगों को आवागमन के लिए नाव और मोटरबोट का सहारा लेना पड़ रहा है। कुदरहा क्षेत्र के मईपुर और महुआपार में कटान जारी है। कई घर नदी की जद में आ गए हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत है। दुबौलिया क्षेत्र में माझा इलाके में फैला बाढ़ का पानी तेजी से उतर रहा है। मैरुंड गांव सुविका बाबू और टेढ़वा के लोग अभी मोटरबोट सेे आवागमन कर रहे हैं।
सतहा, बलुईया, भुवरिया, जेठूपुरवा और श्रीराम पुरवा समेत अन्य गांवों से पानी उतर रहा है। हालांकि, बाढ़ अपने पीछे कटान के निशान छोड़ रही है। जलस्तर कम होने के साथ कटान की आशंका को देखते हुए तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक और कटरिया गांव के सामने बने ठोकर नंबर एक पर दबाव बना हुआ है। उमरिया रिंग बांध पर भी निगरानी की जा रही है। माझा क्षेत्र में पशुओं के चारे का संकट अभी बना हुआ है।
केंद्रीय जल आयोग, अयोध्या कार्यालय के अनुसार शनिवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.79 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से छह सेंटीमीटर ऊपर है।
विज्ञापन
पानी घटने के बाद खेतों में कटान से किसान परेशान हैं। वहीं, जलभराव वाले इलाकों में गंदगी और दूषित पानी के कारण संक्रामक रोग फैलने की आशंका भी बनी हुई है। बाढ़ प्रभावित 20 से 25 गांवों के मजरे अब भी आंशिक रूप से प्रभावित हैं। कई स्थानों पर लोगों को आवागमन के लिए नाव और मोटरबोट का सहारा लेना पड़ रहा है। कुदरहा क्षेत्र के मईपुर और महुआपार में कटान जारी है। कई घर नदी की जद में आ गए हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत है। दुबौलिया क्षेत्र में माझा इलाके में फैला बाढ़ का पानी तेजी से उतर रहा है। मैरुंड गांव सुविका बाबू और टेढ़वा के लोग अभी मोटरबोट सेे आवागमन कर रहे हैं।
विज्ञापन
सतहा, बलुईया, भुवरिया, जेठूपुरवा और श्रीराम पुरवा समेत अन्य गांवों से पानी उतर रहा है। हालांकि, बाढ़ अपने पीछे कटान के निशान छोड़ रही है। जलस्तर कम होने के साथ कटान की आशंका को देखते हुए तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक और कटरिया गांव के सामने बने ठोकर नंबर एक पर दबाव बना हुआ है। उमरिया रिंग बांध पर भी निगरानी की जा रही है। माझा क्षेत्र में पशुओं के चारे का संकट अभी बना हुआ है।
केंद्रीय जल आयोग, अयोध्या कार्यालय के अनुसार शनिवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.79 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से छह सेंटीमीटर ऊपर है।