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Basti Flood: खतरे के निशान 17 सेमी ऊपर पहुंची सरयू, तटवर्ती क्षेत्रों में दहशत
Thu, 29 Sep 2022 12:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 29 Sep 2022 12:24 PM IST
सार
बैकरोल के चलते तिवारीपुर गांव के सामने बने ठोकर पर पानी का दबाव बना हुआ है। प्रशासन ने यहां चार बाढ़ चौकी बनाई है। यहां राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है, जो निरंतर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
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दुबौलिया क्षेत्र में नाव से पशुओं के लिए चारा लाते पशुपालक।
- फोटो : BASTI
विस्तार
सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, बुधवार को केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार सरयू खतरे के निशान 92.73 मीटर से 17 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार सरयू में अब तक गिरजा, शारदा व सरयू बैराज से करीब तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इसके चलते एक बार फिर आपदा प्रभावित गांव सुविका बाबू, विशनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, टेढवा, भुअरिया, कुर्मीयाना आदि गांव की तरफ पानी तेजी से फैल रहा है। हालांकि कुर्मियाना गांव को छोड़कर अन्य तीन गांव के परिवारों को प्रशासन की तरफ से राहत किट का वितरण कर दिया गया है।
सरयू के तटवर्ती गांव में 27 सितंबर को डीएम प्रियंका निरंजन ने निरीक्षण किया था। यहां कुर्मियाना गांव के ग्रामीणों में भी राहत किट दे देने का निर्देश दिया था। आपदा प्रभावित गांव में दाव व एंटी लार्वा का छिड़काव तो हो गया, लेकिन एक बार फिर अगर बाढ़ आई तो बची-खुची धान व गन्ने की फसल का बर्बाद हो जाएगी।
सुबिका गांव निवासी जीत मल्ल ने बताया कि एक बार फिर गांव की तरफ पानी तेजी से फैल रहा है। ऐसे ही जलस्तर बढ़ा तो 29 सितंबर की सुबह तक गांव पानी से घिर जाएगा। यहीं के रामनाथ कहते हैं अगर अबकी बार बाढृ आई तो बची खुची फसल भी चौपट हो जाएगी। पशु चारे का भी संकट खड़ा हो जाएगा। यहां संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढे़गा।
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बुधवार को भनखरपुर गांव के सामने धीरे-धीरे कटान हो रही है। वहीं बैकरोल के चलते तिवारीपुर गांव के सामने बने ठोकर पर पानी का दबाव बना हुआ है। प्रशासन ने यहां चार बाढ़ चौकी बनाई है। यहां राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है, जो निरंतर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। डेंजर स्थलों पर प्रशासन ने सीसीटीवी से निगरानी की व्यवस्था बनाई है। गौरा सैफाबाद तटबंध के सहायक अभियंता हरिश्चंद्र ने बताया कि जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है, खतरे की कोई बात नहीं है।
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सरयू के तटवर्ती गांव में 27 सितंबर को डीएम प्रियंका निरंजन ने निरीक्षण किया था। यहां कुर्मियाना गांव के ग्रामीणों में भी राहत किट दे देने का निर्देश दिया था। आपदा प्रभावित गांव में दाव व एंटी लार्वा का छिड़काव तो हो गया, लेकिन एक बार फिर अगर बाढ़ आई तो बची-खुची धान व गन्ने की फसल का बर्बाद हो जाएगी।
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सुबिका गांव निवासी जीत मल्ल ने बताया कि एक बार फिर गांव की तरफ पानी तेजी से फैल रहा है। ऐसे ही जलस्तर बढ़ा तो 29 सितंबर की सुबह तक गांव पानी से घिर जाएगा। यहीं के रामनाथ कहते हैं अगर अबकी बार बाढृ आई तो बची खुची फसल भी चौपट हो जाएगी। पशु चारे का भी संकट खड़ा हो जाएगा। यहां संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढे़गा।
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बुधवार को भनखरपुर गांव के सामने धीरे-धीरे कटान हो रही है। वहीं बैकरोल के चलते तिवारीपुर गांव के सामने बने ठोकर पर पानी का दबाव बना हुआ है। प्रशासन ने यहां चार बाढ़ चौकी बनाई है। यहां राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है, जो निरंतर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। डेंजर स्थलों पर प्रशासन ने सीसीटीवी से निगरानी की व्यवस्था बनाई है। गौरा सैफाबाद तटबंध के सहायक अभियंता हरिश्चंद्र ने बताया कि जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है, खतरे की कोई बात नहीं है।