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सरयू का उफान: चेतावनी बिंदु से 1 मीटर नीचे जलस्तर, 158 गांव खतरे में- 24 गांव बिना बांध के
Wed, 15 Jul 2026 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती/विक्रमजोत
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती/विक्रमजोत
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2026 12:34 AM IST
सार
दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक के माझा बेल्ट के 158 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तटबंधों की निगरानी के लिए 16 बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं। छह बाढ़ परियोजनाओं में से केवल दो परियोजना पर कार्य हुआ है, चार आधी-अधूरी स्थिति में छोड़ दी गई हैं। इससे विक्रमजोत और दुबौलियां के 24 से अधिक तटबंध विहीन गांव राम भरोसे हैं।
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पकड़ी संग्राम में डराने लगी नदी। संवाद
विस्तार
मानसून के दस्तक देते ही सरयू उफान पर है। नदी का प्रवाह बढ़ने से जलस्तर भी तेजी से बढ़ने लगा है। जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज एक मीटर नीचे रह गया है। इससे हर्रैया तहसील के दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक के माझा बेल्ट के 158 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
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तटबंधों की निगरानी के लिए 16 बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं। छह बाढ़ परियोजनाओं में से केवल दो परियोजना पर कार्य हुआ है, चार आधी-अधूरी स्थिति में छोड़ दी गई हैं। इससे विक्रमजोत और दुबौलियां के 24 से अधिक तटबंध विहीन गांव राम भरोसे हैं।
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पिछले वर्ष और उसके पहले सरयू से मची तबाही का मंजर याद क सरयू के तटीय क्षेत्र पर रहने वाली 52 हजार आबादी की चिंता बढ़ गई है। जलधारा में मैरुंड होने वाले 33 गांव के निवासी तो सकते में हैं। बार भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से उन्हें फिर घर-गृहस्थी उजड़ने की चिंता सताने लगी।
विक्रमजोत विकास क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित अति संवेदनशील गांव साड़पुर, माझाकिता अव्वल और माझा दलपतपुर, कल्याणपुर, पकड़ी संग्राम, लखना, खेमराजपुर, कन्हईपुर, छतौना मांझा और संदलपुर गांव के लोग सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि से दहशत में हैं।
विक्रमजोत विकास क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित अति संवेदनशील गांव साड़पुर, माझाकिता अव्वल और माझा दलपतपुर, कल्याणपुर, पकड़ी संग्राम, लखना, खेमराजपुर, कन्हईपुर, छतौना मांझा और संदलपुर गांव के लोग सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि से दहशत में हैं।
पिछले साल पकड़ी संग्राम, कल्याणपुर आदि गांवों में कटान ने जमकर तबाही मचाई थी। कुछ ग्रामीणों के आशियाने भी कटान की चपेट में आ गए थे। ग्रामीणों के अनुसार इस बार भी गांव को बाढ़ से बचाने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं।
पकड़ी संग्राम गांव के निवासी कल्लू, रामजीत, शनि, रामनाथ, भगवानदीन और बुद्धू आदि ने कहा कि यदि नदी के किनारे तत्काल सुरक्षा के मद्देनजर ठोकर निर्माण नहीं कराया गया तो हम लोग फिर असुरक्षित हो जाएंगे। ग्रामीणों ने एसडीएम हर्रैया को पत्र सौंपकर जलस्तर बढ़ने से पहले किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने की गुहार भी लगाई है।
पकड़ी संग्राम गांव के निवासी कल्लू, रामजीत, शनि, रामनाथ, भगवानदीन और बुद्धू आदि ने कहा कि यदि नदी के किनारे तत्काल सुरक्षा के मद्देनजर ठोकर निर्माण नहीं कराया गया तो हम लोग फिर असुरक्षित हो जाएंगे। ग्रामीणों ने एसडीएम हर्रैया को पत्र सौंपकर जलस्तर बढ़ने से पहले किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने की गुहार भी लगाई है।
रानीपुर बंधा, प्राथमिक विद्यालय फूलडीह, डाकबंगला भौंसिया, सिंचाई विभाग कैंप कार्यालय, ठोकर नंबर 10, प्राथमिक विद्यालय बरदिया लोहार आदि जगहों पर बाढ़ चौकी सक्रिय कर दी गई है। यहां 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
हर्रैया और सदर तहसील में बनाए गए 58 बाढ़ शरणालय :
बाढ़ बचाव को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। बाढ़ पीड़ितों को तत्काल हर स्तर पर मदद पहुंचाने के लिए योजना तैयार कर ली गई है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए 16 बाढ़ चौकी सक्रिय की गई है। इसमें 12 हर्रैया तहसील और चार चौकी सदर तहसील के कुदरहा और कलवारी विकास क्षेत्र में स्थापित है। इसके अलावा 100 आपदा मित्र प्रशिक्षित किए गए हैं। इसमें 27 वालंटियर क्रियाशील भी हैं।
हर्रैया और सदर तहसील में बनाए गए 58 बाढ़ शरणालय :
बाढ़ बचाव को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। बाढ़ पीड़ितों को तत्काल हर स्तर पर मदद पहुंचाने के लिए योजना तैयार कर ली गई है। तटबंधों की सुरक्षा के लिए 16 बाढ़ चौकी सक्रिय की गई है। इसमें 12 हर्रैया तहसील और चार चौकी सदर तहसील के कुदरहा और कलवारी विकास क्षेत्र में स्थापित है। इसके अलावा 100 आपदा मित्र प्रशिक्षित किए गए हैं। इसमें 27 वालंटियर क्रियाशील भी हैं।
जिला आपदा प्रबंधन के पास सेटलाइट टाॅर्च भी उपलब्ध हो चुका है। बाढ़ पीड़ितों के लिए मोटरबोट और पशुओं के चारे के लिए भूसा आदि का टेंडर हो चुका है।
इस बार हर्रैया और सदर तहसील में कुल 58 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। जिसमें 3082 बाढ़ पीड़ितों को रखने का इंतजाम है। पशुओं के 16 शरणालय बनाए गए हैं। किसी आपदा से निपटने के लिए 20 गोताखोर, 46 नाव की भी व्यवस्था की गई है।
इस बार हर्रैया और सदर तहसील में कुल 58 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं। जिसमें 3082 बाढ़ पीड़ितों को रखने का इंतजाम है। पशुओं के 16 शरणालय बनाए गए हैं। किसी आपदा से निपटने के लिए 20 गोताखोर, 46 नाव की भी व्यवस्था की गई है।