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Basti News: खतरे के निशान से 17 सेंटीमीटर नीचे सरयू, कटान बरकरार

Mon, 14 Sep 2026 01:04 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 01:04 AM IST
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Saryu 17 cm below danger mark; erosion continues.
मईपुर गांव के पास कटान करती सरयू संवाद
बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा है। जलस्तर घटने से बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन माझा क्षेत्र की दुश्वारियां अभी कम नहीं हुई हैं। तटबंधों पर दबाव बना हुआ है, जबकि जलस्तर घटने के साथ कई स्थानों पर कटान तेज हो गई है।
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इस मानसून में सरयू दो बार उफान पर पहुंच चुकी है। एक समय नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। इससे 20 से 25 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए थे और कई गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ था। अब नदी का पानी लगातार कम होने से बाढ़ का खतरा फिलहाल टलता नजर आ रहा है। हालांकि तटबंधों और नदी के किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। रविवार शाम पांच बजे अयोध्या स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के अनुसार नदी का जलस्तर 92.56 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 17 सेंटीमीटर नीचे है।
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दुबौलिया क्षेत्र में जलस्तर घटने के बावजूद मैरुंड गांव सुविका बाबू के ग्रामीणों की मुश्किलें बरकरार हैं। ग्रामीण अभी भी मोटरबोट के सहारे आवागमन कर रहे हैं। सतहा, बलुईया, भुवरिया, जेठूपुरवा और श्रीराम पुरवा के रास्तों से पानी उतर गया है, लेकिन आसपास के गड्ढों में जलभराव है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
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कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में दबाव बना हुआ है। उमरिया रिंग बांध पर भी दबाव है। बाढ़ खंड की टीम संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी कर रही है।
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बाढ़ प्रभावित गांवों में अभी जलभराव
विक्रमजोत। सरयू का जलस्तर घटने से अगले एक-दो दिनों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकलने की उम्मीद है। हालांकि बीडी तटबंध के अंदर बसे कई गांवों में अभी भी जलभराव है। भरथापुर, कल्याणपुर, चांदपुर, छतौना मांझा, कन्हईपुर, संग्रामपुर, बेतावा, शम्भूपुर, पूरे चेतन, लकड़ी पांडेय, पकड़ी संग्राम, अर्जुनपुर, मांझा किता अव्वल और दलपतपुर में ग्रामीणों की परेशानी बनी हुई है। इन गांवों के सिवान में फसलें अब भी पानी में डूबी हैं। मुख्य रास्तों पर पानी और कीचड़ होने से आवागमन प्रभावित है। महिलाओं, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और पशुपालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। एलबी और बीडी तटबंधों पर भी दबाव बना हुआ है। बाढ़ खंड की ओर से कमजोर स्थानों की मरम्मत और मजबूती का काम कराया जा रहा है।
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महुआपार और मईपुर में कटान से दहशत
कुदरहा। सदर तहसील क्षेत्र में कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण बसे महुआपार कला, मईपुर, बैडारी एहतमाली और टेंगरिहा राजा समेत कई गांवों में कटान का खतरा बढ़ गया है। जलस्तर कम होने के बाद नदी की धारा तेज होने से किनारों पर कटान बढ़ी है। कई स्थानों पर नदी ग्रामीणों के घरों के बेहद करीब पहुंचकर बह रही है। ऐसे में कटान तेज होने से ग्रामीणों को घर और कृषि भूमि के नदी में समाने का डर सता रहा है। ग्रामीण लगातार नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि कटान नहीं थमी तो आने वाले दिनों में घरों और खेतों पर खतरा और बढ़ सकता है।

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कोट
संवेदनशील तटबंधों और बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी की जा रही है। कमजोर स्थानों पर बचाव और मरम्मत कार्य कराया जा रहा है, ताकि तटबंध सुरक्षित रहें।
-दिनेश कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड, बस्ती
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