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सरयू फिर खतरे के निशान से ऊपर, कटान से दहशत
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संवाद न्यूज एजेंसी
विक्रमजोत/ बस्ती। सरयू नदी रविवार को खतरे के निशान 92.730 से पांच सेमी ऊपर पहुंच गई। वहीं नदी विक्रमजोत क्षेत्र के संदलपुर समेत अन्य स्थानों पर कटान कर रही है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, सरयू का जलस्तर रविवार दोपहर करीब दो बजे खतरे के निशान से पांच सेमी ऊपर 92.780 पर रिकार्ड किया गया। वहीं, अपस्ट्रीम में लगातार जलस्तर बढ़ने से नदी के बढ़ने से सोमवार की सुबह तक लाल निशान से करीब सेमी ऊपर होने की संभावना जताई जा रही है। उधर, विक्रमजोत क्षेत्र के भरथापुर, कल्यानपुर के पड़ाव व संदलपुर गांव में नदी कटान कर रही है। इससे लोग सहमे हुए हैं। प्रधान प्रतिनिधि नेतवर पट्टी संतोष शुक्ल ने बताया कि ग्राम पंचायत के संदलपुर गांव में बीते तीन वर्षों से नदी का दबाव बनता आ रहा है। बार-बार प्रशासन व बाढ़ खंड से कटान रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से लगातार अनदेखी की जा रही है। इसके चलते नदी गांव से सटकर बहने लगी है और अब लोगों के घरों पर संकट मंडराने लगा है। वहीं, कल्यानपुर के प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक शर्मा, हेमंत पांडेय, विनोद कुमार, भरथापुर के जितेंद्र सिंह, जग्गा सिंह आदि ने बाढ़ खंड पर जमीनी हकीकत की लगातार अनदेखी करने और अधिकारियों को गलत जानकारी देने का आरोप मढ़ा है। उनका कहना है कि पड़ाव क्षेत्र में बसे ग्रामीण बाढ़ और कटान के खतरे से सहमे हुए हैं। नदी लगातार दबाव बनाए हुए है। कटान के चलते नदी आबादी से सट कर बहने लगी है। पर बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है। एसडीएम हर्रैया सुखबीर सिंह ने कहा कि बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। वहां तैनात कर्मचारी बाढ़ खंड की मदद से कटान प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
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विक्रमजोत/ बस्ती। सरयू नदी रविवार को खतरे के निशान 92.730 से पांच सेमी ऊपर पहुंच गई। वहीं नदी विक्रमजोत क्षेत्र के संदलपुर समेत अन्य स्थानों पर कटान कर रही है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, सरयू का जलस्तर रविवार दोपहर करीब दो बजे खतरे के निशान से पांच सेमी ऊपर 92.780 पर रिकार्ड किया गया। वहीं, अपस्ट्रीम में लगातार जलस्तर बढ़ने से नदी के बढ़ने से सोमवार की सुबह तक लाल निशान से करीब सेमी ऊपर होने की संभावना जताई जा रही है। उधर, विक्रमजोत क्षेत्र के भरथापुर, कल्यानपुर के पड़ाव व संदलपुर गांव में नदी कटान कर रही है। इससे लोग सहमे हुए हैं। प्रधान प्रतिनिधि नेतवर पट्टी संतोष शुक्ल ने बताया कि ग्राम पंचायत के संदलपुर गांव में बीते तीन वर्षों से नदी का दबाव बनता आ रहा है। बार-बार प्रशासन व बाढ़ खंड से कटान रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से लगातार अनदेखी की जा रही है। इसके चलते नदी गांव से सटकर बहने लगी है और अब लोगों के घरों पर संकट मंडराने लगा है। वहीं, कल्यानपुर के प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक शर्मा, हेमंत पांडेय, विनोद कुमार, भरथापुर के जितेंद्र सिंह, जग्गा सिंह आदि ने बाढ़ खंड पर जमीनी हकीकत की लगातार अनदेखी करने और अधिकारियों को गलत जानकारी देने का आरोप मढ़ा है। उनका कहना है कि पड़ाव क्षेत्र में बसे ग्रामीण बाढ़ और कटान के खतरे से सहमे हुए हैं। नदी लगातार दबाव बनाए हुए है। कटान के चलते नदी आबादी से सट कर बहने लगी है। पर बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया है। एसडीएम हर्रैया सुखबीर सिंह ने कहा कि बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। वहां तैनात कर्मचारी बाढ़ खंड की मदद से कटान प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
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