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सरयू खतरे के निशान से पांच सेमी ऊपर, अलर्ट जारी
basti
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:07 PM IST
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डूबा बेस।
- फोटो : amar ujala
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दुबौलिया। सरयू का जलस्तर सोमवार को खतरे का निशान पार कर 92.780 मीटर पहुंच गया है। सरयू में अब भी प्रतिघंटा एक सेमी की गति से बढ़ाव जारी है। बाढ़ की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर अलर्ट जारी कर दिया गया है। कई स्थानों पर नदी गांवों के करीब तक जा पहुंची है। इससे लोग सहमे हुए हैं।
वहीं जलस्तर में बढ़ाव के चलते कटरिया-चांदपुर तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। रविवार सुबह से हो रही बरसात के कारण बांध मरम्मत के कार्य में भी बाधा आ रही है। मरम्मत के लिए मिट्टी ढुलाई का काम बंद हो गया है। नदी तटबंध पर तेजी से दबाव बना रही है। तटबंध के किनारे बने बेस का अधिकांश हिस्सा डूब चुका है। ठोकर नंबर एक, तीन और पांच पर भी नदी का दबाव बढ़ गया है। पारा गांव के पास तटबंध के किनारे बना कटर कई स्थानों पर बैठ गया है। जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो टकटकवा, विशुनदासपुर, दिलाशपुर, खजांची पुरवा, अशोकपुर, बरदिया लोहार का पुरवा, बानेपुर आदि गांव जलमग्न हो जाएंगे।
दिलाशपुरा गांव के पास खेती योग्य भूमि काटकर धारा में समाहित कर रही नदी अब गांव की तरफ बढ़ रही है। खलवा गांव के पास बन रहे ठोकर के नोज पर बोल्ड लगाने का कार्य चल रहा है। ठोकर नंबर आठ पर हुई कटान रोकने के लिए दुबौलिया के रामलीला मैदान में गिरे बोल्डर भेजे जा रहे हैं। एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है नदी तटबंध पर बने ठोकरों पर तेज दबाव बनाए है। बोल्डरों का कैरेट बनाकर डाला जा रहा है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है ।
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बाढ़: वीएल बांध का पहला ठोकर क्षतिग्रस्त
विक्रमजोत/छावनी। सरयू नदी के सीधे बंधे से टकराने के कारण जिले की सीमा के पहले ठोकर का नोज ही शनिवार रात बैठ गया। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के मुताबिक रविवार को जल स्तर 92.730 मीटर दर्ज किया गया है।
विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के निर्माणाधीन विक्रमजोत-लोलपुर (वीएल) बांध से सट कर नदी बह रही है। जलस्तर बढ़ने से अर्द्धनिर्मित (महज दो किलोमीटर) बांध के सभी ठोकरों पर दबाव अचानक बढ़ गया है। पिछले वर्ष 11 ठोकर में से सात धारा में समा गए थे। बाढ़ खंड की ओर से मरम्मत की जगह पश्चिमी हिस्से में दो नए ठोकर बनाए गए। यहां अयोध्या पुल से धारा सीधे आकर बांध से टकराती है। नवनिर्मित ठोकर संख्या एक का नोज नदी में धंस गया है। बाढ़ खंड के अभियंता दयाशंकर सिंह और मकलूराम मौके पर निगरानी कर रहे हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से सरयू का पानी नालों व पुलियों के माध्यम से हाईवे को पार करने लगा है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति है। केशवपुर में करार से ऊपर पानी बहने से नदी भीतर-ही-भीतर कटान कर खेती की जमीन धारा में मिला रही है। बाघानाला, भरथापुर में लगातार कटान है। इसके कारण कल्याणपुर साथ ही सहजौरा पाठक पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
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वहीं जलस्तर में बढ़ाव के चलते कटरिया-चांदपुर तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। रविवार सुबह से हो रही बरसात के कारण बांध मरम्मत के कार्य में भी बाधा आ रही है। मरम्मत के लिए मिट्टी ढुलाई का काम बंद हो गया है। नदी तटबंध पर तेजी से दबाव बना रही है। तटबंध के किनारे बने बेस का अधिकांश हिस्सा डूब चुका है। ठोकर नंबर एक, तीन और पांच पर भी नदी का दबाव बढ़ गया है। पारा गांव के पास तटबंध के किनारे बना कटर कई स्थानों पर बैठ गया है। जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो टकटकवा, विशुनदासपुर, दिलाशपुर, खजांची पुरवा, अशोकपुर, बरदिया लोहार का पुरवा, बानेपुर आदि गांव जलमग्न हो जाएंगे।
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दिलाशपुरा गांव के पास खेती योग्य भूमि काटकर धारा में समाहित कर रही नदी अब गांव की तरफ बढ़ रही है। खलवा गांव के पास बन रहे ठोकर के नोज पर बोल्ड लगाने का कार्य चल रहा है। ठोकर नंबर आठ पर हुई कटान रोकने के लिए दुबौलिया के रामलीला मैदान में गिरे बोल्डर भेजे जा रहे हैं। एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है नदी तटबंध पर बने ठोकरों पर तेज दबाव बनाए है। बोल्डरों का कैरेट बनाकर डाला जा रहा है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है ।
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बाढ़: वीएल बांध का पहला ठोकर क्षतिग्रस्त
विक्रमजोत/छावनी। सरयू नदी के सीधे बंधे से टकराने के कारण जिले की सीमा के पहले ठोकर का नोज ही शनिवार रात बैठ गया। नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के मुताबिक रविवार को जल स्तर 92.730 मीटर दर्ज किया गया है।
विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के निर्माणाधीन विक्रमजोत-लोलपुर (वीएल) बांध से सट कर नदी बह रही है। जलस्तर बढ़ने से अर्द्धनिर्मित (महज दो किलोमीटर) बांध के सभी ठोकरों पर दबाव अचानक बढ़ गया है। पिछले वर्ष 11 ठोकर में से सात धारा में समा गए थे। बाढ़ खंड की ओर से मरम्मत की जगह पश्चिमी हिस्से में दो नए ठोकर बनाए गए। यहां अयोध्या पुल से धारा सीधे आकर बांध से टकराती है। नवनिर्मित ठोकर संख्या एक का नोज नदी में धंस गया है। बाढ़ खंड के अभियंता दयाशंकर सिंह और मकलूराम मौके पर निगरानी कर रहे हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से सरयू का पानी नालों व पुलियों के माध्यम से हाईवे को पार करने लगा है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति है। केशवपुर में करार से ऊपर पानी बहने से नदी भीतर-ही-भीतर कटान कर खेती की जमीन धारा में मिला रही है। बाघानाला, भरथापुर में लगातार कटान है। इसके कारण कल्याणपुर साथ ही सहजौरा पाठक पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।