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तेजी से बढ़ रहा सरयू का जलस्तर, तटबंधों पर बढ़ा दबाव

Mon, 23 Aug 2021 11:45 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 11:45 PM IST
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दुबौलिया क्षेत्र के बाढ के पानी से घिरा सुविखा बाबू गांव। - फोटो : BASTI
तेजी से बढ़ रहा सरयू का जलस्तर, तटबंधों पर बढ़ा दबाव
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- खतरे के निशान से 21 सेमी ऊपर बह रही है नदी, सुविखा बाबू के लोग नाव से आ-जा रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया/विक्रमजोत। सरयू नदी सोमवार को खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। जलस्तर में हो रही बढ़ोत्तरी से नदी किनारे बसे निचले इलाकों में नदी का पानी भर गया है। इससे नदी के किनारे बसे गांवों के लोग सहमे हुए हैं।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या की रिपोर्ट के अनुसार, सरयू नदी का खतरे का निशान 92.73 मीटर है। नदी 92.94 मीटर पर बह रही है। पानी से चौतरफा घिरे गांव सुविखा बाबू निवासियों की दुस्वारियां जलस्तर के साथ बढ़ रही हैं। यहां के लोग दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए ग्रामीण नाव का सहारा ले रहे हैं।
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तटबंध और नदी के बीच बसे आंशिक टेढवा, विशुनदापुर की अनुसूचित बस्ती, खजांचीरपुर का एक पुरवा, अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई पुरवे, भुअरिया, बरदिया लोहार ग्राम पंचायत के दक्षिण बसा पुरवा आदि गांवों की तरफ नदी पानी तेजी से बढ़ रहा है। यदि जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो ये गांवों जल्द पानी भर जाएगा। पानी किशुनपुर-मोजपुर रिंगबाध के करीब पहुंच चुका है। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर पानी का दबाव बना हुआ है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा से लेकर दलपतपुर गांव तक पानी तेज दबाव बनाए हुए है। बारिश से तटबंध पर रेनकट बढ़ गए हैं। गौरा-सैफाबाद तटबंध के सामने भनखरपुर गांव के पास खेती की जमीन पर कटान हो रहा है। दिन में करीब तीन बजे कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खलवा के पास स्थित कटर का कुछ हिस्सा पानी के चलते क्षतिग्रस्त हो गया। बाढ़खंड कटर की मरम्मत में जुटा है। बाढ़खंड की चौकी से सीसीटीवी की मदद से संवेदनशील तटबंध पर निगरानी की जा रही है। अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ गया है लेकिन खतरे जैसे हालात अभी नहीं हैं। सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं को निगरानी के लिए लगाया गया है।
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विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार, जलस्तर बढ़ने से भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, संदलपुर, छतौना माझा क्षेत्र सहित गांवों के सीवान व फसलें जलमग्न हो गई हैं। नन्हके सिंह, उमेश पांडेय, हेमंत पांडेय, प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक शर्मा, मंगल प्रसाद, दयाराम आदि ग्रामीणों ने बताया कि यदि जलस्तर ऐसे बढ़ा तो जल्द मुख्यमार्ग पर पानी भर जाएगा। तब लोगों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। वहीं, घघौवा के पास बने पौराणिक घृत नाले के पुल से सरयू नदी का पानी हाईवे पार कर दूसरी ओर पहुंचने लगा है। फसलें जलमग्न होने लगी हैं। किसानों को फसलों में भरे पानी व धूप से नुकसान की चिंता सताने लगी है। एसडीएम हर्रैया सुखबीर सिंह ने कहा कि बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं।
और बढ़ा जलस्तर तो कई गांव आ जाएंगे बाढ़ की चपेट में
सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ता देख ग्रामीणों में अब बाढ़ की चिंता सता रही है। पिछले साल आई बाढ़ में क्षेत्र के 12 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। यदि सरयू नदी का जलस्तर ऐसे बढ़ता रहा तो कल्यानपुर, भरथापुर, पड़ाव, चानपुर, सहजौरा, संदलपुर समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में सकते आ सकते हैं।

पशुओं को चारे का संकट
सरयू नदी में हो रही जलस्तर की वृद्धि से पशुपालकों को चारे का संकट पैदा हो गया है। नदी का पानी भरने से चारे के लिए लगाई फसलें डूब चुकी हैं। पशुपालक पशुओं के लिये चारे की तलाश में हाइवे पार का रुख करने लगे हैं।
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