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कटान के साथ तटबंध पर बढ़ा सरयू का दबाव
basti
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:07 AM IST
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कटान करती सरयू।
- फोटो : amar ujala
दुबौलिया। सरयू नदी तेजी से घटने लगी है। लगातार एक महीने से खतरे के निशान से ऊपर बह रही नदी मंगलवार सुबह 21 सेंटीमीटर नीचे आ गई है। लेकिन तेज धारा पहले से नम जमीन को तेजी से काट रही है।
अयोध्या स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के मुताबिक नदी खतरे के निशान 92.730 मीटर से घटकर 92.520 मीटर पर आ गई है। घटने का सिलसिला लगातार जारी है। जलस्तर घटने के साथ जिले के अति संवेदनशील तटबंध-कटरिया चांदपुर पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है। तटबंध की सुरक्षा के लिए बनाए गए बेस लगातार बैठ रहे हैं। इससे तटबंध पर बने ठोकरों पर दबाव तेजी से बना हुआ है। खलवा गांव के पास ठोकर नंबर पांच पर दबाव के चलते नोज बैठने से कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। खलवा और खजांचीपुर गांव के बीच खाली कृषि योग्य भूमि को नदी तेजी से कटान करती हुई तटबंध की तरफ बढ़ रही है। ऐसे में बाढ़ खंड तटबंध सुरक्षा में लगातार सैकड़ों मजदूरों के साथ ठोकर व बैठे बेस पर मरम्मत कार्य तेजी से करा रहा है। जैसे-जैसे सरयू का जलस्तर घट रहा है नदी तेज कटान कर रही है। दिलासपुरा व टकटवा गांव के बीच भी नदी तेजी से कटान करती आबादी की तरफ बढ़ रही है। दिलासपुरा के लोग अपना घर खाली कर सुरक्षित जगहों पर सामान पहुंचा रहे हैं। देवारागंगबरार गांव के निकट नदी तेजी से कटान कर रही है। इस संबंध में एसडीओ जितेन्द्र कुमार का कहना है नदी तेजी से घट रही है ऐसे में कटान होना स्वाभाविक है। तटबंध पर मरम्मत कार्य चल रहा है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।
कटान से किसानों के होश उड़े
विक्रमजोत। माझा के लिए आफत बनी सरयू नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है, जिसके चलते खेती योग्य जमीन कट रही है। तटबंधविहीन गांवों के लिए सरयू आफत बनी हुई है।
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क्षेत्र के केशवपुर, रानीपुर कठवनियां, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, सहजौरा संदलपुर छतौना समेत आधा दर्जन गांवों में नदी भीषण कटान कर रही है। नदी की धारा किसानों को जहां बेकार बनाने पर तुली है, वहीं, भरथापुर, कल्यानपुर और सहजौरा के लिए अभिशाप बनती नजर आ रही है। मंगलवार को केशवपुर में हुई कटान देखकर किसानों के होश उड़े नजर आए। साथ ही गांव के भी करीब बढ़ रही नदी से दहशत भी है। बाघानाला में सरयू नदी कटान कर रही है। भरथापुर में बाग को निशाना बनाकर घरों की ओर बढ़ रही है। प्राथमिक विद्यालय सीतारामपुर के सामने नदी कटान कर परिसर को बहाने पर तुली है। उसके पूरब कई एकड़ खेती धारा में समा चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि कटान का यही हाल रहा तो जल्द ही ग्रामीणों के आशियाने उजड़ने लगेंगे। पड़ाव व चानपुर और सहजौरा में खेती की जमीन नदी में समा रही। संदलपुर व छतौना मांझा वाले जगहों पर कटान चल रही है। राम चन्द्र यादव, राम भवन, सतीश कुमार पांडेय, केशव चन्द्र, रमेश कुमार, राजबहादुर, सुमित, सुशील कुमार, संजय यादव सहित तमाम लोगों का कहना है बाढ़ खंड की लापरवाही के चलते लगातार खेत नदी में जा रहे हैं। पुराने सभी ठोकर क्षतिग्रस्त होकर बह गए हैं। न तो कोई मरम्मत का कार्य हुआ और न ही उन्हें पुनर्जीवित किया गया। इससे हमारा गांव खतरे में है।
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अयोध्या स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के मुताबिक नदी खतरे के निशान 92.730 मीटर से घटकर 92.520 मीटर पर आ गई है। घटने का सिलसिला लगातार जारी है। जलस्तर घटने के साथ जिले के अति संवेदनशील तटबंध-कटरिया चांदपुर पर दबाव बढ़ता ही जा रहा है। तटबंध की सुरक्षा के लिए बनाए गए बेस लगातार बैठ रहे हैं। इससे तटबंध पर बने ठोकरों पर दबाव तेजी से बना हुआ है। खलवा गांव के पास ठोकर नंबर पांच पर दबाव के चलते नोज बैठने से कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। खलवा और खजांचीपुर गांव के बीच खाली कृषि योग्य भूमि को नदी तेजी से कटान करती हुई तटबंध की तरफ बढ़ रही है। ऐसे में बाढ़ खंड तटबंध सुरक्षा में लगातार सैकड़ों मजदूरों के साथ ठोकर व बैठे बेस पर मरम्मत कार्य तेजी से करा रहा है। जैसे-जैसे सरयू का जलस्तर घट रहा है नदी तेज कटान कर रही है। दिलासपुरा व टकटवा गांव के बीच भी नदी तेजी से कटान करती आबादी की तरफ बढ़ रही है। दिलासपुरा के लोग अपना घर खाली कर सुरक्षित जगहों पर सामान पहुंचा रहे हैं। देवारागंगबरार गांव के निकट नदी तेजी से कटान कर रही है। इस संबंध में एसडीओ जितेन्द्र कुमार का कहना है नदी तेजी से घट रही है ऐसे में कटान होना स्वाभाविक है। तटबंध पर मरम्मत कार्य चल रहा है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।
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कटान से किसानों के होश उड़े
विक्रमजोत। माझा के लिए आफत बनी सरयू नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है, जिसके चलते खेती योग्य जमीन कट रही है। तटबंधविहीन गांवों के लिए सरयू आफत बनी हुई है।
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क्षेत्र के केशवपुर, रानीपुर कठवनियां, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, सहजौरा संदलपुर छतौना समेत आधा दर्जन गांवों में नदी भीषण कटान कर रही है। नदी की धारा किसानों को जहां बेकार बनाने पर तुली है, वहीं, भरथापुर, कल्यानपुर और सहजौरा के लिए अभिशाप बनती नजर आ रही है। मंगलवार को केशवपुर में हुई कटान देखकर किसानों के होश उड़े नजर आए। साथ ही गांव के भी करीब बढ़ रही नदी से दहशत भी है। बाघानाला में सरयू नदी कटान कर रही है। भरथापुर में बाग को निशाना बनाकर घरों की ओर बढ़ रही है। प्राथमिक विद्यालय सीतारामपुर के सामने नदी कटान कर परिसर को बहाने पर तुली है। उसके पूरब कई एकड़ खेती धारा में समा चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि कटान का यही हाल रहा तो जल्द ही ग्रामीणों के आशियाने उजड़ने लगेंगे। पड़ाव व चानपुर और सहजौरा में खेती की जमीन नदी में समा रही। संदलपुर व छतौना मांझा वाले जगहों पर कटान चल रही है। राम चन्द्र यादव, राम भवन, सतीश कुमार पांडेय, केशव चन्द्र, रमेश कुमार, राजबहादुर, सुमित, सुशील कुमार, संजय यादव सहित तमाम लोगों का कहना है बाढ़ खंड की लापरवाही के चलते लगातार खेत नदी में जा रहे हैं। पुराने सभी ठोकर क्षतिग्रस्त होकर बह गए हैं। न तो कोई मरम्मत का कार्य हुआ और न ही उन्हें पुनर्जीवित किया गया। इससे हमारा गांव खतरे में है।