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सम्मान निधि : फार्मर रजिस्ट्री से आधार तक तमाम मुश्किलें
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कृषि भवन, बस्ती।
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बस्ती। पीएम सम्मान निधि किसानों को आर्थिक मुसीबत से उबारने की संजीवनी भले हैं, मगर इसका लाभार्थी बनना आसान नहीं है। पीएम किसान सम्मान निधि पोर्टल पर जिले भर से 5 लाख 20 हजार किसान पंजीकृत हैं।
पंजीकृत आंकड़ों से ही मिलान करें तो इसमें भी एक लाख 44 हजार 867 किसान सम्मान निधि से वंचित हैं। इतनी बड़ी संख्या में किसान अभी भी पूर्ण रूप से लाभार्थी नहीं बन सकें हैं। किसी फार्मर रजिस्ट्री अपूर्ण बताई जा रही है तो किसी का ई-केवाईसी नहीं होने का मामला है।
भानपुर तहसील के सोनहा निवासी राम प्रकाश कहते हैं कि योजना का लाभार्थी बनने में कई तरह की अड़चन है। सबसे पहली प्रक्रिया फार्मर रजिस्ट्री की है। सहज जन सेवा केंद्रों पर कंप्यूटर के माहिर ऑपरेटर नहीं मिलते हैं। जिससे कई केंद्रों पर इसकी प्रक्रिया ही नहीं पूरी हो पा रही है। गांव से लेकर ब्लॉक और तहसील तक फार्मर रजिस्ट्री करने वाले सरकारी नुमाइंदे खोजने पर भी नहीं मिल रहे हैं। यदि कोई जानकार कंप्यूटर ऑपरेटर मिल गया तब तो ठीक वरना अगले दिन फिर कागज लेकर दौड़िए।
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सदर तहसील के मड़वानगर के विलास बताते हैं कि यदि आधार और बैंक पासबुक में नाम मिस मैच होने के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। मोबाइल नंबर भी आधार से लिंक होना जरूरी है। जिनका आधार 10 से 15 साल पुराना है उनका उस समय का मोबाइल नंबर नहीं है। ऐसे में फार्मर रजिस्ट्री से पहले आधार संशोधन के लिए डाकखाने का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसी गांव के किसान भगवती प्रसाद बताते हैं कि सभी प्रपत्र सही होने के बाद भी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
सीएससी पर जाने के बाद अक्सर सर्वर डाउन होने से पोर्टल नहीं चलने की बात कहकर लौटा दिया जा रहा है। ऐसे में सम्मान निधि का लाभार्थी बनने के लिए किसानों को सिर्फ परेशानी झेलनी पड़ रही है। जबकि सीएससी सेंटर के कर्मचारी राकेश कुमार कहते हैं कि पोर्टल नियमित रूप से न चलने के कारण हम लोग किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण और ई-केवाईसी करने में असमर्थ हो जा रहे हैं।
पिछले बार की अपेक्षा 18,867 किसानों को नहीं मिली सम्मान निधि : जिले भर में पीएम किसान निधि पोर्टल पर 5.20 लाख किसान पंजीकृत हैं। पिछले बार जनवरी में इस योजना की 20 वीं किस्त केवल लाख, 94 हजार किसानों को मिली थी। अभी पिछले महीने 21 वीं किस्त के आवंटन में लाभान्वित किसानों की संख्या घटकर 3 लाख 75 हजार 133 हो गई। 20 वीं किस्त से लाभांवित 18,867 किसान इस योजना से इस बार वंचित हो गए हैं।
विभाग के तरफ से दलील दी जा रही है कि कुछ किसानों का फार्मर रजिस्ट्री न होने के कारण 21 वीं किस्त नहीं आई है और कुछ मृतक किसान भी इस आंकड़े में शामिल हैं। जबकि पंजीकृत 1,44,867 किसान योजना से पूरी तरह वंचित है।
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पंजीकृत आंकड़ों से ही मिलान करें तो इसमें भी एक लाख 44 हजार 867 किसान सम्मान निधि से वंचित हैं। इतनी बड़ी संख्या में किसान अभी भी पूर्ण रूप से लाभार्थी नहीं बन सकें हैं। किसी फार्मर रजिस्ट्री अपूर्ण बताई जा रही है तो किसी का ई-केवाईसी नहीं होने का मामला है।
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भानपुर तहसील के सोनहा निवासी राम प्रकाश कहते हैं कि योजना का लाभार्थी बनने में कई तरह की अड़चन है। सबसे पहली प्रक्रिया फार्मर रजिस्ट्री की है। सहज जन सेवा केंद्रों पर कंप्यूटर के माहिर ऑपरेटर नहीं मिलते हैं। जिससे कई केंद्रों पर इसकी प्रक्रिया ही नहीं पूरी हो पा रही है। गांव से लेकर ब्लॉक और तहसील तक फार्मर रजिस्ट्री करने वाले सरकारी नुमाइंदे खोजने पर भी नहीं मिल रहे हैं। यदि कोई जानकार कंप्यूटर ऑपरेटर मिल गया तब तो ठीक वरना अगले दिन फिर कागज लेकर दौड़िए।
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सदर तहसील के मड़वानगर के विलास बताते हैं कि यदि आधार और बैंक पासबुक में नाम मिस मैच होने के कारण फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। मोबाइल नंबर भी आधार से लिंक होना जरूरी है। जिनका आधार 10 से 15 साल पुराना है उनका उस समय का मोबाइल नंबर नहीं है। ऐसे में फार्मर रजिस्ट्री से पहले आधार संशोधन के लिए डाकखाने का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इसी गांव के किसान भगवती प्रसाद बताते हैं कि सभी प्रपत्र सही होने के बाद भी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
सीएससी पर जाने के बाद अक्सर सर्वर डाउन होने से पोर्टल नहीं चलने की बात कहकर लौटा दिया जा रहा है। ऐसे में सम्मान निधि का लाभार्थी बनने के लिए किसानों को सिर्फ परेशानी झेलनी पड़ रही है। जबकि सीएससी सेंटर के कर्मचारी राकेश कुमार कहते हैं कि पोर्टल नियमित रूप से न चलने के कारण हम लोग किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण और ई-केवाईसी करने में असमर्थ हो जा रहे हैं।
पिछले बार की अपेक्षा 18,867 किसानों को नहीं मिली सम्मान निधि : जिले भर में पीएम किसान निधि पोर्टल पर 5.20 लाख किसान पंजीकृत हैं। पिछले बार जनवरी में इस योजना की 20 वीं किस्त केवल लाख, 94 हजार किसानों को मिली थी। अभी पिछले महीने 21 वीं किस्त के आवंटन में लाभान्वित किसानों की संख्या घटकर 3 लाख 75 हजार 133 हो गई। 20 वीं किस्त से लाभांवित 18,867 किसान इस योजना से इस बार वंचित हो गए हैं।
विभाग के तरफ से दलील दी जा रही है कि कुछ किसानों का फार्मर रजिस्ट्री न होने के कारण 21 वीं किस्त नहीं आई है और कुछ मृतक किसान भी इस आंकड़े में शामिल हैं। जबकि पंजीकृत 1,44,867 किसान योजना से पूरी तरह वंचित है।