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Basti News: लापरवाही में रोका बीएसए और एक्सईएन का वेतन

Mon, 08 May 2023 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Mon, 08 May 2023 01:04 AM IST
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Salary of BSA and XEN stopped due to negligence
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक करतीं डीएम प्रियंका निरंजन व अन्य अधिकारी। 
बस्ती। संस्थागत प्रसव को लेकर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिले के आधा दर्जन सीएचसी पर 50 से कम प्रसव पाए जाने पर डीएम प्रियंका निरंजन ने इनके एमओआईसी का वेतन रोक दिया है। इसके अलावा स्कूलों में स्थापित इंडिया मार्का-टू हैंडपंप का पानी जांच न कराने पर डीएम ने एक्सईएन जल निगम, यूपीपीसीएल व बीएसस का भी वेतन रोका है। निर्देश के बाद भी निष्क्रिय आशा के खिलाफ कार्रवाई न करने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई है।
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डीएम रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ले रही थीं। डीएम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चिलवनिया, मंझरिया, वाल्टरगंज, बेलभरिया, काशीपुर, डुमरी के एमओआईसी का माह में तीन से कम प्रसव पाये जाने पर स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सीएचसी बहादुरपुर, मुंडेरवा, मरवटिया, कुदरहॉ, अमरौली सुमाली तथा दुबौलिया में 50 से कम प्रसव पाये जाने पर डीएम प्रियंका निरंजन ने इनके एमओआईसी का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।
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डीएम ने सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति को निर्देशित किया है कि निष्क्रिय आशा के विरूद्ध कार्रवाई कराने के लिए सभी बीडीओ को सक्रिय करें। सभी एमओआईसी ऐसी निष्क्रिय आशा की सूची संबंधित बीडीओ को उपलब्ध करायेंगे। उन्होंने पीएचसी चिलवनिया, बेलघाट, हलवा, हर्दी, मुसहा में परिवार नियोजन की सेवाएं प्रारंभ न होने पर संबंधित एमओआईसी का स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया है। परसरामपुर, विक्रमजोत, दुबौलिया, हर्रैया, गौर, कप्तानगंज, मरवटिया, बहादुरपुर, बनकटी, कुदरहॉ, सॉऊघाट, सल्टौआ गोपालपुर, भानपुर के एमओआईसी का सभी आशा को बीएचआईआर अपडेट न पाये जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। कहा कि नियमित टीकाकरण का कम्यूनिकेशन प्लान न होने के कारण बच्चों को शतप्रतिशत टीके नहीं लग पा रहे है। यूनिसेफ तथा डब्लूएचओं के प्रतिनिधियों ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। आकांक्षी ब्लाक में भी गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन समय से नहीं हो रहा है। हर्रैया और कुदरहॉ में सबसे खराब स्थिति है। इसमें राज्य का औसत 98 है, जबकि जिले का 81 है। एएलसी के लिए रजिस्ट्रेशन गर्भधारण के समय न करके डिलेवरी के समय किया जाना अत्यन्त आपत्तिजनक है। समीक्षा में पाया गया कि दो माह से सीएचसी/पीएचसी पर कैल्शियम नहीं भेजा गया है। गर्भवती महिलाओं की हिमोग्लोबिन टेस्ट एएनएम के माध्यम से नहीं किया जा रहा है और फर्जी रिपोर्टिंग की सूचना प्राप्त हुयी है। डीएम ने इस पर आपत्ति जताई। संचालन डीपीएम ए.के. पाण्डेय ने किया।
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इस मौके पर सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति, सीएमओ डॉ. आरपी मिश्रा, एसीएमओ डॉ. फखरेयार हुसैन, एसआईसी डॉ. आलोक, सीएमएस कैली डॉ. एनएन प्रसाद, डॉ. एके कुशवाहॉ, डॉ. सुधांशू द्विवेदी, डॉ. विनोद, बीएसए डॉ. इंदजीत प्रजापति, डीपीओ सावित्री आदि मौजूद रहे।
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