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रोचक मुकाबले की ओर रुधौली की चुनावी जंग

Sat, 26 Feb 2022 11:53 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 11:53 PM IST
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Rudholi Vidhan Sabha seet Rochak
रोचक मुकाबले की ओर रुधौली विधानसभा क्षेत्र की चुनावी जंग
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रुधौली (बस्ती )। प्रदेश की दस बड़ी विधानसभाओं में शामिल रुधौली विधानसभा की इस साल की चुनावी जंग दिलचस्प हो गई है। अच्छी संख्या में ब्राह्मण, कुर्मी और मुस्लिम समेत दलित वर्ग के मतदाताओं के रुझान से नतीजा निकलने की उम्मीद है। भाजपा ने यहां से 10 वर्षों से विधायक रहे संजय जायसवाल की पत्नी संगीता जायसवाल मैदान में हैं। कांग्रेस ने बसंत चौधरी और सपा ने राजेंद्र चौधरी पर दांव लगाया है। बसपा ने अशोक मिश्रा पर दांव खेला है।
रुधौली विधानसभा सीट वर्ष 2012 में अस्तित्व में आई। इससे पहले यह रामनगर के नाम से जानी जाती थी। 2012 में इस सीट पर कांग्रेस के संजय प्रताप जायसवाल ने बसपा के राजेंद्र प्रसाद चौधरी को हराकर सीट पर कब्जा जमाया। 2017 के बदले चुनावी माहौल में उन्होंने भाजपा के दामन थामा और दोबारा जीत दर्ज की। इस बार उनका टिकट कटा जरूर, लेकिन अब उनकी पत्नी पर संजय जायसवाल की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है। 2007 के चुनाव में बसपा के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले राजेंद्र प्रसाद चौधरी इस बार सपा के टिकट पर मैदान में हैं। 2012 में भी उन्होंने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन दूसरे नंबर से ही संतोष करना पड़ा था।
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वहीं, इस बार बसपा ने यहां पर ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए सल्टौवा ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अशोक मिश्रा को प्रत्याशी बनाया है, जो मुकाबले को रोचक बना रहा है। वहीं, कांग्रेस के टिकट पर 2009 का लोकसभा चुनाव लड़ चुके बसंत चौधरी कांग्रेस के टिकट पर क्षेत्र के विकास के मुद्दे को लेकर मैदान में हैं। अठदमा परिवार के पुष्करादित्य सिंह आम आदमी पार्टी से मैदान में हैं। इस परिवार से उनके बाबा दिवाकर विक्रम सिंह छह बार व पिता आदित्य विक्रम सिंह एक बार विधायक रहे हैं।
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रुधौली विधानसभा क्षेत्र की स्थिति
आजादी के बाद रुधौली विधानसभा क्षेत्र वर्ष 1946 में डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा हुआ करता था। जिसे वर्ष 1969 में डुमरियागंज विधानसभा को तोड़कर तीन विधानसभाओं डुमरियागंज, खेसरहा व रामनगर में बांटा गया, जिसमें वर्तमान रुधौली विधानसभा का कुछ हिस्सा रहा तथा कुछ हिस्सा रामनगर विधानसभा में हुआ करता था। इसके बाद वर्ष 2008 के परिसीमन में खेसरहा व रामनगर विधानसभा को सम्मिलित कर इस रुधौली विधानसभा का सृजन किया गया। वर्ष 2012 के चुनाव में पूर्ण रूप से अस्तित्व में आया रुधौली विधान सभा क्षेत्र 2022 के चुनाव में अपनी तीसरी पारी खेलने जा रहा है। जिसमें चार ब्लॉकों के 31 न्याय पंचायत के 539 ग्राम पंचायतों के 4 लाख 30 हजार मतदाता इस विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों से भाग्य आजमा रहे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।

जातीय समीकरण
रुधौली, रामनगर, सल्टौवा व साऊंघाट ब्लॉक के कुछ भाग को मिलाकर बने रुधौली विधानसभा क्षेत्र में कुल लगभग 4,30,890 मतदाता है। इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 2,28,591 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 2,00,795 है। जबकि 35 मत थर्ड जेंडर के भी शामिल हैं। जातीय समीकरण के आधार पर देखें तो मुस्लिम मतदाता लगभग 95 हजार, अनुसूचित 73 हजार, कुर्मी 75 हजार, ब्राह्मण 41 हजार, ठाकुर 21 हजार, यादव बिरादरी से लगभग 29 हजार मतदाता हैं। इसके अलावा मतदाताओं के रूप में अन्य जातियों के लोग शामिल हैं।
वर्ष 2017 का चुनाव परिणाम
कुल मतदाता 4,08,838
मतदान 2,22,611
संजय जायसवाल, भाजपा 90,228
राजेंद्र प्रसाद चौधरी, बसपा 68,423
सईद अहमद, सपा-कांग्रेस गठबंधन 51,743
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