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रोडवेज परिसर में लगा स्वच्छता पर ग्रहण
basti
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:34 PM IST
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परिसर में फैली गंदगी।
- फोटो : amar ujala
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सरकार है कि स्वच्छता को लेकर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। लेकिन जन सामान्य पर इसका असर ही नहीं। मंडल मुख्यालय स्थित परिवहन निगम का डिपो परिसर सरकार का संदेश व निर्देश दोनों को मुंह चिढ़ाता नजर आ रहा है। परिसर की सफेद दीवारों पर जगह-जगह पान के पीक अपनी मौजूदगी का एहसास कराते हैं तो परिसर भी गंदगी का पर्याय बन कर रह गया है। यहां उठती सड़ांध व गंदगी से कोई भी यात्री यहां एक मिनट भी ठहरना गंवारा नहीं करता। प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी स्वच्छता का पाठ देश व प्रदेश को पढ़ा रहे हैं। स्वच्छ भारत की परिकल्पना को साकार रूप देने के लिए करोड़ों रुपये बहाए जा रहे हैं, मगर इसका असर कहीं नजर नहीं आ रहा है।
जगह-जगह कूड़ा व गंदगी का अंबार
सरकार का प्रयास यहां केवल कागजी नजर आ रहा है। क्योंकि परिवहन निगम डिपो परिसर में चारों ओर गंदगी व कूड़े का अंबार है। प्रसाधन की सफाई न होने के कारण वातावरण में बदबू उठ रही है। यात्री इसी के बीच नाक बंद कर आते-जाते हैं। शेड के नीचे स्थित पेयजल का पाइप लीक है, जिससे 24 घंटे पानी टपकता है। इस पानी का निकास न होने के कारण यह परिसर के इसी भाग में एकत्रित होकर सड़ रहा है। पानी गिरने के कारण दीवारों पर काई लग गई है, जिससे यात्री यहां आने से कतराते हैं। पूछताछ केंद्र व टिकट घर के पास भी हालात अच्छे नहीं हैं। यहां लोग बेझिझक पान का पीक थूकते हैं, जिससे यहां की दीवार पर जगह-जगह लाल निशान बन गए हैं।
यह है वर्कशाप का हाल
परिवहन निगम के दूसरे हिस्से में बसों की सफाई व मरम्मत के लिए वर्कशाप स्थापित किया गया है। इसकी भी स्थिति बेहद दयनीय है। ईंधन स्थल पर जहां पानी जमा होता है वहीं वर्कशाप के नाली का पाइप जाम होने के कारण गाड़ी सफाई का पानी भी परिसर में ही एकत्रित होता है। यदि बारिश हो गई तो पूरा परिसर लबालब हो जाता है। वर्कशाप की जमीन सड़क से नीची है इस नाते आसपास के मोहल्लों का पानी भी यहीं आकर ठहर जाता है। जिससे यहां हर समय पानी जमा रहता है।
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सफाई कर्मियों की कमी ने बढ़ाई समस्या
सफाई को लेकर तमाम आदेश निर्देश कर्मियों की कमी के चलते दम तोड़ रही है। यहां दो ठेका तो एक संविदा सफाई कर्मी लगाया गया है। जो दिन भर झाड़ू लेकर परिसर को साफ करता जरूर है, मगर भीड़-भाड़ वाले स्टेशन परिसर में लोग यहां वहां कूड़ा फेंक देते हैं।
यात्रियों से एआरएम ने मांगा सहयोग
एआरएम छोटे लाल कहते हैं कि स्वच्छता को लेकर सरकार के हर निर्देश का पालन परिवहन निगम करता है, मगर पानी निकास की सुचारु व्यवस्था न होने के कारण समस्या आ रही है। कहते हैं कि यहां यात्री भी सहयोग करें तो निश्चित रूप से परिसर स्वच्छ हो जाएगा। चूंकि अभी चंद रोज पहले ही यहां मैंने ज्वाइन किया है। ऐसे में धीरे-धीरे व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी जाएगी।
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सरकार है कि स्वच्छता को लेकर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। लेकिन जन सामान्य पर इसका असर ही नहीं। मंडल मुख्यालय स्थित परिवहन निगम का डिपो परिसर सरकार का संदेश व निर्देश दोनों को मुंह चिढ़ाता नजर आ रहा है। परिसर की सफेद दीवारों पर जगह-जगह पान के पीक अपनी मौजूदगी का एहसास कराते हैं तो परिसर भी गंदगी का पर्याय बन कर रह गया है। यहां उठती सड़ांध व गंदगी से कोई भी यात्री यहां एक मिनट भी ठहरना गंवारा नहीं करता। प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी स्वच्छता का पाठ देश व प्रदेश को पढ़ा रहे हैं। स्वच्छ भारत की परिकल्पना को साकार रूप देने के लिए करोड़ों रुपये बहाए जा रहे हैं, मगर इसका असर कहीं नजर नहीं आ रहा है।
जगह-जगह कूड़ा व गंदगी का अंबार
सरकार का प्रयास यहां केवल कागजी नजर आ रहा है। क्योंकि परिवहन निगम डिपो परिसर में चारों ओर गंदगी व कूड़े का अंबार है। प्रसाधन की सफाई न होने के कारण वातावरण में बदबू उठ रही है। यात्री इसी के बीच नाक बंद कर आते-जाते हैं। शेड के नीचे स्थित पेयजल का पाइप लीक है, जिससे 24 घंटे पानी टपकता है। इस पानी का निकास न होने के कारण यह परिसर के इसी भाग में एकत्रित होकर सड़ रहा है। पानी गिरने के कारण दीवारों पर काई लग गई है, जिससे यात्री यहां आने से कतराते हैं। पूछताछ केंद्र व टिकट घर के पास भी हालात अच्छे नहीं हैं। यहां लोग बेझिझक पान का पीक थूकते हैं, जिससे यहां की दीवार पर जगह-जगह लाल निशान बन गए हैं।
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यह है वर्कशाप का हाल
परिवहन निगम के दूसरे हिस्से में बसों की सफाई व मरम्मत के लिए वर्कशाप स्थापित किया गया है। इसकी भी स्थिति बेहद दयनीय है। ईंधन स्थल पर जहां पानी जमा होता है वहीं वर्कशाप के नाली का पाइप जाम होने के कारण गाड़ी सफाई का पानी भी परिसर में ही एकत्रित होता है। यदि बारिश हो गई तो पूरा परिसर लबालब हो जाता है। वर्कशाप की जमीन सड़क से नीची है इस नाते आसपास के मोहल्लों का पानी भी यहीं आकर ठहर जाता है। जिससे यहां हर समय पानी जमा रहता है।
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सफाई कर्मियों की कमी ने बढ़ाई समस्या
सफाई को लेकर तमाम आदेश निर्देश कर्मियों की कमी के चलते दम तोड़ रही है। यहां दो ठेका तो एक संविदा सफाई कर्मी लगाया गया है। जो दिन भर झाड़ू लेकर परिसर को साफ करता जरूर है, मगर भीड़-भाड़ वाले स्टेशन परिसर में लोग यहां वहां कूड़ा फेंक देते हैं।
यात्रियों से एआरएम ने मांगा सहयोग
एआरएम छोटे लाल कहते हैं कि स्वच्छता को लेकर सरकार के हर निर्देश का पालन परिवहन निगम करता है, मगर पानी निकास की सुचारु व्यवस्था न होने के कारण समस्या आ रही है। कहते हैं कि यहां यात्री भी सहयोग करें तो निश्चित रूप से परिसर स्वच्छ हो जाएगा। चूंकि अभी चंद रोज पहले ही यहां मैंने ज्वाइन किया है। ऐसे में धीरे-धीरे व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी जाएगी।