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गड्ढामुक्त सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे

Mon, 29 Jan 2018 11:38 PM IST
basti
basti Updated Mon, 29 Jan 2018 11:38 PM IST
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roads not repaired
पांडेय बाजार की सडुक। - फोटो : amar ujala
बस्ती। 
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प्रदेश सरकार के आदेश पर जिले में 15 जून 2017 तक 1505 किलोमीटर की 484 सड़कों पर 63 करोड़ रुपये खर्च कर गड्ढामुक्त किया गया। फिर इतनी ही धनराशि इन्हीं सड़कों पर दिसंबर 2017 में खर्च कर दी गई। लेकिन सड़कें जस की तस हैं। कुछ सड़कें तो गड्ढामुक्ति के बाद और खराब हो गईं हैं। इधर, एक्सईएन का दावा है कि ये सड़कें पहले से बेहतर हुई हैं। 
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड और पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के रिकॉर्ड के मुताबिक जो रिपोर्ट शासन को भेजी गई है, उनमें दोनों खंडों में 1505 किलोमीटर की 484 सड़कों को शत-प्रतिशत गड्ढामुक्त दिखाया गया है। गड्ढामुक्त करने में 63 करोड़ 10 लाख से अधिक का खर्च बताया गया। सबसे अधिक धन पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक में खर्च किया गया। यहां पर बिना ई-टेंडर कराए ठेका देने का आरोप भी विभाग पर लग चुका है। इसकी जांच चल रही है। 799 किलोमीटर की 290 सड़कों को गड्ढामुक्त करने के नाम पर 33.55 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसी तरह पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड में 194 सड़कों के 706 किलोमीटर पर 29.65 करोड़ रुपये खर्च किए गए। 
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प्रतिनिधियों से मिली जानकारी के अनुसार कोई भी ऐसी सड़क नहीं हैं, जिसे गड्ढामुक्त कहा जा सके। सबसे खराब हालत कैली रोड की है। इस महत्वपूर्ण सड़क को आज तक पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड ठीक नहीं कर सका जबकि पिछले पांच माह में एक करोड़ रुपये से अधिक का खर्च इस सड़क पर हो चुका है। सड़क में जगह-जगह गड्ढे मरीजों की जान सांसत में डाल देते हैं। दूसरी सड़क जो पांडेय बाजार से बरदहिया और हाईवे की ओर जाती है वह भी जानलेवा है। इस सड़क पर दस-दस फिट तक के लंबे गड्ढे हैं। इस सड़क पर तीन पूर्व विधायकों के घर भी हैं। हड़िया से मेंहदावल रोड पर लगभग दस करोड़ रुपये विभाग ने खर्च किए पर हालत दयनीय ही है। सब कुछ जानते हुए भी विभाग अभी तक न तो ठेकेदार पर कोई कार्रवाई कर पाया और न ही सड़क का निर्माण करा पाया। शहर के कंपनीबाग से सिविल लाइंस रोड तक को विभाग सही तरीके से गड्ढामुक्त नहीं करा पाया जबकि इस मार्ग से प्रतिदिन वीआईपी लोगों का आना-जाना रहता है। इस सड़क की मरम्मत तब होती है जब कोई बड़ा नेता या मंत्री आता है। 
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हालत पहले से बेहतर : एक्सईएन 
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के एक्सईएन डीएन यादव कहते हैं कि सड़कों की हालत पहले से बेहतर हुई है। और अधिक बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि जहां कहीं किसी सड़क की गुणवत्ता खराब होने की जानकारी मिलती है उसे तत्काल ठीक कराया जाता है। ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है। अन्य सड़कों की भी जानकारी लेंगे। 
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