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गड्ढा मुक्ति को जरूरत 345 लाख की, अवमुक्त 90 लाख
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गड्ढा मुक्ति को जरूरत 345 लाख की, अवमुक्त 90 लाख
बस्ती। सड़कों के गड्ढा मुक्ति को लेकर सारी कवायद महज कागजी बन कर रह गई है। वर्ष भर से चल रही कागजी कार्रवाई के बावजूद अब तक 409 किमी सड़क की गड्ढा मुक्ति के लिए 345 लाख के आंकलन के सापेक्ष लोक निर्माण विभाग को मात्र 90 लाख रुपये मिलें हैं।
इधर, मुंडेरवा मिल के चलने की घोषणा के बाद इस क्षेत्र की दो सड़कों पर वाहनों के भार बढ़ने की उम्मीद को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने नए सिरे से करीब 60 करोड़ रुपये का प्रस्ताव फिर से शासन को भेजा है।
जिले की सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। इन सड़कों पर असंख्य गड्ढे हैं। हालात का आंकलन कर योगी सरकार ने पीडब्लूडी से इनके गड्ढा मुक्ति का प्रस्ताव वर्ष भर पहले मांगा था, जिसके सर्वे के बाद यह तथ्य उभर कर सामने आया कि विभाग की 409 किमी सड़क को गड्ढा मुक्त किए जाने की जरूरत है। इसके लिए शासन को पीडब्लूडी ने 345 लाख रुपये की डिमांड की। मगर, काफी मशक्कत के बाद भी केवल 90 लाख रुपये की दो किश्त ही विभाग को अवमुक्त हुआ। इस धन से विभाग ने छिटपुट कार्य कराना शुरू कर दिया है। जिम्मेदारों को उम्मीद है कि शीघ्र ही जरूरत के अनुसार धन अवमुक्त हो जाएगा। इधर मुंडेरवा में मिल संचालन के चलते विभाग मुंडेरवा लालगंज कुदरहा के 22 किमी मार्ग के लिए 41.52 करोड़ व देईसांड-बानपुर के साढ़े सात किमी मार्ग निर्माण के लिए 17.66 करोड़ के बजट की डिमांड की गई है। पीडब्लूडी निर्माण खंड के एक्सईएन शुभनरायन ने कहा कि गड्ढा मुक्ति के लिए जो धन मिला है उससे अधिकाधिक कार्य कराया जा रहा है। जहां बड़े गड्ढे हैं सबसे पहले उन्हें भरवाया जा रहा है। यह सही है कि मुंडेरवा मिल संचालन के बाद दो सड़कों पर वाहनों का बोझ बढ़ेेगा। ऐसे में उनके नव निर्माण की जरूरत है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
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बस्ती। सड़कों के गड्ढा मुक्ति को लेकर सारी कवायद महज कागजी बन कर रह गई है। वर्ष भर से चल रही कागजी कार्रवाई के बावजूद अब तक 409 किमी सड़क की गड्ढा मुक्ति के लिए 345 लाख के आंकलन के सापेक्ष लोक निर्माण विभाग को मात्र 90 लाख रुपये मिलें हैं।
इधर, मुंडेरवा मिल के चलने की घोषणा के बाद इस क्षेत्र की दो सड़कों पर वाहनों के भार बढ़ने की उम्मीद को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने नए सिरे से करीब 60 करोड़ रुपये का प्रस्ताव फिर से शासन को भेजा है।
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जिले की सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। इन सड़कों पर असंख्य गड्ढे हैं। हालात का आंकलन कर योगी सरकार ने पीडब्लूडी से इनके गड्ढा मुक्ति का प्रस्ताव वर्ष भर पहले मांगा था, जिसके सर्वे के बाद यह तथ्य उभर कर सामने आया कि विभाग की 409 किमी सड़क को गड्ढा मुक्त किए जाने की जरूरत है। इसके लिए शासन को पीडब्लूडी ने 345 लाख रुपये की डिमांड की। मगर, काफी मशक्कत के बाद भी केवल 90 लाख रुपये की दो किश्त ही विभाग को अवमुक्त हुआ। इस धन से विभाग ने छिटपुट कार्य कराना शुरू कर दिया है। जिम्मेदारों को उम्मीद है कि शीघ्र ही जरूरत के अनुसार धन अवमुक्त हो जाएगा। इधर मुंडेरवा में मिल संचालन के चलते विभाग मुंडेरवा लालगंज कुदरहा के 22 किमी मार्ग के लिए 41.52 करोड़ व देईसांड-बानपुर के साढ़े सात किमी मार्ग निर्माण के लिए 17.66 करोड़ के बजट की डिमांड की गई है। पीडब्लूडी निर्माण खंड के एक्सईएन शुभनरायन ने कहा कि गड्ढा मुक्ति के लिए जो धन मिला है उससे अधिकाधिक कार्य कराया जा रहा है। जहां बड़े गड्ढे हैं सबसे पहले उन्हें भरवाया जा रहा है। यह सही है कि मुंडेरवा मिल संचालन के बाद दो सड़कों पर वाहनों का बोझ बढ़ेेगा। ऐसे में उनके नव निर्माण की जरूरत है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
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